यूपी में हो रही लगातार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 49 जिलों में बारिश होगी। इसमें से 7 जिलों में बारिश का रेड अलर्ट है। जबकि 15 जिलों में भारी बारिश होगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न जिलों में अगले 48 घंटे बाद लगातार 5 दिनों तक भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बन रहा है। 13 से 15 अगस्त के बीच प्रदेश के पूर्वी-पश्चिमी दोनों संभागों में अच्छी बारिश के संकेत हैं। सोमवार को लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज समेत 15 से अधिक जिलों में सुबह से रुक-रुक कर बारिश हुई। लखनऊ में तेज बारिश के चलते विधानसभा परिसर में पानी भर गया। इससे नेताओं और सचिवालय कर्मियों को आने-जाने में परेशानी हुई। सीएम आवास के पास सड़क पर 2 फीट तक पानी भर गया। सहारनपुर में बरसाती नदी में अचानक तेज पानी आने से एक स्कूल वैन फंस गई। इससे बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चों को गोद में उठाकर तुरंत रेस्क्यू किया। हापुड़ में गंगा के तेज बहाव के बीच दो युवकों ने नाव की छत पर सवार होकर खतरनाक स्टंट किया। बिजनौर की गुला नदी में सोमवार को एक कार बह गई। नहटौर के गारोपुर निवासी अभय मंदिर से लौट रहे थे। तभी नदी में अचानक पानी बढ़ गया था। ग्रामीणों ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर रस्सी के सहारे ड्राइवर को बाहर निकाला। कार को ट्रैक्टर और जेसीबी की मदद से बाहर निकाला। संभल में गंगा उफान पर है। गुन्नौर में 5 गांवों में बाढ़ आ गई है। बारिश के चलते कच्चे मकान की छत गिर गई। दबकर महिला की मौत हो गई, जबकि पति घायल है। सोमवार की 5 तस्वीरें देखिए- बाढ़ से धान और सब्जियों को नुकसान
प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, बदायूं जैसे 20 से ज्यादा जिले बाढ़ की चपेट में हैं। साथ ही कई अन्य जिलों में जलभराव की परिस्थितियां हैं। इन इलाकों में धान की फसल को अच्छा खासा नुकसान पहुंचा है। जमीन पर फैलने वाली लता और बेल वाली हरी सब्जियां कद्दू, लौकी, तरोई आदि जल जमाव से सड़ गई हैं। प्रयागराज, प्रतापगढ़ व जौनपुर आदि में होने वाले सफेद तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द की फसल को भी भारी बारिश से नुकसान पहुंचा है।
प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, बदायूं जैसे 20 से ज्यादा जिले बाढ़ की चपेट में हैं। साथ ही कई अन्य जिलों में जलभराव की परिस्थितियां हैं। इन इलाकों में धान की फसल को अच्छा खासा नुकसान पहुंचा है। जमीन पर फैलने वाली लता और बेल वाली हरी सब्जियां कद्दू, लौकी, तरोई आदि जल जमाव से सड़ गई हैं। प्रयागराज, प्रतापगढ़ व जौनपुर आदि में होने वाले सफेद तिल, ज्वार, बाजरा, उड़द की फसल को भी भारी बारिश से नुकसान पहुंचा है।