यूपी सरकार सख्त- बनकर रहेगा बांके बिहारी कॉरिडोर:गोस्वामी परिवार बोला- सारा पैसा ले लो, हमारे ठाकुरजी हमें दे दो

मथुरा के वृंदावन में बांके बिहारी कॉरिडोर बनाने का गोस्वामी परिवार विरोध कर रहा है। धर्मार्थ कार्य विभाग का कहना है कि विरोध की असल वजह सिर्फ गोस्वामी परिवारों के अधिकार का झगड़ा नहीं है। झगड़ा गोस्वामी परिवारों और स्वामी हरिदास ट्रस्ट के बीच हर महीने लाखों रुपए के चढ़ावे की रकम का भी है। कॉरिडोर बनने से बांके बिहारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे की राशि पर बड़ा अधिकार ट्रस्ट का होगा। विभाग का कहना है कि सरकार का मजबूत इरादा है, कोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद अब कॉरिडोर बनाया जाएगा। सरकार चंद परिवारों से ज्यादा मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार है। दरअसल, गोस्वामी परिवार की ओर से देवेंद्र नाथ गोस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच में रिव्यू पिटीशन दाखिल की है। मामले की सुनवाई 29 जुलाई को है। मामला कोर्ट में है। ऐसे में कॉरिडोर निर्माण के लिए सरकार के पास विकल्प क्या है? गोस्वामी परिवार का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट… श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा प्राथमिकता
धर्मार्थ कार्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि बांके बिहारी कॉरिडोर के निर्माण से स्थानीय लोगों के साथ मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। सरकार ने कॉरिडोर निर्माण से पहले जनभावना को भी जाना है। जनता ने जो चाहा, वही सरकार कर रही है। सरकार और शासन का तर्क है कि मथुरा का विकास, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। सरकार सुनवाई के दौरान कोर्ट में बताएगी कि किस तरह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, विंध्यवासिनी कॉरिडोर बनने से दोनों क्षेत्रों का विकास हुआ। पहले काशी में जहां रोज 25-30 हजार श्रद्धालु आते थे, उनके लिए भी रास्ते तंग थे। आज 4-5 लाख श्रद्धालु रोज आते हैं, वह भी काफी सुविधाजनक दर्शन करते हैं। बांके बिहारी कॉरिडोर बनने से कॉरिडोर ही नहीं, उसके आस-पास के इलाकों का भी विकास होगा। धर्मार्थ कार्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मौजूदा स्थिति में बांके बिहारी मंदिर में थोड़ी भीड़ बढ़ने पर ही भगदड़ की आशंका रहती है। पहले कई बार भगदड़ में लोगों की जान भी गई है। लेकिन, कॉरिडोर बनने से इस समस्या का स्थायी समाधान होगा। कुंज गलियों को यथासंभव बचाया जाएगा
धर्मार्थ कार्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि कुंज की गलियों को यथासंभव बचाने का प्रयास किया जाएगा। बांके बिहारी कॉरिडोर के निर्माण पर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कॉरिडोर निर्माण के लिए पैसे की कमी नहीं है। जितनी जरूरत होगी, सरकार उतना बजट देगी। सेवादारों को बेदखल करना अफवाह
बांके बिहारी मंदिर तक पहुंचने के लिए यहां के मुख्य रास्ते से 22 गलियां हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा छोटी गलियां भी हैं, जो एक-दूसरे से कनेक्ट हैं। धर्मार्थ कार्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि कॉरिडोर निर्माण से सेवादारों को बेदखल करना सिर्फ अफवाह है। गोस्वामी परिवार इस तरह की अफवाह फैलाकर स्थानीय लोगों को गुमराह कर रहा है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और विंध्यवासिनी धाम कॉरिडोर बनने के बाद वहां के पुराने पुजारियों और सेवादारों के कामकाज में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 2-3 साल में बनकर तैयार होगा कॉरिडोर
बांके बिहारी मंदिर के कॉरिडोर का प्लान धर्मार्थ कार्य विभाग ने कोर्ट में पेश किया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद प्लान पर काम शुरू किया जाएगा। काम शुरू होने से लेकर 2 से 3 साल में कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया जाएगा। गोस्वामी परिवार बोला- मंदिर का अधिग्रहण करना चाहती है सरकार
बांके बिहारी मंदिर के वरिष्ठ सेवायत का गोपी गोस्वामी का कहना है कि ठाकुरजी के जो साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए हैं, वो गोस्वामी परिवार ने ही तो इकट्‌ठा किया है। जिस तरह से पौने दो सौ साल पहले 68 हजार रुपए खर्च कर मंदिर बनाया था, उसी तरह से ये नए मंदिर के लिए पैसा इकट्‌ठा हो रहा है। इसमें से हम लोग उपयोग नहीं करते हैं। सरकार पूरी तरह से मंदिर का अधिग्रहण करना चाहती है, उसी में उसका इंटरेस्ट है। बांके बिहारी मंदिर के वरिष्ठ सेवायत का गोपी गोस्वामी का कहना है कि दान के पैसे में हमारा कभी विवाद था ही नहीं। दान का पैसा हमारा कभी था भी नहीं। 1939 से जो हमारे यहां स्कीम बनी है, दान का पैसा जो आता है, गुल्लक में जो पैसा आता है, सीधा बैंक आता है, वह ले जाता है, अपने यहां जमा करती है। वहीं साढ़े तीन सौ करोड़ की एफडी हैं। दान का तो हमारे यहां कभी विषय ही नहीं रहा, हम पर कोई आरोप नहीं है। हम तो कह रहे हैं कि सारा पैसा ले लो, मंदिर ले लो, हमारे ठाकुरजी हमको दे दो। हम उनको लेकर चले जाएंगे। मोदी ने डेढ़ साल पहले दे दिया था संकेत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेढ़ साल पहले ही बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनाने का संकेत दे दिया था। मोदी ने 23 नवंबर, 2023 को मथुरा में मीराबाई की 525वीं जयंती पर आयोजित समारोह में कहा था कि अयोध्या के लोकार्पण की तिथि आ गई है। मथुरा भी अब दूर नहीं, यह क्षेत्र भी विकास में पीछे नहीं रहेगा। भविष्य में यहां भगवान के दर्शन दिव्य रूप में होंगे। अब सरकार क्या कदम उठाएगी? मानसून सत्र में विधेयक पेश करेगी
बांके बिहारी कॉरिडोर निर्माण के लिए योगी सरकार ने अध्यादेश मंजूर किया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, विधानमंडल के मानसून सत्र में सरकार इसका विधेयक भी लेकर आएगी। विधेयक का विपक्ष विरोध कर कुछ सुझाव दे सकता है। लेकिन, दोनों सदनों में सरकार के पास बहुमत होने से विधेयक मंजूर होना तय है। विधेयक मंजूर होने के बाद इसकी नियमावली बनाई जाएगी। इसमें स्वामी हरिदास ट्रस्ट, सेवादारों और गोस्वामी परिवार के अधिकार क्षेत्र और कामकाज तय किए जाएंगे। विधायक ने दिया था बड़े कॉरिडोर का सुझाव
मथुरा के भाजपा विधायक पंडित श्रीकांत शर्मा ने 2023 में मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा था। शर्मा ने मदन मोहन मंदिर से केसी घाट तक एक बड़ा कॉरिडोर बनना चाहिए। इसी कॉरिडोर में बांके बिहारी जी, राधा वल्लभजी के साथ देवालय का प्रवेश द्वार भी हो। कॉरिडोर के लिए यमुना किनारे जमीन भी उपलब्ध है। यमुना के एक ओर पार्किंग बनाई जाए दूसरी ओर कॉरिडोर। इससे कुंज की गलियों का पुरातन स्वरूप भी बना रहेगा। लेकिन, सरकार ने केवल बांके बिहारी मंदिर के आसपास ही कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ‘जहां कृष्ण खेले, वो कुंज गलियां खत्म होंगी’, वृंदावन में बांके बिहारी के लिए बनी थीं; श्रद्धालु बोले- सहूलियत नहीं चाहिए हम वृंदावन में बांके बिहारी के पास इन्हीं कुंज गलियों के लिए ही तो आते हैं। हमारे बच्चे यहां की गलियों में नंगे पांव दौड़ते हैं। अगर ये कुंज गलियां ही नहीं रहेंगी तो हम क्यों आएंगे? हमें ऐसी सहूलियत नहीं चाहिए कि कुंज गलियां ही खत्म हो जाएं। ये शब्द हैं मध्य प्रदेश के इंदौर से आईं माधुरी सोनी के। माधुरी अक्सर बांके बिहारी के दर्शन करने वृंदावन आती हैं। इस वक्त बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर का सर्वे आखिरी चरण में है। सर्वे के बाद कुंज गलियों को तोड़ा जाएगा। इसके चलते कुंज गलियां चर्चा में हैं। इन्हें बचाने के लिए वृंदावन का गोस्वामी परिवार और स्थानीय दुकानदार विरोध कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर