पीएम नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का फेक वीडियो सामने आया है। दुर्गेश कुमार नाम के युवक ने इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। वह रायबरेली का रहने वाला है। आरोपी युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। भाजपा नेता की शिकायत पर बछरावां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। आरोपी दुर्गेश कुमार पुत्र रामदीन थाना बदरावां क्षेत्र के गांव बनावा का रहने वाला है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर हरिओम चतुर्वेदी नाम के युवक ने एक्स पर पोस्ट कर शिकायत की थी। अब विस्तार से पढ़िए… रायबरेली पुलिस के उच्चाधिकारियों से की शिकायत शिकायत करने वाले हरिओम चतुर्वेदी ने कहा- रायबरेली के रहने वाले युवक दुर्गेश ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक AI जेनरेटड वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। यह बहुत आपत्तिजनक है। इसकी शिकायत मैंने एक्स हैंडल ‘हरिओम चतुर्वेदी बीजेपी’ से पोस्ट डालकर रायबरेली पुलिस के उच्चाधिकारियों से की है। लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएं
कार्रवाई के बाद उन्होंने लिखा- बछरावां पुलिस ने दुर्गेश को गिरफ्तार कर लिया है। सभी से निवेदन है यदि आप किसी नेता का विरोध करना चाहते हैं तो लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएं। इस तरह अपमानजनक पोस्ट कर किसी की भावनाओं को ठेस मत पहुंचाएं। कौन हैं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी?
जॉर्जिया मेलोनी कैथोलिक हैं और इटली की प्रधानमंत्री हैं। 22 अक्टूबर 2022 को उन्होंने यह पद संभाला था। वे दक्षिणपंथी और राष्ट्रीय-रूढ़िवादी राजनीतिक दल फ्राटेली डी’इटालिया की नेता हैं। पार्टी की शुरुआत साल 2012 में हुई थी और मेलोनी साल 2014 से पार्टी की अध्यक्ष हैं। मेलोनी नाटो समर्थक हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की समर्थक हैं। साल 2021 में उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी Io sono Giorgia लॉन्च की थी। जॉर्जिया मेलोनी कई बार डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं। हाल ही में उनकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे पोर्न वेबसाइट पर इस्तेमाल किया गया। टारगेट सिर्फ मेलोनी नहीं बल्कि उनकी बहन समेत इटली की कई जानी-मानी हस्तियों को किया गया। मोदी डीपफेक टेक्नोलॉजी को बता चुके हैं खतरनाक
PM मोदी ने डीपफेक वीडियो को लेकर कहा था- ‘AI की ताकत से ये वीडियो बना है, लेकिन यह एक चिंता का विषय है। विविधता वाली सोसाइटी में, जहां छोटी-छोटी बातों पर लोगों की भावनाओं को ठेस लग जाती है। वहां यह संकट पैदा कर सकता है। जब AI को बढ़ाने वाले लोग मुझसे मिले थे तो मैंने उन्हें कहा था कि जैसे सिगरेट में चेतावनी लिखी होती है। वैसे ही मैंने कहा कि जो भी इसका यूज करता है तो वहां एक चेतावनी लिखी होनी चाहिए कि ‘ये डीपफेक से बना है।’ डीपफेक क्या है?
आज के डिजिटल दौर में कई बार गलत खबरें और भ्रामक जानकारियां इंटरनेट की मदद से लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे ही वीडियो भी पहुंचाए जाते हैं। इसे डीपफेक कहते हैं। इसमें असली और नकली की पहचान बेहद मुश्किल होती है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक (AI) और मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इनका उपयोग करके मीडिया फाइल जैसे फोटो, ऑडियो और वीडियो की परिवर्तित कॉपी तैयार की जाती है, जो वास्तविक फाइल की तरह ही दिखती है। सरल भाषा में कहें तो डीपफेक, मॉर्फ वीडियो का ही एडवांस रूप है। —————————— यह खबर भी पढ़ें… सपा ऑफिस के बाहर युवक ने खुद को आग लगाई:80% झुलसा, लखनऊ पुलिस कंबल में उठाकर ले गई लखनऊ में सपा ऑफिस के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की। वह जेब में पेट्रोल भरी बोतल लेकर आया था। सपा ऑफिस के बाहर ही उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।युवक के आग लगाते ही वहां भगदड़ मच गई। जैसे-तैसे कंबल डालकर आग बुझाई गई। तब तक युवक करीब 80% तक झुलस गया था। पढ़ें पूरी खबर…
कार्रवाई के बाद उन्होंने लिखा- बछरावां पुलिस ने दुर्गेश को गिरफ्तार कर लिया है। सभी से निवेदन है यदि आप किसी नेता का विरोध करना चाहते हैं तो लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएं। इस तरह अपमानजनक पोस्ट कर किसी की भावनाओं को ठेस मत पहुंचाएं। कौन हैं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी?
जॉर्जिया मेलोनी कैथोलिक हैं और इटली की प्रधानमंत्री हैं। 22 अक्टूबर 2022 को उन्होंने यह पद संभाला था। वे दक्षिणपंथी और राष्ट्रीय-रूढ़िवादी राजनीतिक दल फ्राटेली डी’इटालिया की नेता हैं। पार्टी की शुरुआत साल 2012 में हुई थी और मेलोनी साल 2014 से पार्टी की अध्यक्ष हैं। मेलोनी नाटो समर्थक हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की समर्थक हैं। साल 2021 में उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी Io sono Giorgia लॉन्च की थी। जॉर्जिया मेलोनी कई बार डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं। हाल ही में उनकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसे पोर्न वेबसाइट पर इस्तेमाल किया गया। टारगेट सिर्फ मेलोनी नहीं बल्कि उनकी बहन समेत इटली की कई जानी-मानी हस्तियों को किया गया। मोदी डीपफेक टेक्नोलॉजी को बता चुके हैं खतरनाक
PM मोदी ने डीपफेक वीडियो को लेकर कहा था- ‘AI की ताकत से ये वीडियो बना है, लेकिन यह एक चिंता का विषय है। विविधता वाली सोसाइटी में, जहां छोटी-छोटी बातों पर लोगों की भावनाओं को ठेस लग जाती है। वहां यह संकट पैदा कर सकता है। जब AI को बढ़ाने वाले लोग मुझसे मिले थे तो मैंने उन्हें कहा था कि जैसे सिगरेट में चेतावनी लिखी होती है। वैसे ही मैंने कहा कि जो भी इसका यूज करता है तो वहां एक चेतावनी लिखी होनी चाहिए कि ‘ये डीपफेक से बना है।’ डीपफेक क्या है?
आज के डिजिटल दौर में कई बार गलत खबरें और भ्रामक जानकारियां इंटरनेट की मदद से लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे ही वीडियो भी पहुंचाए जाते हैं। इसे डीपफेक कहते हैं। इसमें असली और नकली की पहचान बेहद मुश्किल होती है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक (AI) और मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है। इनका उपयोग करके मीडिया फाइल जैसे फोटो, ऑडियो और वीडियो की परिवर्तित कॉपी तैयार की जाती है, जो वास्तविक फाइल की तरह ही दिखती है। सरल भाषा में कहें तो डीपफेक, मॉर्फ वीडियो का ही एडवांस रूप है। —————————— यह खबर भी पढ़ें… सपा ऑफिस के बाहर युवक ने खुद को आग लगाई:80% झुलसा, लखनऊ पुलिस कंबल में उठाकर ले गई लखनऊ में सपा ऑफिस के बाहर एक युवक ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की। वह जेब में पेट्रोल भरी बोतल लेकर आया था। सपा ऑफिस के बाहर ही उसने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली।युवक के आग लगाते ही वहां भगदड़ मच गई। जैसे-तैसे कंबल डालकर आग बुझाई गई। तब तक युवक करीब 80% तक झुलस गया था। पढ़ें पूरी खबर…