यूपी में 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदले:योगी सरकार को युवा अधिकारियों पर भरोसा; 27 IPS अफसरों के ट्रांसफर

यूपी सरकार ने सोमवार शाम 27 IPS अधिकारियों के तबादले कर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। इसमें 1 आईजी रैंक और 26 एसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। शासन ने 13 जिलों के पुलिस कप्तान बदले हैं। 2019 बैच के युवा आईपीएस अफसरों को फील्ड में जाने का मौका दिया गया है। बहराइच और रामपुर के पुलिस अधीक्षक को साइडलाइन कर पीएसी में भेजा गया है। अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद और हमीरपुर की एसपी दीक्षा शर्मा को लखनऊ में डीसीपी बनाकर भेजा गया है। आईजी ट्रेनिंग रहे चंद्र प्रकाश को अब सुरक्षा जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। जालौन के एसपी दुर्गेश कुमार अब अयोध्या में SSF (स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स) की कमान संभालेंगे। पहले बात जिलों के SP की… योगी सरकार का डायरेक्ट अफसरों पर अधिक भरोसा
तबादला सूची में जिन 13 जिलों के एसपी हटाए गए हैं, उसमें 7 ऐसे हैं जो राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और पीपीएस से प्रमोशन पाकर आईपीएस बने थे। इसमें शाहजहांपुर के एसपी राजेश द्विवेदी, एटा के एसपी श्याम नारायण सिंह, महोबा के एसपी प्रबल प्रताप सिंह, रामपुर के एसपी विद्या सागर मिश्र, कौशांबी के एसपी राजेश कुमार द्वितीय, जालौन के एसपी दुर्गेश कुमार और बहराइच के एसपी राम नयन सिंह का नाम शामिल है। इनके स्थान पर केवल तीन ही राज्य पुलिस सेवा के अफसर यानी प्रमोटी अफसरों को भेजा गया है। इसमें कमलेश बहादुर को मऊ, विश्वजीत श्रीवास्तव को बहराइच और विनय कुमार सिंह को जालौन में तैनाती दी गई है। 2019 बैच के अफसरों को भी मिला फील्ड का मौका
2019 बैच के आईपीएस अफसरों को भी फील्ड में जाने का मौका दिया गया है। इसमें शशांक सिंह को महोबा, शक्ति मोहन अवस्थी को महाराजगंज, आकाश पटेल को चंदौली, मृगांक शेखर पाठक को हमीरपुर और सत्यनारायण प्रजपति को कौशांबी जिले में कप्तान बनाकर भेजा गया है। अफसरों के ट्रांसफर में जनप्रतिनिधियों की चली
सूत्रों का कहना है कि ट्रांसफर लिस्ट में शामिल अफसरों में कई ऐसे हैं, जिन्हें जन प्रतिनिधियों यानी विधायकों और सांसदों की नाराजगी की वजह से हटाया गया है। बहराइच के अलावा जालौन, एटा, कौशांबी, महोबा के एसपी को भी इसी वजह से हटाया गया है। लंबे समय से फील्ड में जमे थे, इसलिए हटे ये तीन अफसर
हमीरपुर की एसपी दीक्षा शर्मा लगभग तीन साल से एक ही जिले में जमी थीं। हालांकि उनकी गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती है। ऐसे में 2019 बैच के अधिकारी को एडजस्ट करने के चलते उन्हें हमीरपुर से हटाकर लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है। इसी तरह मऊ में तैनात ईलामारन जी और सोमेंद्र मीना को लंबे समय से एक ही जिले में पोस्टिंग के कारण हटाया गया है। अब अन्य सीनियर IPS के तबादले जानिए… लाखन सिंह यादव को अमरोहा का एसपी बनाया गया
लखनऊ में डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक बहराइच बनाया गया है। लाखन सिंह यादव को पुलिस अधीक्षक अमरोहा बनाया गया है। विनय कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक जालौन बनाया गया है। आईपीएस अफसर शशांक सिंह को पुलिस अधीक्षक महोबा बनाया गया है। शक्ति मोहन अवस्थी को पुलिस अधीक्षक महाराजंगज बनाया गया है। आकाश पटेल को पुलिस अधीक्षक चंदौली बनाया गया है। सत्यनारायण प्रजापत को पुलिस अधीक्षक कौशांबी बनाया गया है। मृगांक शेखर पाठक को पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बनाया गया है। आदित्य बंसल को पुलिस अधीक्षक नगर अलीगढ़ बनाया गया है। आईपीएस अमृत जैन को पुलिस अधीक्षक नगर मुजफ्फरनगर बनाया गया है। महादिक अक्षय संजय को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बनाया गया है। शाहजहांपुर और बहराइच के एसपी क्यों बदले गए? शहीदों की प्रतिमा तोड़ी गई, IPS राजेश द्विवेदी नपे
काकोरी के शहीदों की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर विवाद है। विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए सरकार को घेरा था। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की थी। अब शाहजहांपुर के एसपी राजेश द्विवेदी को हटा दिया गया है। बहराइच एसपी को फोन न उठाना भारी पड़ा
एसपी राम नयन सिंह को जनप्रतिनिधियों का फोन न उठाना महंगा पड़ा है। हाल ही में बहराइच जिले के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर एसपी की कार्यशैली की शिकायत की थी। अब उन्हें हटा दिया गया है। राम नयन को नोएडा में 49 वीं बटालियन पीएसी भेजा गया है। तीन महीने पहले भी राम नयन सिंह सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने बहराइच पुलिस लाइन में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को एसपी राम नयन सिंह ने गार्ड ऑफ ऑनर दिलवाया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- जब पूरा पुलिस महकमा सलामी में व्यस्त रहेगा, तो प्रदेश का अपराधी मस्त रहेगा। इसके बाद डीजीपी एक्शन में आ गए। उन्होंने एसपी से जवाब मांगा था। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ——————- ये खबर भी पढ़िए… बहू को नहीं देना होगा सास-ससुर का भरण पोषण:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता की मांग अस्वीकार की, कहा- ऐसा कानून नहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुजुर्ग दंपती के बहू से मेंटेनेंस का दावा करने वाली याचिका खारिज को कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि अपनी बहू से भरण पोषण पाने का कानूनी अधिकार सास-ससुर को नहीं हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता या पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण पोषण पाने वालों की सूची में सास या ससुर को शामिल नहीं किया गया है। यह फैसला न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने दिया है। पढ़ें पूरी खबर…