सिद्धार्थनगर में रविवार शाम 5 बजे 120 रुपए के लिए तालाब में कूदा व्यक्ति लापता हो गया। वह तालाब की रखवाली करता था। तीन दोस्तों के साथ मछलियों को दाना डालने गया था। इसी दौरान एक दोस्त से तैरकर तालाब पार करने की शर्त लगी। जीतने वाले को 120 रुपए देने की बात तय हुई। शर्त लगाने वाला तो तालाब पार कर बाहर निकल आया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। सूचना पर पुलिस और गोताखोरों ने तलाश शुरू की। रात करीब 7:30 बजे तक उसका पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह गोताखोर फिर तलाश शुरू करेंगे। मामला गोल्हौरा थाना क्षेत्र के कोटखास गांव का है। पढ़ें पूरी खबर मदनी बोले- नफरत फैलाने वालों को RSS बाहर क्यों नहीं करती, अमेरिका में भागवत ने जो बोला, उसकी असली जरूरत भारत में सहारनपुर के मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि अगर मुसलमानों को देश से निकालने की बात करने वाला व्यक्ति हिंदू नहीं है, तो मोहन भागवत ऐसे लोगों को अपने संगठन से बाहर क्यों नहीं करते?अमेरिका में एकता, भाईचारे और सभी धर्मों के सम्मान की बात करना स्वागत योग्य है। लेकिन, इस संदेश की असली जरूरत आज भारत में है। यदि मोहन भागवत अपने विचारों को वास्तव में अमल में लाना चाहते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर यह साबित करना चाहिए कि यह केवल विदेश में कही गई बात नहीं है, बल्कि संघ इसे व्यवहार में भी लागू करना चाहता है। दरअसल, शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, ‘अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।’ पढ़ें पूरी खबर… राजभर बोले- राहुल-अखिलेश की दोस्ती टूटने वाली है, अगले चुनाव नहीं सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पता चल गया है कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बनने वाली है। इसलिए वह अखिलेश यादव से दूरी बनाने की तैयारी में हैं, ताकि सपा की बदनामी का असर कांग्रेस पर न पड़े। अंबेडकरनगर में रविवार को सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पता चल गया है कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बनने वाली है। इसलिए वह अखिलेश यादव से दूरी बनाने की तैयारी में हैं, ताकि सपा की बदनामी का असर कांग्रेस पर न पड़े। राजभर ने तंज कसते हुए कहा, ‘कर बहियां बल आपनो, छोड़ पराई आस।’ उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव का 2027 में सरकार बनाने का सपना खत्म हो चुका है। अब उन्हें अगले चुनाव की नहीं, बल्कि ‘अगली पैदाइश’ की तैयारी करनी चाहिए। PDA की नई परिभाषा पर राजभर ने कहा कि अगर इसमें धैर्य, अनुशासन और एक्शन की बात है तो पहले अखिलेश यादव को अपनी पार्टी के लोगों को इसका पाठ पढ़ाना चाहिए। उन्होंने सपा सरकार के दौरान चोरी, छिनैती, लूट, डकैती और हत्या को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि तब अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हुई। राजभर ने अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह ‘मानसिक संतुलन खो बैठे हैं’ और रोज ऐसी बातें करते हैं, जिससे उनका मजाक बनता है। उन्होंने कहा कि PDA की परिभाषा लगातार बदल रही है और कोई उसे मानने को तैयार नहीं है। मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवाने के मुद्दे पर भी राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने दावा किया कि 11 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन 1,100 रुपये दिए गए और उसमें भी घोटाला हुआ। पढ़ें पूरी खबर… इमरान मसूद बोले- भागवत अपने लोगों को भी पाठ पढ़ाएं:वह विदेशों में मुस्लिमों से प्रेम की बात करते हैं, भारत में उनके शिष्य नफरत बांट रहे सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि समाज के अंदर जो नफरत है, उस नफरत को मिटाने की बात राहुल गांधी कर रहे हैं। RSS प्रमुख मोहन भागवत जो पाठ न्यूयॉर्क में पढ़ा रहे हैं, वही अपने शिष्यों को भी पढ़ाएं। जो यहां बैठकर नफरत बांट रहे हैं, उन्हें भी समझाएं कि नफरत से समाज नहीं चलता। मोहन भागवत देश से बाहर जाकर मुस्लिमों के प्रति प्रेम और भाईचारे की बात करते हैं। उन्हें अपने लोगों को भी यही संदेश देना चाहिए। रविवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ रही है। जनता सब देख रही है। नफरत के बजाय जनता के मुद्दों पर बात होनी चाहिए। 2027 में योगी आदित्यनाथ को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी। दरअसल, शनिवार को न्यूयॉर्क के ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, ‘अगर कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता। हिंदू होने का मतलब यह मानना है कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा एक समान है।’ पढ़ें पूरी खबर गोरखपुर में 400 रुपए के विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी परिवार समेत फरार गोरखपुर में शनिवार शाम करीब पांच बजे 400 रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि कच्ची शराब के कारोबार से जुड़े लाेगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर फरार हो गया। मृतक की पहचान महराजगंज के पनियरा थाना क्षेत्र के गोनहा निवासी मेवालाल प्रजापति के रूप में हुई है। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल सखनी टोला रोहुआ की है। पूरी खबर पढ़ें डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के सामने खुली सरकारी अस्पतालों की पोल; फ्लू अलर्ट के बीच मिली अव्यवस्था यूपी के जिला अस्पतालों की कार्यप्रणाली से शनिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद रूबरू हुए। फ्लू अलर्ट को लेकर ऑनलाइन मॉनिटरिंग के दौरान अस्पतालों की लापरवाही सामने आई। बाराबंकी में सुबह 9 बजे तक इमरजेंसी की सफाई नहीं हुई थी। श्रावस्ती में 5 कैमरे ऑफ रखे गए थे। गोरखपुर में तो ऑनलाइन मॉनिटरिंग का पूरा सिस्टम ही बंद मिला। इसको लेकर डिप्टी सीएम ने अफसरों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य निदेशालय में फ्लू से निपटने के लिए अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने हर अस्पताल में टैमीफ्लू (ओसेल्टामिविर), ऑक्सीजन, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और ब्रोंकोडायलेटर्स के पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों के लिए जिला और संयुक्त अस्पतालों में 4 से 6 आइसोलेशन बेड तैयार रखने को कहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर यूपी में बिजली चोरी वाले 50 फीडर रडार पर 5 डिस्कॉम के टॉप-10 की होगी रोज निगरानी सीएम योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद यूपीपीसीएल ने प्रदेश के पांचों वितरण निगमों में सबसे ज्यादा राजस्व हानि वाले 50 फीडर चिन्हित किए हैं। हर डिस्कॉम के टॉप-10 फीडरों की नियमित समीक्षा होगी। यहां मीटरिंग से लेकर बिलिंग, बकाया वसूली और बिजली चोरी तक हर स्तर पर डेटा खंगाला जाएगा। यूपीपीसीएल अब इन 50 फीडरों की निगरानी सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं करेगा। फीडर स्तर से लेकर वितरण खंड और उच्च अधिकारियों तक इसकी समीक्षा होगी। राजस्व हानि के आंकड़ों की नियमित समीक्षा के साथ संबंधित अधिकारियों से सुधार का हिसाब भी लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…