राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री मौजूद थीं। केलीकुंज आश्रम में राष्ट्रपति और उनके परिवार के लिए कुर्सियां लगाई गई थीं। आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर नजर आईं
बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति संत प्रेमानंद महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा के दौरान भाव-विभोर दिखीं। इस दौरान कुटिया में सिर्फ राष्ट्रपति, उनके परिजन और संत के करीबी शिष्य ही मौजूद रहे। रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैंसर यूनिट का उद्घाटन किया
संत प्रेमानंद से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति, रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल पहुंची। वहां पश्चिमी यूपी की सबसे आधुनिक कैंसर यूनिट ‘नंदकिशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक’ का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण भी मौजूद रहे। होटल रेडिशन में प्रदर्शनी देखने पहुंची राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार रात में होटल रेडिशन में एक जनपद एक उत्पाद स्टाल का जायजा लिया। उनके साथ राज्यपाल आंनदीबेन पटेल भी मौजूद थी। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने राष्ट्रपति को एक जनपद एक उत्पाद की स्टॉल में लगाए गए उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया। यहां पर ठाकुर जी की पोशाक की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इसे बंदियों द्वारा किया गया है। इसके अलावा साड़ी, दुपट्टा, शॉल, तौलिया, कान्हा जी एवं श्री राधा रानी जी के वस्त्र तथा श्रृंगार का सामान भी प्रदर्शित किया गया। जानिए संत प्रेमानंद से कौन-कौन सेलिब्रिटी मिल चुके राष्ट्रपति ने अयोध्या राम मंदिर में रामयंत्र की स्थापना की थी यूपी पहुंचीं राष्ट्रपति ने अपने दौरे के पहले दिन गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। मंदिर में रामदरबार में राम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर परिसर का भी भ्रमण किया। योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की जानकारी दी थी। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा था- अयोध्या में प्रभु श्रीराम ने जन्म लिया था। इस पवित्र भूमि पर कदम रखना ही मेरे लिए सौभाग्य की बात है। गुरुवार शाम को वह अयोध्या से मथुरा पहुंचीं। वहां वृंदावन में इस्कॉन मंदिर गईं, जहां राधा-श्याम सुंदर का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने मंदिर की साज-सजावट की तारीफ की। इस्कॉन में बच्चों से बातचीत की और उन्हें चॉकलेट दी। करीब आधा घंटा इस्कॉन में रुकने के बाद राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। संत प्रेमानंद महाराज की कहानी, 13 साल की उम्र में घर छोड़ा प्रेमानंद महाराज का जन्म यूपी में कानपुर जिले की नरवल तहसील के अखरी गांव में हुआ था। पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। 3 भाई हैं, प्रेमानंद मंझले हैं। बचपन में प्रेमानंद जी का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। वह बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। जब 13 साल के हुए तो उन्होंने ब्रह्मचारी बनने का फैसला किया। शुरुआत में प्रेमानंद महाराज का नाम ‘आर्यन ब्रह्मचारी’ रखा गया। काशी में उन्होंने करीब 15 महीने बिताए। उन्होंने गुरु गौरी शरण जी महाराज से गुरुदीक्षा ली। फिर वह मथुरा आ गए। तब से वृंदावन में ही रह रहे हैं। कौन-कौन सेलिब्रिटी संत प्रेमानंद के शिष्य, जानिए…
—————————————— प्रेमानंद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… विराट-अनुष्का वृंदावन पहुंचे, प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया, भक्तों के साथ हाथ-जोड़कर बैठे रहे क्रिकेटर विराट कोहली पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ पिछले महीने 17 फरवरी को प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। एक घंटे तक प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर बैठे रहे। सत्संग सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। हालांकि, इस दौरान बेटी वामिका साथ नहीं थी। पूरी खबर पढ़िए…