मोबाइल चार्जिंग को लेकर पत्नी से लड़ाई…ज्वेलर ने जान दी:प्रतापगढ़ में 30 मिनट पहले पिता को गले लगाकर रोया, बोला- आज मेरा आखिरी दिन

प्रतापगढ़ में ज्लेवर ने शादी के 4 महीने बाद फंदे पर लटक कर जान दे दी। कमरे से 3 पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। दरअसल, मोबाइल चार्ज करने को लेकर पत्नी से मारपीट हुई थी। गुस्से में वह मायके चली गई थी। युवक गुरुवार रात 9 बजे पिता को गले लगाकर रोया। पिता से बोला- आज मेरा आखिरी दिन है। इसके बाद अपने कमरे में चला गया। रात 9.30 बजे पिता बेटे को खाना खाने के लिए बुलाने उसके कमरे में गए, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। रोशनदान से देखा, तो शव फंदे पर लटका दिखा। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे की जांच पड़ताल में 3 पन्ने का सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें युवक ने अपनी मौत का जिम्मेदार अपने सास-ससुर को ठहराया है। मामला मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुंदीपुर गांव का है।
अब पढ़िए पूरा मामला… पवन कुमार सोनी (23) अपने पिता राम कृपा सोनी, माता और पत्नी आस्था देवी के साथ मुंदीपुर गांव में रहता थे। वह पवन पेशे से सर्राफ थे और जयसवाल मार्केट में अपनी दुकान चलाते थे। नवंबर 2025 में पवन कुमार सोनी की प्रयागराज के रामापुर सहसो की रहने वाली आस्था देवी से शादी हुई थी। बुधवार, 31 मार्च को पत्नी आस्था ने फोन चार्जिंग में लगाया था। पवन ने अपना फोन चार्जिंग में लगाने को कहा, तो पत्नी ने उन्हें लात मार दी। जिसके जवाब में उन्होंने भी 2 थप्पड़ मार दिए। पत्नी ने अपने पिता को फोन पर सारी बात बताई। पवन के परिजनों का कहना है कि फोन पर ससुर ने उसे उसकी औकात दिखाने की बात कही थी। पुलिस केस की धमकी दी। पवन को अपनी सफाई देने का मौका तक नहीं दिया था। परिजनों ने बताया कि पत्नी के जाने के बाद से ही पवन मानसिक रूप से परेशान था। पवन ने कई बार पत्नी से बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। गुरुवार रात करीब 9 बजे पवन ने पिता से बातचीत की और अपने कमरे में चले गए। 3 भाई-बहनों में सबसे छोटा था पवन
पिता राम कृपा ने बताया- बेटा अचानक उनके पास आया और गले लगकर रोने लगा। बोला- आज आखिरी दिन है और ऊपर छत वाले कमरे में चला गया। कुछ देर बाद पिता उसे देखने ऊपर पहुंचे। उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया और पवन को आवाज दी। लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर पिता ने पास के रोशनदान से कमरे के अंदर झांका तो उनका बेटा पंखे के फंदे से लटका मिला। पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी दौड़कर ऊपर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर पवन को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पवन तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी बड़ी बहन मिथिलेश और भाई अंकित कुमार हैं। मौके से बरामद सुसाइड नोट में पवन ने ससुराल पक्ष पर उसके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। अब पढ़िए पवन का सुसाइड नोट… सुसाइड नोट में पवन ने लिखा- 1 अप्रैल की सुबह ससुर सत्य प्रकाश सोनी और दीपू (सेठ) मेरे घर पहुंचे। ससुर आते ही जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि मेरी बेटी अब इस घर में नहीं रहेगी। मेरी पत्नी आस्था को सामान पैक करने को कहा। मैंने पत्नी को रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन ससुर के दबाव में पत्नी सामान पैक कर चली गई। मेरी पत्नी से जाते समय फोन को लेकर भी बहस हुई। मेरा फोन टूटा हुआ था। इसलिए पत्नी का फोन देने से मना कर दिया। ससुराल पक्ष ने मुझे परिवार वालों को झूठे दहेज केस में फंसाने की धमकी दी। 2 अप्रैल को मैंने ससुर सत्य प्रकास को फोन किया। कहा कि पापा मुझसे गलती हो गई है, मैं माफी मांगता हूं। ससुर ने एक नहीं सुनी और धमकी देते हुए फोन काट दिया। ससुर ने इस रिश्ते के संतोष सोनी (अगुवा) को भी फोन कर मेरी शिकायत की। बताया कि मैं उन्हें बार-बार कॉल करके परेशान कर रहा हूं। ससुर ने फिर से FIR दर्ज कराने की धमकी दी। मैंने पत्नी आस्था को भी कई बार फोन किया। लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। मेरे पिता को भी ससुर ने फोन कर धमकाया। जिसकी रिकॉर्डिंग मेरे फोन में मौजूद है। ससुर ने मुझसे बात करने से मना कर दिया था। परिजनों ने भी मुझे सुसराल वालों से संपर्क करने से मना किया। मेरे घरवालों ने ससुर सत्य प्रकाश सोनी और सास संजू सोनी से बहू को वापस लाने की बात कही, तो धमकी देने लगे। इसी दबाव और धमकी में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। उनके घर वाले (संतोष सोनी, दीपू सेठ आदि) मेरी मौत के जिम्मेदार नहीं हैं। पत्नी आस्था सोनी निर्दोष है। मेरी पत्नी सास संजू सोनी की बातों में आकर झगड़ा करती थी। घर बर्बाद करने वाले असली आरोपी मेरे सास और ससुर हैं। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। सीओ अमरनाथ गुप्ता ने बताया- मामला पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव का लग रहा है। शव के पास मिले सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…

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