यूपी के जिस मकान में ट्रिपल मर्डर, वहां इस्कॉन मंदिर:सेक्स रैकेट का था अड्डा, अब ‘हॉरर होम’ में राधे-कृष्ण गूंज रहा

मकान नंबर- 199/5, शास्त्रीनगर, मेरठ तारीख- 18 जून, 2016 शाम के करीब 4 बजे होंगे। घर के अंदर 3 लाशें लहूलुहान पड़ी थीं। कॉलगर्ल रिया बेड पर न्यूड पड़ी थी। मकान मालिक चंद्रशेखर गुप्ता और पत्नी जहां-तहां जमीन पर थे। खुलासा हुआ कि चंद्रशेखर गुप्ता अपने घर के अंदर कॉलगर्ल से सेक्स रैकेट चलवाते थे। रिया के बॉयफ्रेंड ने ही दोस्तों संग मिलकर तीनों मर्डर किए। इस वारदात के बाद ये मकान ‘हॉरर’ जैसा हो गया। आस-पास के लोग डरने लगे। ये बातें भी सामने आईं कि इस मकान से पायल खनकने की आवाजें आती हैं। कई साल तक ऐसे ही चलता रहा। आखिरकार एक नई सुबह आई, जिसने इस पूरे इलाके का सीन ही बदल डाला। एक कारोबारी ने ये मकान खरीदा और ध्वस्त करके नई बिल्डिंग खड़ी कर दी। आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि आज इस बिल्डिंग में इस्कॉन मंदिर है। सुबह से शाम तक यहां ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्णा’ के स्वर गूंजते हैं। जिस मकान को ‘हॉरर’ बताया जाता था, वहां आज घंटे-घड़ियाल बजते हैं। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु आकर प्रभु का गुणगान करते हैं। ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पढ़िए… सबसे पहले ट्रिपल मर्डर के बारे में जानिए सेक्स रैकेट का अड्डा था इंश्योरेंस बैंक मैनेजर का मकान
18 जून, 2016 को मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनगर के एक मकान में 3 लाशें मिलीं। तीनों की पहचान इंश्योरेंस बैंक मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता (52), पत्नी पूनम गुप्ता और कॉलगर्ल रिया (25) के रूप में हुई। रिया की लाश पूरी तरह नग्न हालत में बेड पर पड़ी थी। तीनों के शव चाकू से गोदे गए थे। पुलिस ने इस मामले में रिया के प्रेमी विकास उर्फ विक्की समेत सचिन सक्सेना और उदयवीर को गिरफ्तार किया। दरअसल, रिया कॉलगर्ल थी। खुद विक्की उसके लिए कस्टमर लाता था। कस्टमर लाने का ठिकाना होता था इंश्योरेंस मैनेजर चंद्रशेखर का मकान। धीरे-धीरे रिया ने विक्की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। ये बात विक्की को नागवार गुजरी और उसने रिया की हत्या का प्लान बना लिया। इधर, सचिन को भी पैसे की जरूरत थी, इसलिए वो भी इस प्लान में विक्की के साथ हो गया। कंडोम लेने गया मैनेजर, वापस आया तो पड़ी थीं दो लाशें
मेरठ पुलिस के अनुसार, विक्की ने सचिन और उदयवीर को कस्टमर बनाकर रिया के पास भेजा। रिया उस वक्त चंद्रशेखर के मकान पर ही मौजूद थी। अंदर कमरे में ले जाकर रिया ने सचिन से 1200 रुपए लिए। इसमें से उसने 100 रुपए चंद्रशेखर गुप्ता को दिलवाए और कंडोम लाने के लिए कहा। इतनी देर उदयवीर बाहर वाले कमरे में बैठा रहा। चंद्रशेखर जैसे ही बाहर गया, सचिन ने रिया पर ताबड़तोड़ चाकू बरसा दिए। शोर सुनकर चंद्रशेखर की पत्नी पूनम गुप्ता आई तो उसे भी चाकू से हमला कर मार दिया। दोनों मर्डर करके सचिन-उदयवीर ने अलमारी की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर दोनों घर से बाहर जाने लगे। लेकिन, चंद्रशेखर गेट का दरवाजा बाहर से लॉक करके गया था। इसलिए वो चंद्रशेखर के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही चंद्रशेखर कंडोम लेकर वापस आया, तो दोनों ने उसे भी मार डाला। इस वारदात के करीब 7 साल बाद मेरठ की अदालत ने तीनों आरोपियों विक्की, सचिन, उदयवीर को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। कारोबारी बोले- मैंने सब नजरअंदाज कर मकान खरीदा
इस हत्याकांड के बाद मकान के बाहर महीनों तक मेरठ की नौचंदी थाना पुलिस तैनात रही। घर के बाहर पुलिस एक अस्थायी पिकेट के तौर पर दिनभर बैठी रहती थी। धीरे-धीरे ये घर वीरान हो गया। इंश्योरेंस बैंक मैनेजर के बेटे पहले से ही बाहर रहते थे। वो इस हत्याकांड के बाद मकान पर अपना ताला लगाकर चले गए। धीरे-धीरे ये घर हॉरर जैसा बनने लगा। एक पड़ोसी ने बताया कि वो अपना घर बेचकर यहां से जाने का मन बनाने लगे। इस दौरान मेरठ के सेंट्रल मार्केट में पर्दे बेचने वाले कारोबारी अमित गुप्ता को पता चला कि ये मकान बिकने वाला है। लेकिन, कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा। उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए चंद्रशेखर गुप्ता के बेटों से संपर्क किया और डीलिंग फिक्स हो गई। साल-2020 के आसपास अमित गुप्ता ने ये मकान खरीद लिया। शुरुआत में कुछ महीनों तक उसी घर में पर्दे सिलने का काम चला। फिर अमित गुप्ता ने पूरा घर ध्वस्त करा दिया। तीन मंजिला नई बिल्डिंग तैयार कराई। अमित गुप्ता बताते हैं- जब हमने प्रॉपर्टी खरीदी, उससे पहले इस मकान को लेकर डर का माहौल था। लोग समझते थे कि इसमें भूत-प्रेत है। लोग कहते थे कि शाम के वक्त इस मकान से पायल बजने की आवाजें आती हैं। हमें इस तरह की बातें आस-पड़ोस के लोग बताते थे। मैंने इन सब चीजों को नहीं माना। मुझे पैसे इन्वेस्ट करने के लिए प्रॉपर्टी खरीदनी थी और इसको खरीद लिया। आवास-विकास परिषद से दोबारा मानचित्र पास कराया और मकान गिराकर करके दोबारा तीन मंजिला बिल्डिंग बनवाई। बिल्डिंग अंडर कंस्ट्रक्शन थी। उसी वक्त इस्कॉन से जुड़े लोग मेरे पास आए। उन्हें मंदिर के लिए ये जगह पसंद आई और मैंने किराए पर दे दी। पुजारी बोले- हमें भी पुरानी बातें पता चली, तब भी मंदिर का फैसला लिया
हम शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में उसी बिल्डिंग यानी अब इस्कॉन मंदिर पर पहुंचे। प्रभु को भोग लगाने की तैयारी चल रही थी। मंदिर में कई श्रद्धालु भी मौजूद थे। पुजारीजी ने पहले भोग लगाया, फिर शंख बजाकर गर्भगृह से पर्दा हटाया। हमने इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चारू गोविंद दास से बात की। वो कहते हैं- जहां प्रभु का नाम होता है, हरे-हरे कृष्णा महामंत्र का उच्चारण होता है, वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार चैतन्य महाप्रभु ने बोला है कि गांव-गांव, नगर-नगर में हर जगह भगवान कृष्ण का मंदिर होना चाहिए। इस्कॉन कहता है कि हर गली में भगवान का एक केंद्र जरूर हो, जहां सब लोग कृष्णजी से जुड़ पाएं। इसलिए हम मेरठ में मंदिर के लिए एक स्थान ढूंढ रहे थे। हमें सेंट्रल मार्केट में इस बिल्डिंग के बारे में पता चला। इस मकान में पहले जो कुछ हुआ, हमें वो भी मालूम हुआ। जब हम यहां आए तो इस मकान के ठीक सामने कूड़े का ढेर होता था। लोगों से कई तरह की बातें इस बिल्डिंग को लेकर सुनीं। लेकिन हम इधर-उधर सुनी हुई बातों पर यकीन नहीं करते। हम अपने निर्णय शास्त्रों के अनुसार लेते हैं। इसलिए हमने सोचा कि इस स्थान से बढ़िया कुछ और मंदिर के लिए नहीं हो सकता। ‘पॉजिटिव ऊर्जा, आध्यात्मिक शक्ति फैलाने वाला केंद्र बनी ये जगह’
चारू गोविंद दास आगे बताते हैं- इस बिल्डिंग में आने से पहले हमने सोचा कि उस बात (ट्रिपल मर्डर) को काफी समय हो चुका है। शास्त्र भी कहता है कि सारी धरती है तो भगवान की। उसमें से अगर कुछ भूमि में अपवित्र कार्य हुआ भी है तो हमारे साधु-संतों के चरणों से वो स्थान पवित्र हो जाएगा। जब हम यहां पर आए तो वास्तु यज्ञ किया, प्रभु के नाम का कीर्तन किया। उसके बाद हम प्रभु के विग्रह यहां लेकर आए। अब ये जगह पॉजिटिव ऊर्जा, सकारात्मक वाइब्रेशन, आध्यात्मिक शक्ति को फैलाने वाला केंद्र बन गया है। इस केंद्र से रोजाना एक हजार से भी ज्यादा लोगों को प्रसाद स्वरूप छोले-चावल खिलाए जाते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव, मायावती, चंद्रशेखर और पंकज चौधरी के लिए कैसा रहेगा 2026? जानिए… 2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी। पढ़िए पूरी खबर…