यूपी में क्रिसमस का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों से लेकर कस्बों तक चर्चों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा और मेरठ समेत कई शहरों में चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। पादरियों ने शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। चर्चों के बाहर आकर्षक झांकियां और क्रिसमस ट्री लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। वहीं बरेली में क्रिसमस का बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। कार्यकर्ताओं ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के सामने बैठकर की जमकर नारेबाजी की। चर्च के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया। मौके पर पुलिस पहुंच गई है। वहीं गोरखपुर के एक स्कूल में सेंटा स्कूटी से पहुंचे। क्रिसमस को लेकर बाजारों में भी जबरदस्त चहल-पहल रही। सांता क्लॉज की ड्रेस, क्रिसमस ट्री, सजावटी लाइटें और केक की जमकर खरीदारी हुई। नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के मॉल्स में क्रिसमस सेल और खास ऑफर्स ने ग्राहकों को आकर्षित किया। स्कूलों और कॉलोनियों में बच्चों के लिए सांता क्लॉज कार्यक्रम, गीत-संगीत और खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चे सांता की ड्रेस में नजर आए और एक-दूसरे को गिफ्ट देकर खुशियां बांटी। 5 तस्वीरें देखिए… ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार
दुनियाभर के लोग हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाते हैं। ये ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसी दिन ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बड़ा दिन भी कहते हैं। इस दिन के लिए चर्च को खासतौर से सजाया जाता है। क्रिसमस के पहले वाली रात में गिरजाघरों में प्रार्थना सभा की जाती है, जो रात के 12 बजे तक चलती है।
दुनियाभर के लोग हर साल 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाते हैं। ये ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसी दिन ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बड़ा दिन भी कहते हैं। इस दिन के लिए चर्च को खासतौर से सजाया जाता है। क्रिसमस के पहले वाली रात में गिरजाघरों में प्रार्थना सभा की जाती है, जो रात के 12 बजे तक चलती है।