योगी के ‘जनता दर्शन’ में कैसे पहुंचें?:CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए ‘जनता दर्शन’ लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। फायदा यह होता है कि मुख्यमंत्री अफसरों को सीधे निर्देश देते हैं कि संबंधित मामले में कार्रवाई या जांच होनी चाहिए। लेकिन, हर कोई मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकता। इसका एक प्रॉसेस होता है, जिसको फॉलो करना जरूरी है। इस खबर में यही प्रक्रिया समझते हैं… यूपी में दो जगह लगता है जनता दर्शन हेल्पलाइन पर पूछें- जनता दर्शन कहां लगने वाला है? जनता दर्शन का शेड्यूल फिक्स नहीं होता। मतलब, महीने या हफ्ते में कितनी बार और कहां पर लगेगा? ये मुख्यमंत्री के शेड्यूल के हिसाब से तय होता है। फिर सवाल उठता है कि हम कैसे जाने कि समस्या लेकर कहां और कितने बजे पहुंचना है? इसके लिए पहले आपको सीएम हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क करना होगा। यहां आपको पता चल जाएगा कि अगला जनता दर्शन कहां और कितने बजे लग रहा? अहम बात यह भी है कि कार्यक्रम की जगह और तारीख मुख्यमंत्री के डे-प्लान के अनुसार बदल भी सकती है। इसलिए मूवमेंट करने से पहले हेल्पलाइन नंबर पर दोबारा कंफर्म भी कर लेना चाहिए। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होता जनता दर्शन में शामिल होने के लिए कोई ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस नहीं है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आपकी डिटेल लिखी जाती है। इसके बाद आपको एक टोकन नंबर मिलेगा। इसके आधार पर तय हो जाता है कि आप कब मुख्यमंत्री से मिल सकेंगे? अधिकारियों का मानना है कि शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज होती है, तो उन्हें समझने में आसानी होती है कि संबंधित मामले में लापरवाही किस स्तर पर हुई? दरबार में पहुंचने से पहले आपसे भी जनसुनवाई पोर्टल में शिकायत दर्ज है या नहीं, ये पूछा जाएगा। अगर आपने शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, तब भी आपको मुख्यमंत्री से मिलने दिया जाएगा। सुझाव- आवेदन पत्र जरूर तैयार करें जनता दर्शन में जाने से पहले अपनी समस्या का एक आवेदन पत्र तैयार कर लेना चाहिए। ये नियम कई लोग नहीं जानते। अगर आपके पास कई समस्याएं हैं, तो हर समस्या के लिए अलग-अलग आवेदन तैयार करने चाहिएं। उदाहरण के लिए अगर आपको पेंशन और जमीन विवाद 2 तरह की समस्याएं हैं, तो दोनों का अलग-अलग आवेदन तैयार कर लेना चाहिए। जिससे संबंधित विभाग को आपकी शिकायत सही तरीके से पहुंच सके। इससे कार्रवाई भी जल्दी होती है। पुराने शिकायत पत्रों की रिसीविंग भी जरूर लेकर जाएं जनता दरबार में शामिल हो चुके जौनपुर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज मिश्रा कहते हैं- अगर आपकी शिकायत पुलिस, तहसील, नगर निगम, विकास प्राधिकरण या किसी अन्य सरकारी विभाग से जुड़ी है, तो पहले वहां की गई शिकायतों का रिकॉर्ड भी साथ ले जाएं। इससे यह साबित होता है कि आपने पहले स्थानीय स्तर पर समस्या सुलझाने की कोशिश की, लेकिन समाधान नहीं मिला। इसलिए जनता दरबार पहुंचे हैं। ऐसे मामलों में अधिकारी ज्यादा गंभीरता से कार्रवाई करते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने थाने में शिकायत दी है, तो उसकी कॉपी। तहसील में जमा आवेदन की रसीद, डीएम ऑफिस की रिसीविंग, जनसुनवाई पोर्टल का आवेदन नंबर और लंबित शिकायत का स्टेटस की फोटोकॉपी साथ लेकर जाएं। गंभीर बीमारियों में आर्थिक मदद के लिए एस्टीमेट लेकर जाएं जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचते हैं। अगर आप कैंसर, किडनी, हार्ट या अन्य गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मदद चाहते हैं, तो अस्पताल खर्च का एस्टीमेट, डॉक्टर रिपोर्ट, रेफरल पर्ची और भर्ती डॉक्यमेंट आवेदन के साथ जरूर लगाएं। एस्टीमेट केवल सरकारी अस्पताल जैसे- SGPGI, KGMU, AIIMS या सरकारी मान्यता प्राप्त बड़े प्राइवेट अस्पतालों का ही मान्य होता है। सारे डॉक्यूमेंट साथ होने से आर्थिक मदद जल्दी मिल जाती है। ————————- यह खबर भी पढ़ें – पेट्रोल-डीजल की जगह एथनॉल से चलेंगी गाड़ियां, ये पेट्रोल से ₹30 तक सस्ता होगा, गाजियाबाद-नोएडा के बाद इन शहरों में लगेंगे पंप देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यूपी में डीजल ₹95 और पेट्रोल ₹102 के आसपास बिक रहा है। इसलिए ऑप्शन के तौर पर एथनॉल से चलने वाली गाड़ियों की चर्चा हो रही है। इसे फ्लेक्स फ्यूल भी कहा जा रहा है। जिसकी कीमत ₹70 से ₹75 प्रति लीटर हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, देशभर के सभी पेट्रोल पंप पर E20 मिलने लगा है। पढ़िए पूरी खबर…