यूपी भाजपा की नई टीम में ब्राह्मण-ठाकुर कम हुए:OBC की संख्या 16 से बढ़कर 25, राजनाथ के छोटे बेटे की एंट्री, 6 नामों ने चौंकाया

विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में गुरुवार को भाजपा की नई टीम का ऐलान कर दिया गया। 64 पदाधिकारियों की इस लिस्ट में 52 लोगों को प्रदेश कार्यकारिणी यानी प्रदेश टीम में जगह मिली है। इनमें 19 उपाध्यक्ष, 19 मंत्री, 8 महामंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष हैं। इसके अलावा, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष, 3 कार्यालय मंत्री और 3 अन्य पदाधिकारी भी बनाए गए हैं। सपा से बगावत करने वालीं विधायक पूजा पाल को उपाध्यक्ष बनाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह की भी प्रदेश टीम में एंट्री हुई है। उन्हें उपाध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा, प्रतापगढ़ के रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को मिलाकर अब 54 लोगों की टीम हो गई है। टीम में 13 महिलाएं हैं। पिछली बार की तुलना करें तो ओबीसी की संख्या 16 से बढ़कर 25 हो गई है। सामान्य वर्ग के 21 चेहरों को प्रदेश टीम में जगह मिली है। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 7 हो गई है। इसके अलावा 4 भूमिहार, 3 वैश्य और 1 श्रीवास्तव को जगह मिली है। अनुसूचित जाति (SC) की बात करें तो 7 लोगों को जगह दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) में सिर्फ इंजीनियर विद्याभूषण गोंड को जगह दी गई है। देखिए पूरी लिस्ट… नई टीम में सिर्फ 7 चेहरे रिपीट हुए 52 सदस्यों की प्रदेश कार्यकारिणी में से सिर्फ 7 चेहरे रिपीट हुए हैं। पिछली कार्यकारिणी में 18 उपाध्यक्ष थे, इस बार 19 हैं। इनमें सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, मोहित बेनीवाल और धर्मेंद्र सिंह यानी 4 चेहरों को रिपीट किया गया है। बाकी 15 नए चेहरे उपाध्यक्ष बने हैं। नई टीम में 8 महामंत्री हैं। इनमें सिर्फ संजय राय रिपीट हुए हैं। बाकी 7 नए चेहरे हैं। पिछली कार्यकारिणाी में 16 प्रदेश मंत्री थे। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 19 की गई है। इनमें सिर्फ 2 पुराने चेहरे विजय शिवहरे और शिवभूषण सिंह शामिल किए गए हैं। बाकी 17 नए चेहरे शामिल हुए हैं। मोर्चा अध्यक्ष में भी कोई रिपीट नहीं हुआ है। अब चौंकाने वाले नामों के बारे में पढ़िए- शाह के पीए और पत्रकार यतेंद्र शर्मा मंत्री बनाए गए
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के करीबी मांट के विधायक राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। गृहमंत्री अमित शाह के पीए अंकुर शर्मा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। पत्रकार यतेंद्र शर्मा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। पूर्व मंत्री सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। प्रकाश पाल पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। अभी तक कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष थे। वे पूर्णकालिक प्रचारक रह चुके हैं। कानपुर के रहने वाले हैं। भाजपा में लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं। इसके अलावा, इंजीनियर विद्याभूषण गोंड एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। वे अभी तक एसटी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रह चुके हैं। इलाहाबाद से बीटेक और आईआईएम लखनऊ से एमडीपी (मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम) कर चुके हैं। गोंड समाज से आते हैं। सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले इन्हें मिला प्रमोशन
अभिजात मिश्रा को प्रदेश मंत्री से प्रमोट कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। इन्हें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का करीबी माना जाता है। अर्चना मिश्रा को भी प्रदेश मंत्री से प्रमोट कर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, गीता शाक्य का भी प्रमोशन हुआ है। उन्हें महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष से पदोन्नत कर भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। प्रदेश मंत्री शंकर लोधी को पदोन्नत कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे दिलीप पटेल को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। जानिए नई टीम की अहमियत क्यों ज्यादा? 2027 विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी अब पंकज चौधरी की नई टीम की होगी। यूपी में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का पहला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि, उन्हें झारखंड चुनाव का अनुभव है। नई टीम ही प्रचार, चुनाव प्रबंधन, सदस्यता अभियान और रैलियों की कमान संभालेगी। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों को जमीन पर उतारना भी इसी टीम की जिम्मेदारी होगी। राजनीति के जानकारों का कहना है कि चुनावी साल में प्रदेश पदाधिकारी की अहमियत मंत्री जैसी होती है। यही वजह है कि पुराने पदाधिकारी टीम का हिस्सा बने रहना चाहते थे। ———————— ये खबर भी पढ़ें- सांसद ने राममंदिर जमीन घोटाले के सबूत SIT को दिए:संजय सिंह ने 12 मिनट में एसआईटी अध्यक्ष को 11 सबूत सौंपे; पूछा- अब तक FIR क्यों नहीं हुई
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वे करीब 12 मिनट कमरे में रुके। पढ़ें पूरी खबर