यूपी के बहराइच में राम गोपाल मिश्रा हत्याकांड में गुरुवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा दी गई है। उसके पिता अब्दुल हमीद, दो भाइयों समेत 8 दोषियों को उम्रकैद और एक को 8 साल की सजा हुई है। अपर सत्र न्यायाधीश (ADJ) की कोर्ट ने 13 महीने 26 दिन में फैसला दिया है। दो दिन पहले 9 दिसंबर को अदालत ने कुल 13 अभियुक्तों में से 10 को दोषी करार दिया था। जबकि तीन आरोपी खुर्शीद, शकील और अफजल बरी हुए थे। इससे पहले कड़ी सुरक्षा में जेल से सभी दोषियों को कोर्ट लाया गया। अदालत ने एक-एक दोषियों को उनके खिलाफ सजा सुनाई। बहराइच के महराजगंज बाजार में 13 अक्टूबर, 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा हुई थी। इसी दौरान राम गोपाल मिश्रा को पहले गोली मारी गई, फिर पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई थी। हिंसा के दौरान की दो तस्वीरें… 10 प्वाइंट में जानिए 13 अक्टूबर को क्या हुआ दोषियों के नाम और उनके खिलाफ धाराएं दोषियों के नाम इस प्रकार हैं अब्दुल हमीद (मुख्य आरोपी, सरफराज के पिता), सरफराज (अब्दुल के बेटे, गोली चलाने का आरोप), मोहम्मद तालिब, फहीम, जीशान, मोहम्मद सैफ, जावेद, शोएब खान, ननकऊ, मारूफ अली। अदालत ने 191(2) में दो वर्ष, 191(3) में पांच वर्ष, 190, 109(2) में मृत्युदंड व आजीवन कारावास, 249 में पांच वर्ष और 61(2) में आरोपियों को दोशी ठहराया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बाकी 3 अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण उन्हें बरी किया गया। पिता ने कोर्ट का आभार जताया, पत्नी बोली- सभी को फांसी हो रामगोपाल मिश्रा के परिवार ने फैसले के बाद न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया। उनके पिता ने कहा- हमें न्याय की उम्मीद थी और आज अदालत ने उसका मार्ग दिखाया। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” मृतक की माता और पत्नी ने भी न्याय की मांग करते हुए कहा कि यह घटना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ मृत्युदंड की सख्त मांग की। 30-90 दिन में अपील दायर करने का अधिकार दोषसिद्धि और सजा के फैसले के बाद, दोषी को अपील दायर करने का अधिकार होता है। अपील 30-90 दिनों के भीतर की जा सकती है, जिसमें सजा को कम करने, रद्द करने की मांग की जा सकती है। यदि फांसी की सजा हो तो पुष्टि आवश्यक है। पीड़ित पक्ष फांसी की मांग कर सकता है यदि आजीवन कारावास हो। पढ़िए रामगोपाल के परिवार ने हत्या के दिन क्या कहा था मरने से 85 दिन पहले हुई था शादी रामगोपाल की शादी उसकी हत्या से करीब 85 दिन पहले रोली से मंदिर में लव मैरिज थी। शादी में बहुत कम लोग थे। शादी के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने इस रिश्ते को मान लिया था। राम गोपाल पहले लखनऊ में रहता था। रोली ने हिंसा के एक दिन बाद भास्कर से बातचीत में कहा था- उस दिन गांव में भंडारा था, वहीं पति खाना बना रहे थे। लौटे तो कहा कि मैं विसर्जन में जा रहा हूं। रोली ने बताया- मैंने बाइक की चाभी छिपा दी थी। कह रही थी, मत जाइए। उन्होंने जिद की और चले गए। शाम को 5 बजे फोन आया कि उन्हें गोली लगी है। कहा गया कि पैर में लगी है, जान नहीं जाएगी। हम हॉस्पिटल पहुंचे। वहां जो देखा, वह बहुत भयानक था। मेरे पति को बेदर्दी से मारा गया। उनके गले पर चाकू के निशान थे। पैर के सारे नाखूनों को प्लास से खींच लिया गया था। हाथ और पेट में गोलियों के निशान थे। एकदम जानवरों की तरह मारा गया था। तीनों भाइयों की 25 साल की उम्र में मौत राम गोपाल के 4 भाई और दो बहन थे। दो भाइयों की पहले ही मौत हो चुकी है। एक ने फांसी लगा ली थी, दूसरे भाई की डूबने से मौत हुई थी। मौत के समय दोनों की उम्र 25 साल से कम थी। अब राम गोपाल मिश्रा की भी 25 साल से कम उम्र में मौत हो गई। राम गोपाल की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कहती हैं- मेरे बेटे का पूरा शरीर छलनी कर दिया। नाक पर मारा, गर्दन पर मारा, सिर पर मारा। हमारा पूरा घर बर्बाद कर दिया। पिता ने कहा था- बेटा विसर्जन में न गया होता तो ठीक रहता राम गोपाल मिश्रा के पिता कैलाश चंद्र मिश्रा सड़क पर बैठकर हर आने-जाने वालों को देख रहे थे। उन्हें कुछ समझ ही नहीं आ रहा। कहते हैं- बेटा मेरा सहारा था। मुझे कहीं जाना होता था, तो वहीं बाइक से लेकर जाता था। दूसरा बेटा बाइक चला ही नहीं पाता था। अब बहू को लेकर चिंता है। अब उसका क्या होगा? आखिर में वह कहते हैं, बेटा विसर्जन में न गया होता तो ठीक रहता। कम से कम उसकी जान तो बच जाती। —————————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- मीनाक्षी शर्मा ने इंस्पेक्टर को पीटा, VIDEO बनाया:धमकाती थी 25 लाख नहीं दिए तो वीडियो पत्नी को भेज दूंगी जालौन में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय के मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। आरोपी महिला कॉन्स्टेबल मीनाक्षी शर्मा ने इंस्पेक्टर का वीडियो बना लिया था। वह उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, मीनाक्षी और इंस्पेक्टर अरुण के बीच विवाद करीब एक महीने से चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर…