उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने ‘मिशन कर्मयोगी’ को प्रधानमंत्री की परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात करते हुए वैश्विक दृष्टिकोण से सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बने। उन्होंने जोर दिया कि यह शासन को भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में तीन करोड़ लोगों को क्षमता संवर्धन से जाेड़ने का लक्ष्य बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाया जा रहा है। सभी सिविल सेवकों के सतत एवं समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना की गई है। ई लर्निंग प्लेटफार्म पर अपलोड करें जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग एवं सरकारी संस्थाएं आवश्यकता अनुरूप अपना पाठ्यक्रम बनाकर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाएं। साथ ही इसे उनके प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संचालित सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए समय की आवश्यकता को देखते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम बनाएं, जिससे ट्रेनिंग सेंटर में ही नव प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता को और बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों एवं सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में एआई और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करें। मिशन कर्मयागी के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर दें ध्यान मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इसका लाभ शासन की प्रत्येक इकाई तक पहुंचे और जनसेवा के मानकों में निरंतर सुधार हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को नई डिजाइन एवं नई तकनीकि का ज्ञान प्राप्त हो सके, इसके दृष्टिगत कैपेसिटी बिल्डिंग का पाठ्यक्रम अवश्य बनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि मिशन कर्मयोगी के तहत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता मजबूत हो।