सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 2.0 के साढ़े 3 साल का कार्यकाल 25 सितंबर को पूरा हो रहा है। यूपी में अब से अगले विधानसभा चुनाव के बीच सिर्फ साढ़े 15 महीने का समय बाकी है। 25 मार्च, 2027 तक नई सरकार का गठन होना है। ऐसे में जनवरी, 2025 के पहले हफ्ते से आचार संहिता लग जाएगी। इस तरह से सरकार के पास अपनी बची हुई योजनाएं लागू करने के लिए करीब 470 दिन का समय है। इसीलिए योगी सरकार और भाजपा ने पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसीलिए सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में सेवा पखवाड़ा (17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक) मना रही है। शारदीय नवरात्र से सरकार चुनावी मोड में भी आने लगी है। अगले साल जनवरी महीने से योगी सरकार पूरी तरह चुनावी रफ्तार पकड़ लेगी। पंचायत चुनाव के साथ ही यूपी के गांव-गांव, शहर-शहर में चुनावी माहौल सजना शुरू हो जाएगा। यह सब मार्च, 2027 में नई सरकार बनने तक बदस्तूर जारी रहेगा। सरकार अब जो भी योजनाएं लागू करेगी और बड़े फैसले लेगी, उसके पीछे एक ही मकसद होगा, 2027 में हैट्रिक लगाना। जानिए यूपी में अगले चुनाव का गणित अब जानिए, योगी सरकार की क्या है प्लानिंग 1- जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण होगा
एक अधिकारी ने बताया- सरकार तमाम बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और उद्घाटन करेगी। इसमें जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेरठ से प्रयागराज तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण भी शामिल है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के प्लांट से पहली मिसाइल का उत्पादन होगा। लखनऊ में मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास होगा। इस साल में बजट में घोषित 4 नए एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास होगा। जेवर एयरपोर्ट के साथ अन्य एयरपोर्ट का भी लोकार्पण होगा। 2- दो लाख नई नौकरियां निकाल सकती है सरकार
लोकसभा चुनाव- 2024 में यूपी में भाजपा की कम सीटें आने की बड़ी वजह बेरोजगारी को माना गया। जानकार मानते हैं, सरकार आने वाले डेढ़ साल में डेढ़ से दो लाख सरकारी नौकरियों की वैकेंसी निकाल सकती है। इनमें शिक्षा, पुलिस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य विभागों की भर्तियां शामिल हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनाने की कवायद शुरू की है। इसके जरिए डेढ़ साल में एक लाख से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी भर्ती किए जा सकते हैं। 3- विधायकों-मंत्रियों की नाराजगी दूर करने की कोशिश होगी
सरकार को बीते कुछ दिनों से मंत्रियों-विधायकों की नाराजगी के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के असंतोष की शिकायतें भी मिल रही हैं। यह मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चिंता का विषय बना है। जानकार मानते हैं, अब सरकार और संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की कोशिश की जाएगी। 4- सीएम योगी करेंगे यूपी के सभी जिलों का दौरा
सीएम योगी पंचायत चुनाव से पहले एक बार यूपी के सभी 75 जिलों का दौरा करेंगे। पंचायत चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव से पहले भी वह दोबारा 75 जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान योगी सरकार और संगठन में तालमेल बैठाने के साथ जमीनी हकीकत का पता भी लगाएंगे। उसके अनुसार ही समस्याओं के समाधान और वोटबैंक को साधने की रणनीति बनाएंगे। 5- आरक्षण में आरक्षण पर हो सकता है फैसला
केंद्र सरकार ने ओबीसी और एससी में आरक्षण में आरक्षण देने पर सहमति देते हुए राज्यों को भी इसे लागू करने को कहा है। बिहार में यह व्यवस्था पहले से लागू है। यूपी में भी विधानसभा चुनाव से पहले अति पिछड़ी और दलित जातियों को साधने के लिए यह व्यवस्था लागू हो सकती है। 6- एकीकृत पेंशन योजना लागू हो सकती है
केंद्र सरकार ने देश में 1 अप्रैल, 2025 से एकीकृत पेंशन योजना लागू की है। केंद्र ने सभी एनडीए शासित राज्यों को यह पेंशन योजना लागू करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार भी विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों की नाराजगी दूर करने के लिए इस योजना को लागू कर सकती है। एकीकृत पेंशन योजना (UPS) केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में पेश की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उचित रिटायरमेंट इनकम देना है। 7- हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को धार देंगे
सरकार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में संभल दंगों की जांच रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। इसके बाद यह सार्वजनिक हो जाएगी। इस रिपोर्ट के साथ ही सरकार हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को धार देने का अभियान शुरू करेगी। इतना ही नहीं, सरकार विधानसभा चुनाव से पहले मथुरा में बांके बिहारी मंदिर न्यास बनाने के साथ ही बांके बिहारी कॉरिडोर निर्माण शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। 8- विधायकों को मिलेगी सड़कों की सौगात
सीएम योगी ने पिछले महीनों में विधायकों की मंडलवार बैठक कर उनसे सड़क, फ्लाईओवर समेत अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए थे। एक अधिकारी बताते हैं- दीपावली के बाद सरकार उन सभी प्रस्तावों की स्वीकृति देकर काम शुरू कराने जा रही है। हर विधायक के क्षेत्र में 10-20 करोड़ रुपए तक की सड़कों के काम कराए जाएंगे। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले भी अगले साल अक्टूबर-नवंबर तक विधायकों को उनके क्षेत्र में 10-10 करोड़ की सड़कों के काम मिल सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्रनाथ भट्ट मानते हैं, योगी सरकार को फायर फाइटिंग करने की जरूरत नहीं। इस सरकार में केवल सरकार और संगठन के बीच की खाई को कम करना होगा। इस खाई का फायदा यूपी के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उठा रहे हैं। वह जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इस खाई को जितना समय रहते पाट लें, उतना भाजपा और योगी सरकार के लिए बेहतर होगा। 2024 में भी यह समस्या आई थी कि योगी की सलाह पर प्रत्याशी का चयन नहीं हुआ था। जबकि, योगी आरएसएस के एजेंडों का लागू कर रहे हैं। सरकार युवाओं, पिछड़ों और दलितों के लिए कोई बड़ी योजना को लागू कर सकती है। सरकार का पूरा फोकस अब वोटबैंक पर रहेगा। अब जो निर्णय और योजनाएं लागू होंगी, वह चुनाव के मद्देनजर ही लागू होंगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर कविराज बताते हैं, राजनीतिक दल सबसे पहले चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वे जनता की समस्याओं के समाधान और रोजगार पर काम करेंगे। साथ ही लोकलुभावन योजनाएं भी पेश करेंगे। सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में किए गए कामों को जनता तक पहुंचाएगी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… राजा भैया का बेटा बोला-पापा तो साथ रहना चाहते थे, मम्मा ने बिना बताए घर छोड़ा, अब 100 करोड़ मांग रहीं राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे विवाद में उनके बेटे शिवराज सिंह ने बड़ी बात कही है। बेटे ने कहा- दाऊ (राजा भैया) ने मम्मा (भानवी सिंह) के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। अब संपत्ति और रुपए की चाह में पिता के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिख रही हैं। साथ ही कहा था की भानवी सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं। वह 10 साल से अलग रह रही हैं। फेक हथियारों की फोटो दिखा रही हैं। ये खबर भी पढ़ें…
एक अधिकारी ने बताया- सरकार तमाम बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और उद्घाटन करेगी। इसमें जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेरठ से प्रयागराज तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण भी शामिल है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल के प्लांट से पहली मिसाइल का उत्पादन होगा। लखनऊ में मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास होगा। इस साल में बजट में घोषित 4 नए एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास होगा। जेवर एयरपोर्ट के साथ अन्य एयरपोर्ट का भी लोकार्पण होगा। 2- दो लाख नई नौकरियां निकाल सकती है सरकार
लोकसभा चुनाव- 2024 में यूपी में भाजपा की कम सीटें आने की बड़ी वजह बेरोजगारी को माना गया। जानकार मानते हैं, सरकार आने वाले डेढ़ साल में डेढ़ से दो लाख सरकारी नौकरियों की वैकेंसी निकाल सकती है। इनमें शिक्षा, पुलिस चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व सहित अन्य विभागों की भर्तियां शामिल हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने आउटसोर्सिंग भर्ती निगम बनाने की कवायद शुरू की है। इसके जरिए डेढ़ साल में एक लाख से ज्यादा आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी भर्ती किए जा सकते हैं। 3- विधायकों-मंत्रियों की नाराजगी दूर करने की कोशिश होगी
सरकार को बीते कुछ दिनों से मंत्रियों-विधायकों की नाराजगी के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के असंतोष की शिकायतें भी मिल रही हैं। यह मामला लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चिंता का विषय बना है। जानकार मानते हैं, अब सरकार और संगठन के स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की कोशिश की जाएगी। 4- सीएम योगी करेंगे यूपी के सभी जिलों का दौरा
सीएम योगी पंचायत चुनाव से पहले एक बार यूपी के सभी 75 जिलों का दौरा करेंगे। पंचायत चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव से पहले भी वह दोबारा 75 जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान योगी सरकार और संगठन में तालमेल बैठाने के साथ जमीनी हकीकत का पता भी लगाएंगे। उसके अनुसार ही समस्याओं के समाधान और वोटबैंक को साधने की रणनीति बनाएंगे। 5- आरक्षण में आरक्षण पर हो सकता है फैसला
केंद्र सरकार ने ओबीसी और एससी में आरक्षण में आरक्षण देने पर सहमति देते हुए राज्यों को भी इसे लागू करने को कहा है। बिहार में यह व्यवस्था पहले से लागू है। यूपी में भी विधानसभा चुनाव से पहले अति पिछड़ी और दलित जातियों को साधने के लिए यह व्यवस्था लागू हो सकती है। 6- एकीकृत पेंशन योजना लागू हो सकती है
केंद्र सरकार ने देश में 1 अप्रैल, 2025 से एकीकृत पेंशन योजना लागू की है। केंद्र ने सभी एनडीए शासित राज्यों को यह पेंशन योजना लागू करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार भी विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों की नाराजगी दूर करने के लिए इस योजना को लागू कर सकती है। एकीकृत पेंशन योजना (UPS) केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में पेश की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को उचित रिटायरमेंट इनकम देना है। 7- हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को धार देंगे
सरकार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में संभल दंगों की जांच रिपोर्ट सदन में पेश करेगी। इसके बाद यह सार्वजनिक हो जाएगी। इस रिपोर्ट के साथ ही सरकार हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दे को धार देने का अभियान शुरू करेगी। इतना ही नहीं, सरकार विधानसभा चुनाव से पहले मथुरा में बांके बिहारी मंदिर न्यास बनाने के साथ ही बांके बिहारी कॉरिडोर निर्माण शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। 8- विधायकों को मिलेगी सड़कों की सौगात
सीएम योगी ने पिछले महीनों में विधायकों की मंडलवार बैठक कर उनसे सड़क, फ्लाईओवर समेत अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए थे। एक अधिकारी बताते हैं- दीपावली के बाद सरकार उन सभी प्रस्तावों की स्वीकृति देकर काम शुरू कराने जा रही है। हर विधायक के क्षेत्र में 10-20 करोड़ रुपए तक की सड़कों के काम कराए जाएंगे। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले भी अगले साल अक्टूबर-नवंबर तक विधायकों को उनके क्षेत्र में 10-10 करोड़ की सड़कों के काम मिल सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्रनाथ भट्ट मानते हैं, योगी सरकार को फायर फाइटिंग करने की जरूरत नहीं। इस सरकार में केवल सरकार और संगठन के बीच की खाई को कम करना होगा। इस खाई का फायदा यूपी के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उठा रहे हैं। वह जनप्रतिनिधियों की सुनवाई नहीं करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इस खाई को जितना समय रहते पाट लें, उतना भाजपा और योगी सरकार के लिए बेहतर होगा। 2024 में भी यह समस्या आई थी कि योगी की सलाह पर प्रत्याशी का चयन नहीं हुआ था। जबकि, योगी आरएसएस के एजेंडों का लागू कर रहे हैं। सरकार युवाओं, पिछड़ों और दलितों के लिए कोई बड़ी योजना को लागू कर सकती है। सरकार का पूरा फोकस अब वोटबैंक पर रहेगा। अब जो निर्णय और योजनाएं लागू होंगी, वह चुनाव के मद्देनजर ही लागू होंगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर कविराज बताते हैं, राजनीतिक दल सबसे पहले चुनाव पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वे जनता की समस्याओं के समाधान और रोजगार पर काम करेंगे। साथ ही लोकलुभावन योजनाएं भी पेश करेंगे। सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल में किए गए कामों को जनता तक पहुंचाएगी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… राजा भैया का बेटा बोला-पापा तो साथ रहना चाहते थे, मम्मा ने बिना बताए घर छोड़ा, अब 100 करोड़ मांग रहीं राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे विवाद में उनके बेटे शिवराज सिंह ने बड़ी बात कही है। बेटे ने कहा- दाऊ (राजा भैया) ने मम्मा (भानवी सिंह) के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। अब संपत्ति और रुपए की चाह में पिता के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिख रही हैं। साथ ही कहा था की भानवी सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं। वह 10 साल से अलग रह रही हैं। फेक हथियारों की फोटो दिखा रही हैं। ये खबर भी पढ़ें…