यूपी के सबसे ताकतवर IAS संजय प्रसाद केंद्र में जाएंगे:आलोक कुमार समेत 6 IAS को केंद्र ने अपनी लिस्ट में डाला

यूपी के ताकतवर IAS अफसर संजय प्रसाद केंद्र में जाएंगे। संजय प्रसाद 1995 बैच के अफसर हैं। वे CM योगी आदित्यनाथ के बेहद भरोसेमंद और उनके अपर मुख्य सचिव (ACS) हैं। संजय प्रसाद के अलावा औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जा सकते हैं। मोदी सरकार ने योगी सरकार के 6 IAS अफसरों को केंद्र में सचिव और उसके समकक्ष पदों पर प्रतिनियुक्ति के लिए एम्पेनलमेंट यानी सूचीबद्ध किया है। IAS अफसरों ने खुद जाने की इच्छा जताई थी
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से सचिव और उसके समकक्ष पदों पर प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए थे। यूपी सरकार से कई आईएएस अफसरों ने एम्पेनलमेंट के लिए आवेदन किया था। लेकिन, केंद्र सरकार ने 1993 बैच के IAS आलोक कुमार, 1994 बैच की IAS लीना जौहरी, 1995 बैच के IAS मृत्युंजय नारायण, संतोष कुमार यादव, भुवनेश कुमार और संजय प्रसाद को एम्पेनलमेंट किया है। मृत्युंजय कुमार, संतोष कुमार यादव और भुवनेश कुमार पहले से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। योगी सरकार से केंद्र को लेनी होगी NOC
नियुक्ति विभाग के अधिकारी ने बताया, एम्पेनलमेंट करने के बाद भारत सरकार IAS अफसरों की पोस्टिंग करने से पहले राज्य सरकार की NOC लेती है। राज्य सरकार से NOC मिलने के बाद अफसरों को केंद्र सरकार के किसी मंत्रालय में सचिव या उसके समकक्ष पद पर नियुक्ति दी जाती है। राज्य सरकार NOC न दे तो क्या होगा?
नियुक्ति विभाग के अधिकारी ने बताया, यह भी संभावना रहती है कि भारत सरकार की ओर से पोस्टिंग के आदेश जारी करने के बाद भी राज्य सरकार IAS को रिलीव नहीं करे। वहीं, केंद्र सरकार अपने विशेषाधिकार का उपयोग कर किसी भी IAS और IPS को भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर पोस्टिंग दे सकती है, ऐसी स्थिति में राज्य सरकार को उन्हें कार्यमुक्त करना ही पड़ता है। अफसरों को जानिए… 1- संजय प्रसाद: जन्म 23 मई 1971 को बिहार के सीतामढ़ी में हुआ। भूगोल विषय में MA की पढ़ाई की है। योगी आदित्यनाथ के दाहिने हाथ भी कहे जाते हैं। इतना ही नहीं वह यूपी के सबसे पॉवरफुल आईएएस अफसर भी हैं। संजय प्रसाद और योगी आदित्‍यनाथ की मुलाकात गोरखपुर में हुई, उस समय योगी गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे। 2- आलोक कुमार: बिहार में बेगूसराय के मंझौल पंचायत-1 स्थित मथुरामल टोला में जन्म हुआ था। पिता त्रिविक्रम प्रसाद सिंह इंजीनियर रहे हैं। नीति-निर्माण, संस्थागत सुधार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में गहरा अनुभव है। नीति आयोग में सामाजिक क्षेत्र के सलाहकार रहते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, चिकित्सा शिक्षा और हेल्थ फाइनेंसिंग में बेहतरीन काम किया। वे लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी में फैकल्टी भी रह चुके हैं। 3- मृत्युंजय कुमार नारायण: IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में M.Tech हैं। किंग्स कॉलेज लंदन से पब्लिक पॉलिसी और मैनेजमेंट में M.Sc. की डिग्री है। एक जनवरी 1970 को जन्मे मृत्युंजय कुमार अगस्त 2019 से भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। वे वर्तमान में जनसंख्या जनगणना के रजिस्ट्रार जनरल हैं। 4- संतोष कुमार यादव: फरवरी 2020 से भारत सरकार में प्रतिनयुक्ति पर हैं, वे वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन हैं। 5- भुवनेश कुमार: जून 2021 से भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं, वे वर्तमान में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में अपर सचिव हैं। 6- लीना जोहरी: यूपी कैडर की 1994 बैच की IAS अधिकारी लीना जौहरी महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। अंग्रेजी और हिंदी में निपुण लीना जौहरी उत्तर प्रदेश प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। यूपी में आगे पंचायत और विधानसभा चुनाव, क्या असर पड़ेगा संजय प्रसाद, सीएम योगी के अपर मुख्य सचिव हैं। वह अन्य IAS अफसरों में CM के सबसे करीबी और भरोसेमंद हैं। ऐसे में बड़ी संभावना है कि उनका नाम बस सूची तक ही रहे। राज्य सरकार आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उनकी पोस्टिंग के लिए NOC नहीं देगी। यदि संजय प्रसाद भारत सरकार में प्रतिनयुक्ति पर जाते हैं तो CMO में नए भरोसेमंद अफसर की तलाश करनी पड़ेगी। आलोक कुमार के पास औद्योगिक विकास विभाग की बड़ी जिम्मेदारी हैं, यदि वे भारत सरकार में प्रतिनयुक्ति पर जाते हैं तो इंडस्ट्री के लिए भी एक अफसर की तलाश करनी पड़ेगी। आलोक कुमार को इंडस्ट्री विभाग में काफी लंबा समय हो गया है, यदि वे जाते हैं तो डिपार्टमेंट का कामकाज शुरुआत में प्रभावित हो सकता है। ————– यह खबर भी पढ़िए… कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले-हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्‌टरपंथियों ने कई बार धमकी दी
गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। पढ़ें पूरी खबर…