यूपी भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति पर फैसला जल्द हो सकता है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इसको लेकर दिल्ली में मंथन कर रहा है। बुधवार को भी इसे लेकर बैठक चल रही है। पैनल में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला का नाम शामिल है। यूपी जल्द ही पंचायत चुनाव होने हैं। इसके अलावा साल-2027 में विधानसभा चुनाव भी हैं। इसी वजह से बैठक में पिछड़े और अगड़े वर्ग के बीच संतुलन बैठाने पर विचार किया जा रहा है। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के पक्ष में कुछ केंद्रीय मंत्री और लोधी समाज के जनप्रतिनिधि हैं। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, धर्मपाल सिंह का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे आगे चल रहा है। धर्मपाल सिंह की दावेदारी क्यों मजबूत?
धर्मपाल सिंह को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का सबसे करीबी माना जाता है। धर्मपाल सिंह 2016 में भी प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार थे। लेकिन, उस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने बाजी मार ली थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर धर्मपाल सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा ले सकते हैं जनवरी से हो रहा नए अध्यक्ष का इंतजार
यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए जनवरी, 2025 से इंतजार चल रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष जनवरी के पहले सप्ताह में लखनऊ आए थे। उन्होंने 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति का समय दिया था। लेकिन, जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में ज्यादा समय लगने से मामला अटक गया। इसके बाद मार्च महीने में पार्टी ने 98 में से 70 जिलाध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए। उसके बाद भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, बीते दिनों पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े प्रदेश अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी करने लखनऊ आए थे। उन्होंने सीएम योगी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। पिछड़े वर्ग से हैं स्वतंत्र देव और धर्मपाल सिंह
रायशुमारी के बाद पिछड़े वर्ग से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम पैनल में शामिल हुआ था। स्वतंत्र देव की सीएम योगी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पैरवी कर रहे हैं। अगड़े वर्ग से डॉ. दिनेश शर्मा और शुक्ला का नाम
अगड़े वर्ग में राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला का नाम पैनल में शामिल किया गया है। डॉ. शर्मा यूपी में भाजपा के बड़े चेहरे हैं। केंद्रीय नेतृत्व से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय हैं। वहीं, गोविंद नारायण शुक्ला यूपी में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के सबसे करीबी हैं। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी अगड़े वर्ग में शुक्ला को कमान सौंपने के पैरोकार माने जाते हैं। हरीश द्विवेदी का नाम भी सामने आया वहीं, बस्ती के पूर्व सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी ने भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। हरीश द्विवेदी असम भाजपा के प्रभारी भी हैं। असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा भी हरीश द्विवेदी की पैरवी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, हरीश और हेमंत मंगलवार को दिल्ली में ही थे। धर्मपाल सिंह का नाम इसलिए सबसे आगे… —————————– यह खबर भी पढ़ें दिशा पाटनी की बहन बोलीं- अनिरुद्धाचार्य का मुंह तोड़ दूंगी, कथावाचक ने कहा था- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं अनिरुद्धाचार्य का लिव-इन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। जिसमें अनिरुद्धाचार्य कह रहे- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं। उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने कहा- ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी। यहां पढ़ें पूरी खबर
धर्मपाल सिंह को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का सबसे करीबी माना जाता है। धर्मपाल सिंह 2016 में भी प्रदेश अध्यक्ष के दावेदार थे। लेकिन, उस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने बाजी मार ली थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की सरकार बनने पर धर्मपाल सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा ले सकते हैं जनवरी से हो रहा नए अध्यक्ष का इंतजार
यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए जनवरी, 2025 से इंतजार चल रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष जनवरी के पहले सप्ताह में लखनऊ आए थे। उन्होंने 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति का समय दिया था। लेकिन, जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में ज्यादा समय लगने से मामला अटक गया। इसके बाद मार्च महीने में पार्टी ने 98 में से 70 जिलाध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए। उसके बाद भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक, बीते दिनों पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े प्रदेश अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी करने लखनऊ आए थे। उन्होंने सीएम योगी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत अन्य नेताओं से मुलाकात की थी। पिछड़े वर्ग से हैं स्वतंत्र देव और धर्मपाल सिंह
रायशुमारी के बाद पिछड़े वर्ग से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का नाम पैनल में शामिल हुआ था। स्वतंत्र देव की सीएम योगी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पैरवी कर रहे हैं। अगड़े वर्ग से डॉ. दिनेश शर्मा और शुक्ला का नाम
अगड़े वर्ग में राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला का नाम पैनल में शामिल किया गया है। डॉ. शर्मा यूपी में भाजपा के बड़े चेहरे हैं। केंद्रीय नेतृत्व से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वसनीय हैं। वहीं, गोविंद नारायण शुक्ला यूपी में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के सबसे करीबी हैं। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी अगड़े वर्ग में शुक्ला को कमान सौंपने के पैरोकार माने जाते हैं। हरीश द्विवेदी का नाम भी सामने आया वहीं, बस्ती के पूर्व सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी ने भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। हरीश द्विवेदी असम भाजपा के प्रभारी भी हैं। असम के सीएम हिमंत विस्वा सरमा भी हरीश द्विवेदी की पैरवी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, हरीश और हेमंत मंगलवार को दिल्ली में ही थे। धर्मपाल सिंह का नाम इसलिए सबसे आगे… —————————– यह खबर भी पढ़ें दिशा पाटनी की बहन बोलीं- अनिरुद्धाचार्य का मुंह तोड़ दूंगी, कथावाचक ने कहा था- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं अनिरुद्धाचार्य का लिव-इन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। जिसमें अनिरुद्धाचार्य कह रहे- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं। उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने कहा- ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी। यहां पढ़ें पूरी खबर