एक अफवाह ने वेस्ट यूपी के करीब 1500 गांवों के लोगों की नींद छीन ली है। इन गांवों में पिछले 15 रातों से लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। गांव के लोग पूरी-पूरी रात अपने घर की छतों पर जागकर गुजार रहे हैं। युवाओं के ग्रुप्स हाथों में लाठी-डंडे लेकर अपने गांवों की सड़कों पर गश्त दे रहे हैं। गांवों के मुहाने पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं। दिन ढलते ही युवाओं की टोलियां यहां हाथों में डंडे और लाइसेंसी हथियार लेकर मोर्चे पर डट जाती हैं। अफवाह का खौफ इस कदर हावी है कि दिन ढलने के बाद इन गांवों में 4 पहिया वाहन लेकर पहुंचना एकदम सुरक्षित नहीं है। इन गांवों में अफवाह है कि 15 चोरों का कोई गैंग उनके इलाके में आ धमका है, जो ड्रोन लेकर कारों से आता है। गांव के बाहर कार रोककर ड्रोन उड़ाता है। फिर ड्रोन की मदद से रेकी करके लूटपाट करता है। महिलाओं की इज्जत भी लूट लेता है। विरोध करने पर कत्ल-ए-आम करता है। हालांकि, ऐसी कोई वारदात अभी तक पुलिस रिकॉर्ड पर नहीं आई है। मुरादाबाद रेंज के संभल, अमरोहा, रामपुर, मुरादाबाद और बिजनौर जिले इस कदर इस अफवाह की जद में हैं कि यहां के गांवों में पूरी-पूरी आबादी रातभर जाग रही है। लोग छतों से बड़ी-बड़ी टार्च मारकर रातभर आकाश में ड्रोन को तलाश करते रहते हैं। स्थिति ये है कि दूर से ही किसी वाहन की लाइट नजर आने पर पथराव शुरू कर देते हैं। ये कोरी अफवाह है या फिर इसमें कोई सच्चाई है। ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने रात 12 बजे के बाद मुरादाबाद और अमरोहा के गांवों का दौरा किया। पढ़िए गांवों का हाल… कार की लाइटें देखते ही लाठी-डंडे लिए युवकों ने घेरा
रात 12 बजे के बाद हम हरिद्वार हाईवे से होते हुए मुरादाबाद शहर से करीब 20 किमी दूर लिंक मार्गों पर पहुंचे। लिंक मार्ग पर कार मोड़ते ही दूर गांवों के छतों से लोगों ने टार्च की रोशनी कार पर मारना शुरू कर दीं। हम जैसे ही कुड़ा हमीरपुर गांव की सीमा पर पहुंचे तो अचानक लाठी-डंडे लिए 20-25 युवाओं की टोली कार के सामने आ गई। इन लोगों ने कार पर पथराव और शीशे पर डंडे मारने की कोशिश की। बड़ी मुश्किल से लोकल रेफरेंस देने पर युवक ये मानने को तैयार हुए हम मीडिया से हैं और कवरेज करने पहुंचे हैं। इसके बाद गांव के युवक शांत हुए। इसी गांव में ठीक इसी प्वाइंट पर 20 मिनट पहले ग्रामीणों ने दिल्ली नंबर की एक वैगनआर कार पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए थे। बाद में पता चला कि कार सवार युवक अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। इन युवाओं का कहना था कि रात में कार का मतलब चोरों का गैंग है, जो गांवों को टारगेट करने आता है। इसलिए किसी भी चौपहिया वाहन की लाइट देखते ही वो अलर्ट हो जाते हैं। अब 2 तस्वीरों में देखिए कैसे छत पर खड़े लड़के ने टार्च की रोशनी मारी, फिर युवा सामने आ गए अब आगे का सफर पढ़िए… पीयूष बोले- खतरनाक गैंग है, मां-बेटियों से बदसलूकी भी करता है
रात के करीब 12:30 बजे हैं। हम मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव कुड़ा हमीरपुर में पहुंचते हैं। जंगल के सटे घर की छत पर 20-25 युवाओं की टोली टॉर्च और डंडों के साथ तैनात है। हमने इस टोली में शामिल पीयूष त्यागी से बात की। वो कहते हैं- 15-20 दिनों से चोरों की खबरें आ रही हैं। ये गैंग खतरनाक है। मारपीट करके सोना चांदी लूटता है और महिलाओं से बदतमीजी भी करता है। इसलिए पूरे गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देते हैं। दिन निकलने के बाद ही सोते हैं। हमने पीयूष से पूछा क्या आपके गांव में ऐसी कोई घटना हुई है। वो कहते हैं, हमारा गांव तो अलर्ट है, इसलिए यहां नहीं हुई। लेकिन सुना है आसपास के गांवों में हुई है। गांव के लोगों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाए, रात भर आपस में कम्युनिकेशन
हमने देखा कि इन गांवों में लोगों ने वॉट्सऐप ग्रुप बना लिए हैं। जरा सी भी हलचल होने पर लोग इन ग्रुपों पर तुंरत वॉयस मैसेज ड्रॉप करते हैं। रूपक बताते हैं- ये ग्रुप इसलिए बनाए गए हैं, ताकि गांव के किसी भी कोने पर चोरों की आहट हो तो तुरंत पूरे गांव को पता चल जाए। रातभर गांव के लोग जाग रहे हैं, इसलिए मैसेज आते ही तुरंत रिस्पांस करते हैं। जिस तरफ से चोरों की आहट होती है, उधर ही युवकों की टोली डंडे और हथियार लेकर दौड़ पड़ती है। पूरी-पूरी रात यही सिलसिला चलता रहता है। आसपास के गांवों के लोग भी इन ग्रुपों में कनेक्टेड हैं। ताकि कोई घटना होने पर पड़ोस गांव की मदद को भी पहुंचा जा सके। इसके अलावा गांवों में मंदिरों और मस्जिदों पर अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगवाए गए हैं। टॉर्च से सिग्नल मिलते ही शोर मचाने लगता है पूरा गांव
इन गांवों में लोग अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस के भरोसे नहीं बैठे हैं। बल्कि कम्युनिटी पुलिसिंग करके अपने-अपने गांव की हिफाजत कर रहे हैं। गांव के एक कोने से टॉर्च की रोशनी घूमने पर पूरे गांव से टॉर्च जलने लगती हैं। जागते रहो का शोर हर तरफ सुनाई देता है। लोग घरों के बाहर आ जाते हैं, खेतों और रास्तों पर घेराबंदी की जाने लगती है। छोटी-मोटी चोरी को छोड़ दें तो नहीं हुई कोई बड़ी घटना
हमने एक-एक करके 6 गांवों के हालात चेक किए और लोगों से बात की। हरेक गांव में माहौल एक जैसा है। ग्रामीण दावे से कहते हैं कि ड्रोन वाला गैंग इलाके में आ चुका है। वो कार से आता है और ड्रोन से रेकी करके घटनाएं करता है। लेकिन हर गांव में लोगों का यही जवाब था कि उनके गांव में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बस उन्होंने सुना है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों और लोगों से बात करके हम इस नतीजे पर पहुंचे कि जैसी अफवाहें हैं, वैसी कोई घटना अभी तक तो सामने आई नहीं है। ऐसा कोई गैंग भी ट्रेस नहीं हुआ है। नकबजनी की छोटी मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो कोई बड़ी वारदात पुलिस रिकॉर्ड पर भी नहीं है। अमरोहा में चोर समझकर मंदबुद्धि को पीटा
अफवाहों का बाजार इस कदर गरम है कि ग्रामीण क्षेत्र में रात में जाना सुरक्षित नहीं है। हर आने वाले को ग्रामीण चोर समझकर हमला कर रहे हैं। शुक्रवार रात अमरोहा जिले के अमरोहा देहात थाना क्षेत्र में स्थित पृथ्वीपुर कलां गांव में ग्रामीणों ने एक मंदबुद्धि को पकड़कर बेरहमी से पीटा। पुलिस ने किसी तरह से उसे बचाया। बाद में छानबीन की गई तो पता चला कि जिसे ग्रामीणों ने चोरों का साथी समझकर बेरहमी से पीटा वो मंदबुद्धि है। अब जानिए ये अफवाहें शुरू कहां से हुईं… 3 जुलाई : अमरोहा में ड्रोन के साथ लड़के पकड़े गए
जब ऐसा कोई गैंग है ही नहीं तो सवाल उठता है कि फिर ये अफवाहें कहां से शुरू हुई। हमने छानबीन की तो पता चला कि 3 जुलाई को ऐसा मामला सबसे पहले अमरोहा के रजबपुर में सामने आया था। यहां 3 जुलाई की रात को करीब 11 बजे रजबपुर गांव के लोगों ने गांव के ऊपर ड्रोन उड़ते देखा था। बार-बार ड्रोन गांव के ऊपर उड़ा तो लोगों को शक हुआ। ग्रामीणों ने घेराबंदी करके रजबपुर के पास मोहम्मदपुर बाईपास की सर्विस रोड से 3 युवकों को दबोच लिया। यही युवक ड्रोन उड़ा रहे थे। इनके पास एक महंगी बाइक भी थी। भीड़ ने इन्हें पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। पूरे इलाके में शोर मच गया कि चोरों का एक गैंग पकड़ा गया है जो ड्रोन उड़ाकर पहले रेकी करता है फिर वारदात को अंजाम देता है। उधर, रजबपुर पुलिस ने पकड़े गए युवकों से पूछताछ की तो वो अमरोहा शहर के रहने वाले निकले। तीनों युवक यूट्यूबर थे और इंस्टा रील रिकॉर्ड करने के लिए ड्रोन उड़ा रहे थे। तीनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया। ……………… यह भी पढ़े : महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की फिल्म की शूटिंग शुरू: इटावा में सेट बना, नारियल फोड़कर हुई शुरुआत, देखिए मुहूर्त की पहली तस्वीरें प्रयागराज के महाकुंभ से सुर्खियों में आई माला बेचने वाली मोनालिसा की पहली फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने लंबे विवाद के बाद ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का सेट इटावा में तैयार कराया है। फिल्म के सेट से मोनालिसा और उनके को-एक्टर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रही हैं। इन तस्वीरों में मोनालिसा, को-एक्टर और डायरेक्टर मंदिर में नारियल फोड़ते दिख रहे हैं। फिल्म में मोनालिसा एक आर्मी ऑफिसर की बेटी का किरदार निभाने जा रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…
रात 12 बजे के बाद हम हरिद्वार हाईवे से होते हुए मुरादाबाद शहर से करीब 20 किमी दूर लिंक मार्गों पर पहुंचे। लिंक मार्ग पर कार मोड़ते ही दूर गांवों के छतों से लोगों ने टार्च की रोशनी कार पर मारना शुरू कर दीं। हम जैसे ही कुड़ा हमीरपुर गांव की सीमा पर पहुंचे तो अचानक लाठी-डंडे लिए 20-25 युवाओं की टोली कार के सामने आ गई। इन लोगों ने कार पर पथराव और शीशे पर डंडे मारने की कोशिश की। बड़ी मुश्किल से लोकल रेफरेंस देने पर युवक ये मानने को तैयार हुए हम मीडिया से हैं और कवरेज करने पहुंचे हैं। इसके बाद गांव के युवक शांत हुए। इसी गांव में ठीक इसी प्वाइंट पर 20 मिनट पहले ग्रामीणों ने दिल्ली नंबर की एक वैगनआर कार पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए थे। बाद में पता चला कि कार सवार युवक अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। इन युवाओं का कहना था कि रात में कार का मतलब चोरों का गैंग है, जो गांवों को टारगेट करने आता है। इसलिए किसी भी चौपहिया वाहन की लाइट देखते ही वो अलर्ट हो जाते हैं। अब 2 तस्वीरों में देखिए कैसे छत पर खड़े लड़के ने टार्च की रोशनी मारी, फिर युवा सामने आ गए अब आगे का सफर पढ़िए… पीयूष बोले- खतरनाक गैंग है, मां-बेटियों से बदसलूकी भी करता है
रात के करीब 12:30 बजे हैं। हम मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव कुड़ा हमीरपुर में पहुंचते हैं। जंगल के सटे घर की छत पर 20-25 युवाओं की टोली टॉर्च और डंडों के साथ तैनात है। हमने इस टोली में शामिल पीयूष त्यागी से बात की। वो कहते हैं- 15-20 दिनों से चोरों की खबरें आ रही हैं। ये गैंग खतरनाक है। मारपीट करके सोना चांदी लूटता है और महिलाओं से बदतमीजी भी करता है। इसलिए पूरे गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देते हैं। दिन निकलने के बाद ही सोते हैं। हमने पीयूष से पूछा क्या आपके गांव में ऐसी कोई घटना हुई है। वो कहते हैं, हमारा गांव तो अलर्ट है, इसलिए यहां नहीं हुई। लेकिन सुना है आसपास के गांवों में हुई है। गांव के लोगों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाए, रात भर आपस में कम्युनिकेशन
हमने देखा कि इन गांवों में लोगों ने वॉट्सऐप ग्रुप बना लिए हैं। जरा सी भी हलचल होने पर लोग इन ग्रुपों पर तुंरत वॉयस मैसेज ड्रॉप करते हैं। रूपक बताते हैं- ये ग्रुप इसलिए बनाए गए हैं, ताकि गांव के किसी भी कोने पर चोरों की आहट हो तो तुरंत पूरे गांव को पता चल जाए। रातभर गांव के लोग जाग रहे हैं, इसलिए मैसेज आते ही तुरंत रिस्पांस करते हैं। जिस तरफ से चोरों की आहट होती है, उधर ही युवकों की टोली डंडे और हथियार लेकर दौड़ पड़ती है। पूरी-पूरी रात यही सिलसिला चलता रहता है। आसपास के गांवों के लोग भी इन ग्रुपों में कनेक्टेड हैं। ताकि कोई घटना होने पर पड़ोस गांव की मदद को भी पहुंचा जा सके। इसके अलावा गांवों में मंदिरों और मस्जिदों पर अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगवाए गए हैं। टॉर्च से सिग्नल मिलते ही शोर मचाने लगता है पूरा गांव
इन गांवों में लोग अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस के भरोसे नहीं बैठे हैं। बल्कि कम्युनिटी पुलिसिंग करके अपने-अपने गांव की हिफाजत कर रहे हैं। गांव के एक कोने से टॉर्च की रोशनी घूमने पर पूरे गांव से टॉर्च जलने लगती हैं। जागते रहो का शोर हर तरफ सुनाई देता है। लोग घरों के बाहर आ जाते हैं, खेतों और रास्तों पर घेराबंदी की जाने लगती है। छोटी-मोटी चोरी को छोड़ दें तो नहीं हुई कोई बड़ी घटना
हमने एक-एक करके 6 गांवों के हालात चेक किए और लोगों से बात की। हरेक गांव में माहौल एक जैसा है। ग्रामीण दावे से कहते हैं कि ड्रोन वाला गैंग इलाके में आ चुका है। वो कार से आता है और ड्रोन से रेकी करके घटनाएं करता है। लेकिन हर गांव में लोगों का यही जवाब था कि उनके गांव में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बस उन्होंने सुना है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों और लोगों से बात करके हम इस नतीजे पर पहुंचे कि जैसी अफवाहें हैं, वैसी कोई घटना अभी तक तो सामने आई नहीं है। ऐसा कोई गैंग भी ट्रेस नहीं हुआ है। नकबजनी की छोटी मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो कोई बड़ी वारदात पुलिस रिकॉर्ड पर भी नहीं है। अमरोहा में चोर समझकर मंदबुद्धि को पीटा
अफवाहों का बाजार इस कदर गरम है कि ग्रामीण क्षेत्र में रात में जाना सुरक्षित नहीं है। हर आने वाले को ग्रामीण चोर समझकर हमला कर रहे हैं। शुक्रवार रात अमरोहा जिले के अमरोहा देहात थाना क्षेत्र में स्थित पृथ्वीपुर कलां गांव में ग्रामीणों ने एक मंदबुद्धि को पकड़कर बेरहमी से पीटा। पुलिस ने किसी तरह से उसे बचाया। बाद में छानबीन की गई तो पता चला कि जिसे ग्रामीणों ने चोरों का साथी समझकर बेरहमी से पीटा वो मंदबुद्धि है। अब जानिए ये अफवाहें शुरू कहां से हुईं… 3 जुलाई : अमरोहा में ड्रोन के साथ लड़के पकड़े गए
जब ऐसा कोई गैंग है ही नहीं तो सवाल उठता है कि फिर ये अफवाहें कहां से शुरू हुई। हमने छानबीन की तो पता चला कि 3 जुलाई को ऐसा मामला सबसे पहले अमरोहा के रजबपुर में सामने आया था। यहां 3 जुलाई की रात को करीब 11 बजे रजबपुर गांव के लोगों ने गांव के ऊपर ड्रोन उड़ते देखा था। बार-बार ड्रोन गांव के ऊपर उड़ा तो लोगों को शक हुआ। ग्रामीणों ने घेराबंदी करके रजबपुर के पास मोहम्मदपुर बाईपास की सर्विस रोड से 3 युवकों को दबोच लिया। यही युवक ड्रोन उड़ा रहे थे। इनके पास एक महंगी बाइक भी थी। भीड़ ने इन्हें पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। पूरे इलाके में शोर मच गया कि चोरों का एक गैंग पकड़ा गया है जो ड्रोन उड़ाकर पहले रेकी करता है फिर वारदात को अंजाम देता है। उधर, रजबपुर पुलिस ने पकड़े गए युवकों से पूछताछ की तो वो अमरोहा शहर के रहने वाले निकले। तीनों युवक यूट्यूबर थे और इंस्टा रील रिकॉर्ड करने के लिए ड्रोन उड़ा रहे थे। तीनों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों को छोड़ दिया। ……………… यह भी पढ़े : महाकुंभ गर्ल मोनालिसा की फिल्म की शूटिंग शुरू: इटावा में सेट बना, नारियल फोड़कर हुई शुरुआत, देखिए मुहूर्त की पहली तस्वीरें प्रयागराज के महाकुंभ से सुर्खियों में आई माला बेचने वाली मोनालिसा की पहली फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई है। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने लंबे विवाद के बाद ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का सेट इटावा में तैयार कराया है। फिल्म के सेट से मोनालिसा और उनके को-एक्टर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रही हैं। इन तस्वीरों में मोनालिसा, को-एक्टर और डायरेक्टर मंदिर में नारियल फोड़ते दिख रहे हैं। फिल्म में मोनालिसा एक आर्मी ऑफिसर की बेटी का किरदार निभाने जा रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…