‘मैं उसको अपने साथ रखना चाहता हूं, वो न मिली तो मैं अपनी जान दे दूंगा। वो ऐसा कैसे कर सकती है। कोई कमी है तो बताए, हम सुधार करेंगे। कल्पना ऐसे मेरा घर और मेरी जिंदगी बर्बाद न करे।’ यह दर्द रामपुर के सचिन जाटव का है, जिसकी पत्नी अपने प्रेमी के साथ 3 दिन में दूसरी बार फरार हो गई है। उससे बड़ा दर्द है कि सोशल मीडिया पर यह बात सामने आ गई कि पत्नी ने पंचायत में 15 दिन पति और 15 दिन प्रेमी के साथ रहने का प्रस्ताव रखा है। वह 10 बार घर से भाग चुकी है। दैनिक भास्कर की टीम महिला की ससुराल और प्रेमी के घर पहुंची। प्रेमी के पिता मिले, उनका अलग ही दर्द है। कैसे महिला और प्रेमी की मुलाकात हुई? पति क्या चाहता है? प्रेमिका क्या चाहती है? 15–15 दिन प्रेमी और पति के साथ रहने का प्रस्ताव में कितनी सच्चाई है? पढ़िए सिलसिलेवार पूरी कहानी… डेढ़ साल पहले हुई थी कल्पना-सचिन की शादी
यह मामला रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के दिलपुरा और टांडा थाना क्षेत्र के गांव अलीनगर नूरपुर से जुड़ा हुआ है। दोनों गांवों के बीच 30 किलोमीटर की दूरी है। डेढ़ साल पहले शहजादनगर थाना क्षेत्र के चमरपुरा गांव की रहने वाली कल्पना (22) की शादी अजीमनगर के गांव दिलपुरा में सचिन (26) से हुई थी। दोनों की शादी अच्छी चल रही थी, लेकिन दिक्कत आई इसी 20 अगस्त को, जब कल्पना अचानक अपने ससुराल से लापता हो गई। 22 अगस्त को फिर से लापता हो गई थी कल्पना
पति सचिन ने पुलिस के पास गुमशुदगी दर्ज करवाई और 21 अगस्त को पुलिस ने कल्पना को बरामद कर लिया। तब कल्पना ने पहली बार अलीनगर नूरपुर के अपने प्रेमी युवराज (24) का जिक्र सबके सामने किया। थाने में पुलिस वालों और परिवार ने उसको बहुत समझाया। उस समय तो वो अपने पति के साथ घर वापस आ गई, लेकिन 22 अगस्त को फिर से लापता हो गई, जिसके बाद अभी तक नहीं लौटी। सचिन पत्नी की वापसी के लिए गुहार लगा रहा है। कैसे हुई थी कल्पना-युवराज की मुलाकात
कल्पना ने पुलिस को बताया था, 1 साल पहले उसके मायके में एक फंक्शन था। जिसमें वो गई हुई थी। वहीं पर उसने पहली बार युवराज को देखा था। दोनों की वहीं पर जान-पहचान हुई। धीरे-धीरे ये जान पहचान प्यार में बदल गई। युवराज छिप-छिपकर उससे मिलता था, लेकिन अब हम दोनों हमेशा के लिए साथ रहना चाहते हैं। तभी वह अपनी ससुराल से भाग गई। अब पढ़िए सचिन के गांव से रिपोर्ट- दैनिक भास्कर की टीम जब सचिन के गांव दिलपुरा पहुंची तो कोई भी व्यक्ति इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ। सब लोग सचिन की बात सुनकर हंसने लगते। इतना ही नहीं कुछ ने तो सचिन के अंदर ही कमी बता दी। हालांकि पूरी सच्चाई जानने के लिए हम लोग सचिन के घर पहुंचे। सचिन का परिवार मध्यम वर्ग का है। 200 गज में आधा पक्का और आधा कच्चा घर बना हुआ है। परिवार में लोग खेती-किसानी और मजदूरी करते हैं। परिवार में सचिन के मां-पिता, दो छोटे भाई और दादी हैं। घर से बहू के जाने के बाद सभी लोग काफी शर्मिंदा हैं। उनका कहना है, अभी दो बेटे बचे थे शादी के लिए, अब कौन अपनी बेटी हमें देगा। उदास मन से सचिन ने बात की… सचिन घर के बाहर ही कुर्सी डालकर बैठा हुआ था। हमने जब उससे बात की तो उसने बहुत उदास मन से जवाब देना शुरू किया। वो बात करते-करते बार-बार अपनी आंखें नीचे कर लेता। उसने बताया, मेरी शादी को डेढ़ साल हो गया है। वो न मिली तो मैं मर जाऊंगा। इसका जिम्मेदार वो लड़का होगा, जो उसको भगाकर ले गया है। मैं अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता हूं। वो युवराज नाम के लड़के के साथ गई है। 8 दिन से मेरी पत्नी गायब है। इसे पहले वो कभी कहीं नहीं गई है। उसको यही सब करना था तो मुझसे शादी क्यों की? मेरी जिंदगी खराब क्यों की? फिर वो हमारा घर क्यों बिगाड़ रही है सचिन आगे कहता है, मैंने 8 दिन से खाना नहीं खाया है। पुलिस में शिकायत की हैं। हमारे रिश्ते को लेकर कोई पंचायत नहीं हुई थी। न ही किसी ने समझाया था। उससे मैंने बहुत पूछा, मेरी कमी बताओ, गलती बताओ, लेकिन वो हमें कुछ नहीं बताई। ये 15-15 दिन वाली बात भी झूठ है। ऐसे मैं उसे कभी अपने साथ नहीं रख सकता। मुझसे कहती है, आप लोगों की गलती कोई नहीं है। लेकिन मुझे एक बात समझ नहीं आती, फिर वो हमारा घर क्यों बिगाड़ रही है? दादी बोली–6 महीने में दूसरी शादी करा देंगे वहीं, सचिन की दादी का कहना है कि यह लुगाई रखने वाली नहीं है। दूसरे के घर पहुंच गई है। क्या इसे रखना जरूरी है। पोते की 6 महीने में शादी करवा देंगे। 17 घाट का पानी पी चुकी औरत के पीछे मर जाने की बात करता है। ये तो पागल है। सचिन के घर वाले बोले- अब और बेइज्जती नहीं करवानी सचिन और उसकी दादी के अलावा घर के किसी और सदस्य ने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया। सबका यही कहना था, पहली ही बहुत बेइज्जती हो चुकी है। अब और नहीं करवानी। हालांकि पंचायत में 15 दिन प्रेमी और 15 दिन पति के साथ रहने के कल्पना के प्रस्ताव को लेकर परिवार ने कहा, यह झूठ है। ऐसी कोई बात ही नहीं हुई थी। थाने में हुई पंचायत में कल्पना को ससुराल जाने के लिए कहा गया था। वह आने के अगले ही दिन फिर भाग गई। प्रेमी के पिता बोले–उसको रखना हमारी मजबूरी है सचिन के गांव के बाद हम लोग प्रेमी युवराज के गांव अलीनगर पहुंचे। गांव के लोगों ने कहा, अब जबरदस्ती तो किसी को रख नहीं सकते। जो चली गई है, उसे जाने दो। हालांकि किसी ने भी ये नहीं बताया कि अभी युवराज और कल्पना कहां हैं? युवराज के घर जाने पर हमें उसके पिता प्रीतम सिंह बाहर ही खड़े मिल गए। हमसे बात करते समय उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान थी। प्रीतम सिंह बोले, मेरा लड़का बात करता है, शादीशुदा लड़की से। मेरे लड़के और उस लड़की को प्रधान थाने लेकर गए थे। उसके बाद वहां क्या हुआ, मुझे नहीं पता। अभी दोनों गांव में नहीं हैं। लड़की मेरे लड़के को धमका रही है कि मैं तो अपने घर नहीं जाऊंगी। तेरे साथ ही रहूंगी। अब ऐसे में हम लोग क्या करें। लड़की यहां लौटकर आती है तो उसको रखना हमारी मजबूरी है। थाने में पंचायत हुई थी, जिसमें 4-5 लोग गए थे। पुलिस बोली–महिला को उसके पति को सौंप दिया था, अब कोई रिपोर्ट नहीं है थाना अजीम नगर प्रभारी कर्म सिंह पाल ने बताया, उनके पास 20 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इस पर अगले दिन महिला को बरामद कर उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया था। अब कोई गुमशुदगी दर्ज कराने नहीं आया है। कोई शिकायत करता है तो फिर से कार्रवाई की जाएगी। ——————————– यह खबर भी पढ़ें- प्रयागराज में भाजपा नेता की किडनैप कर हत्या:रेलवे ट्रैक पर मिला शव, दोस्त अरेस्ट; चित्रकूट के जंगल में मिली थी स्कॉर्पियो प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की हत्या कर दी गई है। वह 22 अगस्त से लापता थे। गुरुवार को पुलिस को उनका शव क्षत-विक्षत हालत में पूरामुफ्ती में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। रणधीर यादव की हत्या का शक उनके दोस्त राम सिंह पर है। पुलिस ने राम सिंह को अरेस्ट कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
यह मामला रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के दिलपुरा और टांडा थाना क्षेत्र के गांव अलीनगर नूरपुर से जुड़ा हुआ है। दोनों गांवों के बीच 30 किलोमीटर की दूरी है। डेढ़ साल पहले शहजादनगर थाना क्षेत्र के चमरपुरा गांव की रहने वाली कल्पना (22) की शादी अजीमनगर के गांव दिलपुरा में सचिन (26) से हुई थी। दोनों की शादी अच्छी चल रही थी, लेकिन दिक्कत आई इसी 20 अगस्त को, जब कल्पना अचानक अपने ससुराल से लापता हो गई। 22 अगस्त को फिर से लापता हो गई थी कल्पना
पति सचिन ने पुलिस के पास गुमशुदगी दर्ज करवाई और 21 अगस्त को पुलिस ने कल्पना को बरामद कर लिया। तब कल्पना ने पहली बार अलीनगर नूरपुर के अपने प्रेमी युवराज (24) का जिक्र सबके सामने किया। थाने में पुलिस वालों और परिवार ने उसको बहुत समझाया। उस समय तो वो अपने पति के साथ घर वापस आ गई, लेकिन 22 अगस्त को फिर से लापता हो गई, जिसके बाद अभी तक नहीं लौटी। सचिन पत्नी की वापसी के लिए गुहार लगा रहा है। कैसे हुई थी कल्पना-युवराज की मुलाकात
कल्पना ने पुलिस को बताया था, 1 साल पहले उसके मायके में एक फंक्शन था। जिसमें वो गई हुई थी। वहीं पर उसने पहली बार युवराज को देखा था। दोनों की वहीं पर जान-पहचान हुई। धीरे-धीरे ये जान पहचान प्यार में बदल गई। युवराज छिप-छिपकर उससे मिलता था, लेकिन अब हम दोनों हमेशा के लिए साथ रहना चाहते हैं। तभी वह अपनी ससुराल से भाग गई। अब पढ़िए सचिन के गांव से रिपोर्ट- दैनिक भास्कर की टीम जब सचिन के गांव दिलपुरा पहुंची तो कोई भी व्यक्ति इस मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ। सब लोग सचिन की बात सुनकर हंसने लगते। इतना ही नहीं कुछ ने तो सचिन के अंदर ही कमी बता दी। हालांकि पूरी सच्चाई जानने के लिए हम लोग सचिन के घर पहुंचे। सचिन का परिवार मध्यम वर्ग का है। 200 गज में आधा पक्का और आधा कच्चा घर बना हुआ है। परिवार में लोग खेती-किसानी और मजदूरी करते हैं। परिवार में सचिन के मां-पिता, दो छोटे भाई और दादी हैं। घर से बहू के जाने के बाद सभी लोग काफी शर्मिंदा हैं। उनका कहना है, अभी दो बेटे बचे थे शादी के लिए, अब कौन अपनी बेटी हमें देगा। उदास मन से सचिन ने बात की… सचिन घर के बाहर ही कुर्सी डालकर बैठा हुआ था। हमने जब उससे बात की तो उसने बहुत उदास मन से जवाब देना शुरू किया। वो बात करते-करते बार-बार अपनी आंखें नीचे कर लेता। उसने बताया, मेरी शादी को डेढ़ साल हो गया है। वो न मिली तो मैं मर जाऊंगा। इसका जिम्मेदार वो लड़का होगा, जो उसको भगाकर ले गया है। मैं अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता हूं। वो युवराज नाम के लड़के के साथ गई है। 8 दिन से मेरी पत्नी गायब है। इसे पहले वो कभी कहीं नहीं गई है। उसको यही सब करना था तो मुझसे शादी क्यों की? मेरी जिंदगी खराब क्यों की? फिर वो हमारा घर क्यों बिगाड़ रही है सचिन आगे कहता है, मैंने 8 दिन से खाना नहीं खाया है। पुलिस में शिकायत की हैं। हमारे रिश्ते को लेकर कोई पंचायत नहीं हुई थी। न ही किसी ने समझाया था। उससे मैंने बहुत पूछा, मेरी कमी बताओ, गलती बताओ, लेकिन वो हमें कुछ नहीं बताई। ये 15-15 दिन वाली बात भी झूठ है। ऐसे मैं उसे कभी अपने साथ नहीं रख सकता। मुझसे कहती है, आप लोगों की गलती कोई नहीं है। लेकिन मुझे एक बात समझ नहीं आती, फिर वो हमारा घर क्यों बिगाड़ रही है? दादी बोली–6 महीने में दूसरी शादी करा देंगे वहीं, सचिन की दादी का कहना है कि यह लुगाई रखने वाली नहीं है। दूसरे के घर पहुंच गई है। क्या इसे रखना जरूरी है। पोते की 6 महीने में शादी करवा देंगे। 17 घाट का पानी पी चुकी औरत के पीछे मर जाने की बात करता है। ये तो पागल है। सचिन के घर वाले बोले- अब और बेइज्जती नहीं करवानी सचिन और उसकी दादी के अलावा घर के किसी और सदस्य ने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया। सबका यही कहना था, पहली ही बहुत बेइज्जती हो चुकी है। अब और नहीं करवानी। हालांकि पंचायत में 15 दिन प्रेमी और 15 दिन पति के साथ रहने के कल्पना के प्रस्ताव को लेकर परिवार ने कहा, यह झूठ है। ऐसी कोई बात ही नहीं हुई थी। थाने में हुई पंचायत में कल्पना को ससुराल जाने के लिए कहा गया था। वह आने के अगले ही दिन फिर भाग गई। प्रेमी के पिता बोले–उसको रखना हमारी मजबूरी है सचिन के गांव के बाद हम लोग प्रेमी युवराज के गांव अलीनगर पहुंचे। गांव के लोगों ने कहा, अब जबरदस्ती तो किसी को रख नहीं सकते। जो चली गई है, उसे जाने दो। हालांकि किसी ने भी ये नहीं बताया कि अभी युवराज और कल्पना कहां हैं? युवराज के घर जाने पर हमें उसके पिता प्रीतम सिंह बाहर ही खड़े मिल गए। हमसे बात करते समय उनके चेहरे पर हल्की सी मुस्कान थी। प्रीतम सिंह बोले, मेरा लड़का बात करता है, शादीशुदा लड़की से। मेरे लड़के और उस लड़की को प्रधान थाने लेकर गए थे। उसके बाद वहां क्या हुआ, मुझे नहीं पता। अभी दोनों गांव में नहीं हैं। लड़की मेरे लड़के को धमका रही है कि मैं तो अपने घर नहीं जाऊंगी। तेरे साथ ही रहूंगी। अब ऐसे में हम लोग क्या करें। लड़की यहां लौटकर आती है तो उसको रखना हमारी मजबूरी है। थाने में पंचायत हुई थी, जिसमें 4-5 लोग गए थे। पुलिस बोली–महिला को उसके पति को सौंप दिया था, अब कोई रिपोर्ट नहीं है थाना अजीम नगर प्रभारी कर्म सिंह पाल ने बताया, उनके पास 20 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इस पर अगले दिन महिला को बरामद कर उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया था। अब कोई गुमशुदगी दर्ज कराने नहीं आया है। कोई शिकायत करता है तो फिर से कार्रवाई की जाएगी। ——————————– यह खबर भी पढ़ें- प्रयागराज में भाजपा नेता की किडनैप कर हत्या:रेलवे ट्रैक पर मिला शव, दोस्त अरेस्ट; चित्रकूट के जंगल में मिली थी स्कॉर्पियो प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की हत्या कर दी गई है। वह 22 अगस्त से लापता थे। गुरुवार को पुलिस को उनका शव क्षत-विक्षत हालत में पूरामुफ्ती में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। रणधीर यादव की हत्या का शक उनके दोस्त राम सिंह पर है। पुलिस ने राम सिंह को अरेस्ट कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…