प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जांच में धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के 22 बैंक खातों में कुल 60 करोड़ रुपए मिले हैं। जिसमें विदेशों से आई बड़ी रकम भी शामिल है। ED ने यह जानकारी बलरामपुर में छांगुर बाबा के पैतृक आवास समेत 12 ठिकानों और मुंबई में दो स्थानों पर गुरुवार को की गई छापेमारी के बाद बयान में दी। छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन उर्फ करीमुल्ला शाह के खिलाफ लखनऊ एटीएस ने गोमती नगर थाने में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। एटीएस ने छांगुर बाबा के साथ उनके बेटे महबूब, और सहयोगी नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन एवं नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। बड़े पैमाने की साजिश का आरोप एटीएस की शिकायत में कहा गया है कि यह एक बड़े पैमाने की साजिश है, जिसमें अवैध धर्मांतरण, विदेशी धन का दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियां शामिल हैं। ईडी ने कहा- छांगुर बाबा और उनके सहयोगियों पर बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह परिसर से एक विस्तृत नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। अनुसूचित जातियों और आर्थिक रूप से कमजोर को बनाया निशाना यहां वे भारतीय और विदेशी नागरिकों की बड़ी सभाएं आयोजित करते थे। ईडी के अनुसार, उन पर अन्य धर्मों के लोगों, विशेषकर अनुसूचित जातियों और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू समुदाय के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने, मजबूर करने और धोखा देने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर मेरी जाति को देखते हुए मेरे साथ मारपीट की गई: पीलीभीत में कृषि अधिकारी बोले- ये सब पहले से प्लान था पीलीभीत में जिला कृषि अधिकारी को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “दोषियों को गिरफ्तार करो” के नारे लगाए। सभी कर्मचारी जुलूस निकालकर विकास भवन पहुंचे। गुंडागर्दी नहीं चलेगी और दोषियों को गिरफ्तार करो के नारे लगाए। उन्होंने डीएम को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर… जस्टिस वर्मा की सुप्रीम कोर्ट में याचिका; जांच समिति की रिपोर्ट रद्द करने की मांग इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कैश कांड केस में खुद को दोषी ठहराने वाली जांच रिपोर्ट को रद्द करने की मांग की है। जस्टिस वर्मा ने गुरुवार को अपील में कहा, ‘उनके खिलाफ जो कार्यवाही की गई, वह न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। मुझे खुद को साबित करने का पूरा मौका नहीं दिया गया। कार्यवाही में एक व्यक्ति और एक संवैधानिक अधिकारी दोनों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।’ यह याचिका संसद का मानसून सत्र शुरू होने से कुछ दिन पहले आई है। सत्र के दौरान जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। पढ़िए पूरी खबर मुजफ्फरनगर में बेटे ने सौतेली मां को फावड़े से काट डाला, पिता के बाहर जाते ही ली जान, करोड़ों की जमीन का था विवाद मुजफ्फरनगर में एक बेटे ने अपनी सौतेली मां की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। युवक का अपने पिता से करोड़ों की संपत्ति नाम कराने को लेकर विवाद चल रहा था। इसके अलावा वह पिता के दूसरी शादी करने से भी नाराज था। घटना के समय पिता किसी कार्यक्रम में बाहर गया था। घर पर महिला अकेली थी उसी समय बेटे ने हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… नोएडा पुलिस की 3 बदमाशों से मुठभेड़; एक को पैर में लगी गोली, कांबिंग के दौरान 2 गिरफ्तार नोएडा के थाना फेस-2 नोएडा पुलिस एनएसईजेड तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। पुलिस टीम ने एक बोलेरो पिकअप वाहन को रुकने का इशारा किया गया। जिस पर बोलेरो पिकअप में सवार व्यक्ति रुकने के बजाय गाड़ी को तेजी से चलाते हुए एनएसईजेड नाले के किनारे पटरी की तरफ भगाने लगे। पुलिस टीम ने करीब एक किमी तक पीछा किया। अपने को घिरता हुआ देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगी। वो जमीन पर गिर गया। इसकी पहचान बबलू उर्फ अजय निवासी भंगेल, थाना फेस-2 हुई। जबकि अन्य दो को कांबिंग के दौरान पकड़ लिया। पढ़िए पूरी खबर साल्वर गैंग के आरोपी को जमानत नहीं; हाईकोर्ट ने कहा-नकल से योग्यता का मूल्य घटता है, शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कम होता है केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में अपने स्थान पर प्रॉक्सी (सॉल्वर) का इस्तेमाल करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी परीक्षा में किसी के स्थान पर सॉल्वर परीक्षा देता है, तो इससे शिक्षा प्रणाली कमजोर होती है। समाज पर इसके गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि धोखाधड़ी के ऐसे कृत्य न केवल वास्तविक योग्यता का अवमूल्यन करते हैं, बल्कि बेईमानी की संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं। पढ़िए पूरी खबर झांसी में सदर थाना प्रभारी एमपी सिंह सस्पेंड; IGRS शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एक्शन, 3 दरोगा लाइन हाजिर झांसी में गुरुवार को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र प्रताप सिंह (एमपी सिंह) को सस्पेंड कर दिया। आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण और काम में लापरवाही बरतने पर एक्शन हुआ है। करीब 58 प्रतिशत IGRS शिकायतें पेंडिंग चल रही थी। पुलिस अफसरों के कई बार चेतावनी देने के बावजूद उनकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। इसे लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने उनको तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। हालांकि, अभी थाने की जिम्मेदारी किसी को नहीं दी गई है। इसके अलावा 3 दरोगा को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। पढ़िए पूरी खबर नोएडा में निवेश के नाम पर 11 लाख ठगे; 1 प्रतिशत सप्ताह में मुनाफा का लालच, निवेश के पैसे से खरीदी जमीन शेयर बाजार में निवेश के नाम पर अलीगढ़ निवासी एक व्यक्ति से दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने 11 लाख 33 हजार रुपए से अधिक की धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित ने सेक्टर-63 थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। अलीगढ़ के क्वारसी निवासी प्रवीण सिंह सांगवान ने पुलिस को बताया कि वह एनसीसी में समूह कमांडर हैं। दिल्ली के आनंद विहार निवासी दीपक नामक व्यक्ति ने उनकी पत्नी, पुत्र और पुत्री से 18.5 लाख रुपए लिए। आश्वासन दिया कि वह इस रकम को शेयर बाजार में निवेश कर रहा है। इसकी एवज में वह जमा राशि का प्रत्येक सप्ताह एक प्रतिशत लाभ दिलाएगा। यह रकम साल 2023 में ली। करीब 11-12 महीने एक प्रतिशत लाभ दिलाने के बाद रुपए देने बंद कर दिए। पीड़ित ने जब रुपए वापस मांगे तो आरोपी ने इसकी एवज में उन्हें तीन चेक सौंप दिए। उन्हें बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गए। पढ़िए पूरी खबर हिंदू विवाह में गुजारा भत्ता पर हाईकोर्ट का फैसला; कोर्ट ने कहा-विवाह अमान्य घोषित होने पर विवाह तिथि से मान्य होता है इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 11 के तहत एक बार विवाह को अमान्य घोषित करने का आदेश पारित हो जाने पर, वह विवाह की तिथि से ही मान्य होता है। ऐसे मामले में पति, पत्नी को भरण-पोषण देने के लिए उत्तरदायी नहीं है। इस मामले में दोनों पक्षों की शादी 2015 में हुई थी। लेकिन मतभेद और मनमुटाव के चलते पत्नी ने आईपीसी की धारा 498 ए, 406, 313, 354(ए)(1), 509, 323, 34 के तहत एफआईआर गाजियाबाद में दर्ज कराई। इसके बाद, उसने आईपीसी की धारा 451, 323, 34 के तहत एक और एफआईआर दर्ज कराई। पढ़िए पूरी खबर