सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर 27 अप्रैल को अलीगढ़ में हाईवे पर करणी सेना के लोगों ने हमला किया। कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। कुछ गाड़ियां डिवाइडर से टकराईं। कुछ समर्थकों को चोटें आईं, लेकिन सांसद पूरी तरह से सुरक्षित रहे। हमले के बीच सांसद को सकुशल निकालने वाले उनके ड्राइवर इम्तियाज उस्मानी उर्फ सोनू से दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने बात की। उन्होंने कहा- मैं गाड़ी चला रहा था, अचानक शीशे पर मोबिल ऑयल फेंक दिया गया। मुझे कुछ दिख नहीं रहा था। लेकिन, मैंने गाड़ी नहीं रोकी। अंदाजे से करीब 500 मीटर तक कार भगाता रहा। क्योंकि वो हमारे ऊपर हमला कर सकते थे, हथियार चला सकते थे। वो लोग हमारे ऊपर ईंटें फेंक सकते थे, हमारी गाड़ी पलटाना चाहते थे। न रुकता, तो वो लोग हत्या कर देते। हमले के वक्त असल में क्या हुआ? हमलावर क्या चाहते थे? पढ़िए ड्राइवर की एक्सक्लूसिव बातचीत… सवाल : 27 अप्रैल को अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे पर क्या हुआ था?
जवाब : हम लोग बुलंदशहर के गांव सुनहेरा जा रहे थे। सांसद जी मेरी बगल वाली सीट पर आगे बैठे थे। गाड़ियों का काफिला खुर्जा बाइपास से गुजर रहा था। सभी गाड़ियां ठीक-ठाक चल रही थीं। हम लोग गभाना टोल से करीब 500 मीटर पहले ही पहुंचे होंगे, तभी मेरी नजर सड़क किनारे खड़े कुछ लोगों पर पड़ी। मुझे लगा कि सांसद का स्वागत करने वाले होंगे। उनके नजदीक पहुंचे तो उन्होंने पहले झंडे दिखाना शुरू किया, फिर हम पर हमला बोल दिया। सवाल: गाड़ियों पर क्या-क्या फेंका गया?
जवाब: पहले तो उन्होंने काले झंडे दिखाए। फिर एक तरफ से उन्होंने काफिले की गाड़ियों पर मोबिल ऑयल और दूसरी तरफ से टायर फेंकना शुरू कर दिया। काफिले में एस्कॉर्ट की 2 गाड़ियों के बाद सबसे आगे हमारी गाड़ी थी। इसलिए सबसे पहले ऑयल मेरी गाड़ी के शीशे पर गिरा। दूसरी तरफ से हमारे ऊपर टायर फेंके जा रहे थे। काफिले की सभी गाड़ियों पर ये दोनों चीजें फेंकी गईं। सवाल: ऐसी स्थिति में गाड़ी कैसे संभाली?
जवाब: मोबिल ऑयल से हमारी गाड़ी का आगे का शीश पूरा काला हो गया। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। बगल में सांसद जी बैठे थे। हमला होते ही मैं अलर्ट हो गया। मैंने गाड़ी की स्पीड कम नहीं होने दी। कुछ पल के लिए लगा कि गाड़ी इधर-उधर जा रही है। लेकिन, अगले ही पल मेरा गाड़ी पर पूरी तरह से नियंत्रण हो गया। मैंने बिना रुके, अंदाजे से गाड़ी दौड़ा दी। उपद्रवियों ने हमारे ऊपर टायर फेंके। अगर, मैं जरा भी खबरा जाता तो वो लोग जान ले लेते। गाड़ी पलट सकती थी। सवाल: गाड़ी कितनी दूर पर रोकी, किसी की मदद ली?
जवाब: हमले वाली जगह गाड़ी रोकना तो दूर, मैंने स्पीड भी कम नहीं की। मेरा पूरा ध्यान घटना वाली जगह से सांसद जी को सुरक्षित बाहर निकालने पर था। मैं बिना रुके 500 मीटर तक गाड़ी भगाता रहा। सामने गभाना टोल पर जब पुलिस-प्रशासन के लोग दिखाई दिए, तब मैंने गाड़ी रोकी। इस बीच मैं गाड़ी के इधर-उधर लगे शीशे में दोनों ओर की स्थिति पर लगातार नजरें बनाए था। गभाना टोल पर पहुंचने के बाद मैंने गाड़ी का शीशा साफ किया। सवाल: उस वक्त हमलावरों की क्या मंशा लगी?
जवाब: जिस तरह से वे हमारी गाड़ियों पर मोबिल ऑयल और टायर फेंक रहे थे, उससे साफ था कि वे हमारी गाड़ियों को पलटाना चाहते थे। गाड़ी के पहियों में जिस तरह से टायर फेंके, अगर वे फंस जाते तो गाड़ी पलट जाती। एक-एक कर कई गाड़ियां एक-दूसरे पर गिर जातीं। वे हमारे ऊपर जानलेवा हमला करने की फिराक में थे। इसलिए मैंने गाड़ी नहीं रोकी। क्योंकि अगर मैं गाड़ी रोकता तो वे हथियार चला सकते थे। ईंट फेंक सकते थे। सवाल: उस वक्त डर भी लगा होगा, कैसे सब कुछ संभाला?
जवाब: मेरा घबराना अलग बात है। मुझे सांसद जी की चिंता थी। अगर उन्हें कुछ हो जाता, तो उसका जिम्मेदार कौन होता? सांसद जी के लिए हम जान दे देंगे। इसलिए हमले के बाद सबसे पहले मैंने गाड़ी को संभाला। मुझे लगा कि कहीं गाड़ी बेकाबू न हो जाए। मैंने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। मेरी जगह और कोई होता, तो कुछ भी हो सकता था। गाड़ी का शीशा ब्लर हो गया था। कुछ दिख नहीं रहा था। फिर भी 500 मीटर गाड़ी भागकर ले गया। यहां मेरा अनुभव काम आया। सवाल: सांसद रामजीलाल सुमन ने उस वक्त क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कुछ खास नहीं बोला। वह खुद सकते में थे कि आखिर ऐसी घटना कैसे हो गई। सांसद जी ने पहले बोला- स्थिति को संभालो। फिर पूछा- सब लोग ठीक हो। काफिले के अन्य लोगों का क्या हाल है? सवाल: काफिले पर हमले के बाद अब क्या सतर्कता बरत रहे?
जवाब: पहले निश्चिंत होकर गाड़ी चलाते थे। अब मेरा फोकस रोड पर दूर तक रहता है। कहीं कोई ऐसी घटना न हो जाए। इधर-उधर नजर रखते हैं। हमारे लोग दिखाई देते हैं, तो बेधड़क गाड़ी रोक लेते हैं। सवाल: काफिले की दूसरी गाड़ियां कैसे टकराईं?
जवाब: हमारी गाड़ी आगे थी। हमारे पीछे कई गाड़ियां चल रही थीं। जैसे ही उनकी गाड़ियों पर आकर टायर और ऑयल गिरा, तो वे बेकाबू हो गईं। कुछ गाड़ियां डिवाइडर से टकराईं, तो कुछ आपस में भिड़ गई थीं। —————————————– सांसद से जुड़ी खबरें और भी हैं… रामजीलाल सुमन बोले- बाबा के लोग अंधे हो गए, सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है हमले के बाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा- बाबा के लोग अंधे हो गए हैं, कुछ भी कर रहे हैं। सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है। सरकार के इशारे पर ये सारा काम हो रहा है। एक वर्ग के लोग खुलेआम कुछ भी कर रहे हैं। सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। सांसद पर हुए हमले के पीछे कौन लोग हैं, ये हमला कैसे हुआ, क्या उन्हें पहले से इसका अंदेशा था? इन तमाम सवालों के जवाब दैनिक भास्कर ने सपा सांसद से जाने। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… आगरा में करणी सेना का बवाल, जमकर तलवारें लहराईं, बैरिकेडिंग तोड़ी, सांसद को नाक रगड़वाने की धमकी दी आगरा में करणी सेना ने जमकर बवाल किया। राणा सांगा की जयंती पर कार्यकर्ता लाडी-डंडे और तलवार लहराते नजर आए। सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर कूच करने का ऐलान किया तो जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई। हजारों की संख्या में लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हाईवे जाम कर दिया। क्लिक कर VIDEO देखें…
जवाब : हम लोग बुलंदशहर के गांव सुनहेरा जा रहे थे। सांसद जी मेरी बगल वाली सीट पर आगे बैठे थे। गाड़ियों का काफिला खुर्जा बाइपास से गुजर रहा था। सभी गाड़ियां ठीक-ठाक चल रही थीं। हम लोग गभाना टोल से करीब 500 मीटर पहले ही पहुंचे होंगे, तभी मेरी नजर सड़क किनारे खड़े कुछ लोगों पर पड़ी। मुझे लगा कि सांसद का स्वागत करने वाले होंगे। उनके नजदीक पहुंचे तो उन्होंने पहले झंडे दिखाना शुरू किया, फिर हम पर हमला बोल दिया। सवाल: गाड़ियों पर क्या-क्या फेंका गया?
जवाब: पहले तो उन्होंने काले झंडे दिखाए। फिर एक तरफ से उन्होंने काफिले की गाड़ियों पर मोबिल ऑयल और दूसरी तरफ से टायर फेंकना शुरू कर दिया। काफिले में एस्कॉर्ट की 2 गाड़ियों के बाद सबसे आगे हमारी गाड़ी थी। इसलिए सबसे पहले ऑयल मेरी गाड़ी के शीशे पर गिरा। दूसरी तरफ से हमारे ऊपर टायर फेंके जा रहे थे। काफिले की सभी गाड़ियों पर ये दोनों चीजें फेंकी गईं। सवाल: ऐसी स्थिति में गाड़ी कैसे संभाली?
जवाब: मोबिल ऑयल से हमारी गाड़ी का आगे का शीश पूरा काला हो गया। कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। बगल में सांसद जी बैठे थे। हमला होते ही मैं अलर्ट हो गया। मैंने गाड़ी की स्पीड कम नहीं होने दी। कुछ पल के लिए लगा कि गाड़ी इधर-उधर जा रही है। लेकिन, अगले ही पल मेरा गाड़ी पर पूरी तरह से नियंत्रण हो गया। मैंने बिना रुके, अंदाजे से गाड़ी दौड़ा दी। उपद्रवियों ने हमारे ऊपर टायर फेंके। अगर, मैं जरा भी खबरा जाता तो वो लोग जान ले लेते। गाड़ी पलट सकती थी। सवाल: गाड़ी कितनी दूर पर रोकी, किसी की मदद ली?
जवाब: हमले वाली जगह गाड़ी रोकना तो दूर, मैंने स्पीड भी कम नहीं की। मेरा पूरा ध्यान घटना वाली जगह से सांसद जी को सुरक्षित बाहर निकालने पर था। मैं बिना रुके 500 मीटर तक गाड़ी भगाता रहा। सामने गभाना टोल पर जब पुलिस-प्रशासन के लोग दिखाई दिए, तब मैंने गाड़ी रोकी। इस बीच मैं गाड़ी के इधर-उधर लगे शीशे में दोनों ओर की स्थिति पर लगातार नजरें बनाए था। गभाना टोल पर पहुंचने के बाद मैंने गाड़ी का शीशा साफ किया। सवाल: उस वक्त हमलावरों की क्या मंशा लगी?
जवाब: जिस तरह से वे हमारी गाड़ियों पर मोबिल ऑयल और टायर फेंक रहे थे, उससे साफ था कि वे हमारी गाड़ियों को पलटाना चाहते थे। गाड़ी के पहियों में जिस तरह से टायर फेंके, अगर वे फंस जाते तो गाड़ी पलट जाती। एक-एक कर कई गाड़ियां एक-दूसरे पर गिर जातीं। वे हमारे ऊपर जानलेवा हमला करने की फिराक में थे। इसलिए मैंने गाड़ी नहीं रोकी। क्योंकि अगर मैं गाड़ी रोकता तो वे हथियार चला सकते थे। ईंट फेंक सकते थे। सवाल: उस वक्त डर भी लगा होगा, कैसे सब कुछ संभाला?
जवाब: मेरा घबराना अलग बात है। मुझे सांसद जी की चिंता थी। अगर उन्हें कुछ हो जाता, तो उसका जिम्मेदार कौन होता? सांसद जी के लिए हम जान दे देंगे। इसलिए हमले के बाद सबसे पहले मैंने गाड़ी को संभाला। मुझे लगा कि कहीं गाड़ी बेकाबू न हो जाए। मैंने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला। मेरी जगह और कोई होता, तो कुछ भी हो सकता था। गाड़ी का शीशा ब्लर हो गया था। कुछ दिख नहीं रहा था। फिर भी 500 मीटर गाड़ी भागकर ले गया। यहां मेरा अनुभव काम आया। सवाल: सांसद रामजीलाल सुमन ने उस वक्त क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कुछ खास नहीं बोला। वह खुद सकते में थे कि आखिर ऐसी घटना कैसे हो गई। सांसद जी ने पहले बोला- स्थिति को संभालो। फिर पूछा- सब लोग ठीक हो। काफिले के अन्य लोगों का क्या हाल है? सवाल: काफिले पर हमले के बाद अब क्या सतर्कता बरत रहे?
जवाब: पहले निश्चिंत होकर गाड़ी चलाते थे। अब मेरा फोकस रोड पर दूर तक रहता है। कहीं कोई ऐसी घटना न हो जाए। इधर-उधर नजर रखते हैं। हमारे लोग दिखाई देते हैं, तो बेधड़क गाड़ी रोक लेते हैं। सवाल: काफिले की दूसरी गाड़ियां कैसे टकराईं?
जवाब: हमारी गाड़ी आगे थी। हमारे पीछे कई गाड़ियां चल रही थीं। जैसे ही उनकी गाड़ियों पर आकर टायर और ऑयल गिरा, तो वे बेकाबू हो गईं। कुछ गाड़ियां डिवाइडर से टकराईं, तो कुछ आपस में भिड़ गई थीं। —————————————– सांसद से जुड़ी खबरें और भी हैं… रामजीलाल सुमन बोले- बाबा के लोग अंधे हो गए, सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है हमले के बाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा- बाबा के लोग अंधे हो गए हैं, कुछ भी कर रहे हैं। सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है। सरकार के इशारे पर ये सारा काम हो रहा है। एक वर्ग के लोग खुलेआम कुछ भी कर रहे हैं। सरकार उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। सांसद पर हुए हमले के पीछे कौन लोग हैं, ये हमला कैसे हुआ, क्या उन्हें पहले से इसका अंदेशा था? इन तमाम सवालों के जवाब दैनिक भास्कर ने सपा सांसद से जाने। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… आगरा में करणी सेना का बवाल, जमकर तलवारें लहराईं, बैरिकेडिंग तोड़ी, सांसद को नाक रगड़वाने की धमकी दी आगरा में करणी सेना ने जमकर बवाल किया। राणा सांगा की जयंती पर कार्यकर्ता लाडी-डंडे और तलवार लहराते नजर आए। सपा सांसद रामजी लाल सुमन के घर कूच करने का ऐलान किया तो जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई। हजारों की संख्या में लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए हाईवे जाम कर दिया। क्लिक कर VIDEO देखें…