यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- इस वीर भूमि को जब मैं देखता हूं तब मुझे एक पंक्ति याद आती है। ये एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है। आज खिलजी वंश को कोई जानने वाला नहीं है। याद करिए खिलजी के नाम पर भारत के अंदर कोई नमूना दिखाई देता है क्या? बाबर, औरंगजेब और अकबर के खानदान का कहीं अता-पता नहीं है। महाराणा प्रताप की वंशावली आज भी हमारे साथ है। वीरांगना पद्मिनी की वंशावली हमारे सामने है। हम लोग आज उत्तर प्रदेश में अगर कुछ कर पा रहे हैं तो वह तेज इसी राजस्थान का तेज है। यही चित्तौड़गढ़ का तेज है। मेरे पूज्य दादागुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। सीएम योगी ने ये बातें रविवार को चित्तौड़गढ़ में जौहर मेले में कही। यूपी के सीएम ने कहा-उत्तर हो, दक्षिण हो, पूरब हो या पश्चिम, महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महारानी पद्मिनी, महाराणा कुंभा और बप्पा रावल जैसे वीर योद्धाओं एवं बलिदानियों की महान परंपरा को हर भारतीय नमन करता है। योगी के भाषण की 6 बड़ी बातें 1. अगले चौराहे पर यमराज मिलेगा योगी ने कहा- जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनी तो हमने उस समय भी इस बात को कहा। मैंने वहां के अभिभावकों और प्रदेशवासियों से अनुरोध किया था। मैंने कहा था कि अपराध और अपराधियों के प्रति तथा नारी गरिमा और नारी सुरक्षा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करेगी। योगी ने कहा- याद रखना, अगर किसी ने किसी बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डालने का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहा होगा। आज आप देख रहे होंगे कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ की आबादी का राज्य है। पहले जो बेटियां दूर रिश्तेदारों के यहां रहकर पढ़ाई करने के लिए जाती थीं, आज वे अपने घर में रहकर ही 5-10 किलोमीटर दूर जाकर अपने स्कूल जाती हैं। नारी सुरक्षा का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है? उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में अब वहां की बेटियां और बहनें रात्रि शिफ्ट में भी ऑफिस और कारखानों में काम करके सकुशल अपने घर वापस आती हैं। 2. राजस्थान से प्रेरणा लेते हैं योगी ने कहा- आज उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन दिखता है, वह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में है और उसके पीछे राजस्थान की इस वीर भूमि का भी योगदान है। यही वीरभूमि है और इसीलिए मुझे लगता है कि जब भी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और मेवाड़ के शौर्य और पराक्रम की बात आती है, यहां के वीरों के साहस और पराक्रम की गाथाएं सामने आती हैं। जब वीरांगनाओं के जौहर को हम स्मरण करते हैं और मीराबाई की भक्ति की उस धुन से भारत अभिभूत होता है, तो हम सब उससे एक नई प्रेरणा प्राप्त करते हैं। 3. चित्तौड़गढ़ का किला भारत की अस्मिता का प्रहरी योगी ने कहा- याद करिए, इस वीरभूमि ने भारत को एक पहचान दी है। चित्तौड़गढ़ का यह किला, यह दुर्ग केवल पत्थरों से बना हुआ एक दुर्ग नहीं है, बल्कि यह भारत की अस्मिता का प्रहरी है। यह भारत की अस्मिता को लगातार एक नई प्रेरणा दे रहा है। कौन ऐसा भारतीय होगा, कौन ऐसा सच्चा भारतीय होगा, जिसके मन में इस वीरभूमि के प्रति, यहां के राणाओं के बलिदान के प्रति और राष्ट्र के लिए उनके पराक्रम के प्रति श्रद्धा का भाव न हो। हर भारतीय के मन में जब भी भारत संकट में होता है, जब भी भारत का कोई अभिभावक अपने पुत्र को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, तो आप देखते होंगे कि भारतीयों के मन में तीन नाम अक्सर आते हैं,महाराणा प्रताप का नाम आता है, छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम आता है और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का स्मरण आता है। 4.सीता मां का संकल्प, महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया योगी ने कहा- कहा जाता है कि जब माता सीता के अंतिम समय में प्रभु श्रीराम से मिलन की बात सामने आई। तब माता सीता ने धरती माता के सामने एक ही व्रत रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर मेरा सतित्व अखंड है तो धरती माता मुझे अपनी गोद में समाहित कर लें। माता सीता का यही संकल्प यहां महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया था। यह वही संकल्प था जो नारी गरिमा का प्रतीक था और भारत की धरती को विधर्मियों से मुक्त रखने का संकल्प था। यह संकल्प इस बात का था कि किसी विधर्मी को भारत माता और नारी के आन-बान-शान पर हाथ उठाने की इजाजत तो दूर, भारत की धरती पर उसके कदम भी न पड़ें। 5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता
योगी ने कहा- नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो भारत का विभाजन नहीं होता। पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार जाइए आज भी भारत की आजादी का स्मारक उनकी याद में बना है। कौन लोग हैं जो अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। याद करेंगे तो ये वही लोग हैं जिन्होंने कहा था कि राम और कृष्ण तो हैं ही नहीं। ये वही लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर न बनने देने के प्रयास किए। ये वही लोग हैं जो राम सेतु तोड़ने की बात करते हैं। 6. सीता मां का संकल्प, महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- कहा जाता है कि जब माता सीता के अंतिम समय में प्रभु श्रीराम से मिलन की बात सामने आई। तब माता सीता ने धरती माता के सामने एक ही व्रत रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर मेरा सतित्व अखंड है तो धरती माता मुझे अपनी गोद में समाहित कर लें। उन्होंने कहा कि माता सीता का यही संकल्प यहां महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया था। यह वही संकल्प था जो नारी गरिमा का प्रतीक था और भारत की धरती को विधर्मियों से मुक्त रखने का संकल्प था। यह संकल्प इस बात का था कि किसी विधर्मी को भारत माता और नारी के आन-बान-शान पर हाथ उठाने की इजाजत तो दूर, भारत की धरती पर उसके कदम भी न पड़ें। विश्वराज बोले- उदयपुर में लोग इतिहास के लिए नहीं, नाच-गाने आ रहे
पूर्व राजपरिवार सदस्य और सांसद विश्वराज सिंह ने कहा कि समय-समय पर हमारे पूर्वजों और इतिहास के बारे में गलत बात करते हैं। हमने बहुत झेल लिया। अब समय है सबक सिखाने का। सबक सिखाने का मतलब कानून हाथ में लेने का नहीं है। कानून के हद में रहकर हमें उन्हें उनकी जगह बतानी है। यहां कई पर्यटक आते हैं। हमारी एक अलग पहचान है। पहचान ही अगर मिट जाए तो क्या फायदा रहेगा। उदयपुर में उसके इतिहास के लिए नहीं, बल्कि नाच गाने के लिए लोग आते हैं। उदयपुर का तो सर्वनाश हो चुका है। इसी हिसाब से चलेगा तो और खराब हो जाएगा। —— यह खबर भी पढ़िए… रेपिस्ट आसाराम ने काशी विश्वनाथ के VIP दर्शन किए: 50 पुलिसवाले भीड़ संभालते रहे; तीन दिनों से प्रवचन कर रहा रेप केस में सजा काट रहा आसाराम तीन दिनों से वाराणसी में है। रविवार शाम करीब 8 बजे उसने VIP प्रोटोकॉल के तहत बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। पढ़ें पूरी खबर…
योगी ने कहा- नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो भारत का विभाजन नहीं होता। पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। पोर्ट ब्लेयर, म्यांमार जाइए आज भी भारत की आजादी का स्मारक उनकी याद में बना है। कौन लोग हैं जो अफवाह के आधार पर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं। याद करेंगे तो ये वही लोग हैं जिन्होंने कहा था कि राम और कृष्ण तो हैं ही नहीं। ये वही लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर न बनने देने के प्रयास किए। ये वही लोग हैं जो राम सेतु तोड़ने की बात करते हैं। 6. सीता मां का संकल्प, महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- कहा जाता है कि जब माता सीता के अंतिम समय में प्रभु श्रीराम से मिलन की बात सामने आई। तब माता सीता ने धरती माता के सामने एक ही व्रत रखा था। उन्होंने कहा था कि अगर मेरा सतित्व अखंड है तो धरती माता मुझे अपनी गोद में समाहित कर लें। उन्होंने कहा कि माता सीता का यही संकल्प यहां महारानी पद्मिनी ने जौहर के रूप में दिखाया था। यह वही संकल्प था जो नारी गरिमा का प्रतीक था और भारत की धरती को विधर्मियों से मुक्त रखने का संकल्प था। यह संकल्प इस बात का था कि किसी विधर्मी को भारत माता और नारी के आन-बान-शान पर हाथ उठाने की इजाजत तो दूर, भारत की धरती पर उसके कदम भी न पड़ें। विश्वराज बोले- उदयपुर में लोग इतिहास के लिए नहीं, नाच-गाने आ रहे
पूर्व राजपरिवार सदस्य और सांसद विश्वराज सिंह ने कहा कि समय-समय पर हमारे पूर्वजों और इतिहास के बारे में गलत बात करते हैं। हमने बहुत झेल लिया। अब समय है सबक सिखाने का। सबक सिखाने का मतलब कानून हाथ में लेने का नहीं है। कानून के हद में रहकर हमें उन्हें उनकी जगह बतानी है। यहां कई पर्यटक आते हैं। हमारी एक अलग पहचान है। पहचान ही अगर मिट जाए तो क्या फायदा रहेगा। उदयपुर में उसके इतिहास के लिए नहीं, बल्कि नाच गाने के लिए लोग आते हैं। उदयपुर का तो सर्वनाश हो चुका है। इसी हिसाब से चलेगा तो और खराब हो जाएगा। —— यह खबर भी पढ़िए… रेपिस्ट आसाराम ने काशी विश्वनाथ के VIP दर्शन किए: 50 पुलिसवाले भीड़ संभालते रहे; तीन दिनों से प्रवचन कर रहा रेप केस में सजा काट रहा आसाराम तीन दिनों से वाराणसी में है। रविवार शाम करीब 8 बजे उसने VIP प्रोटोकॉल के तहत बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। पढ़ें पूरी खबर…