यूपी में गंगा एक्सप्रेस-वे पर आज, शुक्रवार को भारतीय वायुसेना अपना दम-खम दिखाएगी। वायुसेना के मिराज, राफेल और जगुआर फाइट प्लेन उतरेंगे। यह अभ्यास दो दिन चलेगा। शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर करीब साढ़े तीन किमी की हवाई पट्टी तैयार की गई है। जलालाबाद क्षेत्र के गांव पीरू के पास शुक्रवार सुबह 11:30 से 1 बजे तक फाइटर प्लेन एक्सप्रेस-वे पर लैंडिंग और टेकऑफ करेंगे। शाम 7 से 10 बजे तक नाइट लैंडिंग शो होगा। अगले दिन, शनिवार को भी दिन में फाइटर प्लेन एयर शो करेंगे। हवा में कलाबाजियां खाएंगे। हालांकि नाइट शो नहीं होगा। शाहजहांपुर के डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, देश में पहली बार हवाई पट्टी पर नाइट लैंडिंग शो होगा। हवाई पट्टी को वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें हाई-इंटेंसिटी रनवे लाइट्स, ऑटोमेटेड ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, और 250 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। किसी भी इमरजेंसी में यह पट्टी तुरंत रनवे में बदल सकती है। यहां एक अस्पताल भी बनाया गया है। गंगा एक्सप्रेस-वे 36 हजार 230 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। यह 594 किलोमीटर लंबा है, जो मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा है। इसका 50-60 किलोमीटर का हिस्सा जलालाबाद क्षेत्र से होकर गुजरेगा। देखें 3 तस्वीरें एक हजार पुलिसकर्मी सिक्योरिटी संभालेंगे डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। दो मई की शाम सात बजे से रात 10 बजे तक कटरा-जलालाबाद हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। लोग जलालाबाद से कांट, बरेली मोड़ होते हुए कटरा और कटरा से बरेली मोड़ होते हुए जलालाबाद जा सकेंगे। 3 मई को सुबह 11.30 बजे एयर शो का आयोजन किया जाएगा। इस दिन नाइट शो नहीं होगा। कार्यक्रम में 500 से ज्यादा स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि और आम लोगों को बुलाया गया है। 40 इंस्पेक्टर, 90 दरोगा, 15 सीओ, 100 ट्रैफिक पुलिसकर्मी समेत करीब एक हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। अब मैप से समझिए पूरा एक्सप्रेस-वे गंगा एक्सप्रेस-वे क्यों खास है?
594 किलोमीटर लंबा 6 लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक बनाया जा रहा। यह यूपी के 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इन जिलों के 500 से ज्यादा गांवों को भी जोड़ेगा। प्रयागराज से मेरठ की दूरी वाया कानपुर 648 किलोमीटर है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से यह दूरी 600 किलोमीटर रह जाएगी। अभी प्रयागराज पहुंचने में 10-12 घंटे लगते हैं। इसके शुरू होने से दूरी 6 से 8 घंटे में पूरी होगी। गंगा एक्सप्रेस-वे का कितना काम पूरा हुआ
इसका जवाब हमें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की वेबसाइट से मिला। 22 अप्रैल, 2025 को जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक 79% काम पूरा हो गया है। एक्सप्रेस-वे पर करीब 1500 स्ट्रक्चर बनने थे, जिनमें से 1460 कम्पलीट हो चुके हैं। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, क्लीन एंड ग्राउंड का काम 100% हो गया है। मतलब, कहीं भी जमीन का विवाद नहीं है। रास्ता क्लियर है। मुख्य कैरिज-वे पर मिट्टी का काम 84% पूरा हो गया है। मिट्टी के ऊपर GSB (ग्रेन्युलर सब बेस) वर्क होता है, जो 85% पूरा हो गया है। इसके ऊपर WMM (वेट मिक्स मैकेडम) वर्क होता है, जो 84% पूरा हो चुका है। इसके भी ऊपर DBM (डेंस बिटुमिनस मैकेडम) वर्क होता है, जो 82% पूरा हो चुका है। हापुड़ में 96% काम पूरा हो चुका है। नवंबर तक निर्माण पूरा होने की कितनी संभावना
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की वेबसाइट और अधिकारियों की मानें, तो करीब 79% काम पूरा हो गया है। बाकी बचा 21% काम 7 महीने में पूरा होना मुश्किल नहीं है। प्रोजेक्ट 2025 तक का है। 1500 में 1460 स्ट्रक्चर पूरे हो चुके हैं। सिर्फ 40 स्ट्रक्चर पर काम बाकी है। इसमें भी मिट्टी का सारा काम हो चुका है। डामर रोड का काम बाकी है, जिसे तय समय तक पूरा करना मुश्किल नहीं है।
594 किलोमीटर लंबा 6 लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक बनाया जा रहा। यह यूपी के 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। इन जिलों के 500 से ज्यादा गांवों को भी जोड़ेगा। प्रयागराज से मेरठ की दूरी वाया कानपुर 648 किलोमीटर है। गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से यह दूरी 600 किलोमीटर रह जाएगी। अभी प्रयागराज पहुंचने में 10-12 घंटे लगते हैं। इसके शुरू होने से दूरी 6 से 8 घंटे में पूरी होगी। गंगा एक्सप्रेस-वे का कितना काम पूरा हुआ
इसका जवाब हमें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की वेबसाइट से मिला। 22 अप्रैल, 2025 को जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक 79% काम पूरा हो गया है। एक्सप्रेस-वे पर करीब 1500 स्ट्रक्चर बनने थे, जिनमें से 1460 कम्पलीट हो चुके हैं। इसी रिपोर्ट के मुताबिक, क्लीन एंड ग्राउंड का काम 100% हो गया है। मतलब, कहीं भी जमीन का विवाद नहीं है। रास्ता क्लियर है। मुख्य कैरिज-वे पर मिट्टी का काम 84% पूरा हो गया है। मिट्टी के ऊपर GSB (ग्रेन्युलर सब बेस) वर्क होता है, जो 85% पूरा हो गया है। इसके ऊपर WMM (वेट मिक्स मैकेडम) वर्क होता है, जो 84% पूरा हो चुका है। इसके भी ऊपर DBM (डेंस बिटुमिनस मैकेडम) वर्क होता है, जो 82% पूरा हो चुका है। हापुड़ में 96% काम पूरा हो चुका है। नवंबर तक निर्माण पूरा होने की कितनी संभावना
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की वेबसाइट और अधिकारियों की मानें, तो करीब 79% काम पूरा हो गया है। बाकी बचा 21% काम 7 महीने में पूरा होना मुश्किल नहीं है। प्रोजेक्ट 2025 तक का है। 1500 में 1460 स्ट्रक्चर पूरे हो चुके हैं। सिर्फ 40 स्ट्रक्चर पर काम बाकी है। इसमें भी मिट्टी का सारा काम हो चुका है। डामर रोड का काम बाकी है, जिसे तय समय तक पूरा करना मुश्किल नहीं है।