यूपी में गर्मी तेवर दिखाने लगी है। सीजन में पहली बार पारा 38°C के पार पहुंच गया है। इस बीच, बुधवार सुबह लखनऊ, कानपुर समेत 10 शहरों में धुंध छाई रही। कई जगह विजिबिलिटी 400 से 500 मीटर तक सिमट गई। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने कहा- बढ़ते तापमान और हवा में नमी की वजह से सुबह कोहरा और दिन में धुंध जैसे हालात बन रहे। अगले 2 दिन पूर्वी यूपी और आसपास के इलाकों में बारिश के आसार हैं। 4 दिन बाद यानी 15 मार्च से मौसम और बिगड़ सकता है। 24 घंटे की बात करें तो बांदा सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 38.4°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा झांसी, आगरा, उरई और हमीरपुर जैसे शहरों में भी तेज धूप निकली। शाम के वक्त 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चली। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त पानी पिएं। किसानों के लिए मौसम मिलाजुला रहेगा। फसलों के लिए हल्की बारिश फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, गर्मी और तेज हवा से खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने कहा- आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। जल्द ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। 11से 14 मार्च के बीच दिन और रात दोनों के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। 15 मार्च से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। मौसम की 5 तस्वीरें- पहले 4 बड़े शहरों का हाल जानिए- अब अन्य शहरों का हाल जान लीजिए- 3 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम अचानक धुंध की एक और वजह? मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी? स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसका असर यह है कि अब तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। गर्म दिनों की संख्या भी बढ़ रही है। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। कुछ जगहों पर तापमान 48 डिग्री से ऊपर तक दर्ज किया गया है। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव IMD के अनुमान के अनुसार, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव? मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। गर्मी से फसलों को होगा नुकसान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कृषि विभाग के प्रोफेसर पीके सिंह कहते हैं- मार्च महीना किसानों के लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। तापमान बढ़ने का असर रबी की फसल पर पड़ेगा, खासतौर गेहूं पर। गर्मी से दाने पूरी तरह विकसित नहीं होंगे। इससे पैदावार कम होगी। पीके सिंह के अनुसार, गर्म हवाएं चलने से सरसों, चना और मटर जैसी फसल को भी नुकसान हो सकता है। बढ़ते तापमान से खेतों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है। इससे सिंचाई का खर्च बढ़ता है। फसलों पर तनाव पड़ता है। ———————–
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