राजनाथ सिंह बोले- वंदे मातरम् का उत्सव दिखावे का नहीं:अखिलेश ने कहा- हम बच्चों को पढ़ाते हैं, तो मुकदमा होता है; संसद में हुई बहस

संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हुई। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- ‘वंदे मातरम्’ कोई दिखावा नहीं, कोई राजनीति का भी विषय नहीं। इनके भाषण और विचार सुनते हैं, तो लगता है कि इन्होंने ही इस गीत को बनवाया है। ये राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्र-विवादी लोग हैं। दरारवादी लोग हैं। पीएम ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ गाने पर अंग्रेज बच्चों पर मुकदमे कर देते थे। मैं कहना चाहूंगा कि आज आजादी के बाद यूपी में क्या हो रहा? बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए। पीडीए के लोगों ने पढ़ाने की कोशिश की, तो उन पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। अखिलेश कहा- यूपी ने इन कम्युनल लोगों को वहीं हराकर दिखाया, जहां से ये शुरू हुए थे। इस दौरान अखिलेश अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का हाथ पकड़ा और उन्हें खड़ा किया। फिर बैठा दिया। यह देखकर सपा सांसद ‘PDA जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी बात कही। उन्होंने कहा- वंदे मातरम् मनाने का उत्सव केवल प्रतीकात्मक नहीं होगा। यह दिखावे के लिए नहीं है। यह वंदे मातरम् को वह सम्मान दिलाने का संकल्प है, जिसका वह वास्तव में हकदार है। वंदे मातरम् केवल बंगाल तक सीमित नहीं था। इसका इस्तेमाल पूर्व से पश्चिम तक होता था। सिर्फ भारत में ही नहीं, भारत के बाहर भी लोग इसका जाप करते थे। वहीं, अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर पर ध्वज फहराने गए थे, लेकिन मुझे शामिल नहीं होने दिया गया। यह अयोध्या के लोगों का अपमान है। वंदेमातरम का संदेश है, वो संदेश अधूरा होता है। हमारे नायक सीएम फैजाबाद दीपदान कराने गए थे। वहां भी मुझे नहीं बुलाया गया। बंकिम चंद्र ने 7 नवंबर को लिखा था, आनंदमठ में छपा था संसद में यूपी के सांसदों की एक्टिविटी के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…