लखनऊ में नाग पंचमी के दूसरे दिन अनोखी कुश्ती खेली गई। महिलाओं ने साड़ी पहनकर दंगल में जोर आजमाइश की। कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची थीं। अपनी पसंदीदा पहलवान को जिताने के लिए हौसला अफजाई की और जमकर हूटिंग की। दंगल के दौरान पुरुषों की एंट्री पूरी तरह बैन रही। यह दंगल सुल्तानपुर रोड स्थित अहिमामऊ गांव में हुआ। बुधवार दोपहर बाद गांव की महिलाओं ने सबसे पहले देवी पूजन किया। फिर दंगल के लिए एक-दूसरे को ललकारती हुई मैदान में उतरीं। विरोधी महिला को हराने के लिए धोबी पछाड़ से लेकर तमाम दांव पेंच लगाए। डेढ़ घंटे से अधिक चले दंगल में तमाम महिलाओं, युवतियों और बच्चियों ने हिस्सा लिया। पहले देखिए कुश्ती की 4 तस्वीरें… दंगल में सिर्फ महिलाओं की एंट्री
महिलाओं की इस कुश्ती को ‘हापा’ कहा जाता है। सावन की हल्की-हल्की बरसात में दंगल में एक महिला दूसरी महिला को पटकनी देती दिखीं। फ्रेंडली कुश्ती मैच में एक दूसरे के साथ जमकर हंसी मजाक भी की। जीतने वाली महिला को आयोजक मीना कुमारी की तरफ से एक साड़ी तो हारने वाली महिला को 100 रुपए सम्मान राशि के तौर पर इनाम दिया गया। पापा बच्चों को मेला घूमा रहे, मम्मी कुश्ती लड़ रहीं
कुश्ती के मैदान के बाहर मेला लगा हुआ था। मेले में छोटे बच्चे पिता के साथ झूला झूल रहे थे। कुछ बच्चे खिलौने की दुकान पर भीड़ लगाए हुए थे। घर की महिलाएं, दादी- मामी अंदर दंगल में दो दो हाथ कर रही थीं। दंगल में महिलाएं सज-संवर के आई थीं। बेगम ने शुरू की परंपरा
महिला कुश्ती आयोजक मीना कुमारी ने बताया- कुश्ती का इतिहास 200 साल पुराना है। नवाबीन-ए-अवध बेगम नूरजहां ने महिला कुश्ती की शुरुआत की थी। साल भर हम लोगों को इस विशेष दिन का इंतजार रहता है। पहले हम लोग कजरी गाते हैं। अवधी भाषा में एक दूसरे को गाली देते हैं। यह गाली मजाक में दी जाती है, जिसे खूब इंजॉय भी करते हैं। अवधी भाषा को बढ़ावा देने का एक माध्यम
उन्होंने बताया- तीन पीढ़ियों से परिवार से कुश्ती का आयोजन कर रहा है। इस महिला कुश्ती में कोई भी पुरुष शामिल नहीं हो सकता। लंबे समय तक यहां पर पुरुष पत्रकारों का आना भी वर्जित था। पुलिस प्रशासन के कहने पर पत्रकारों को आने की अनुमति मिली है। यह सिर्फ कुश्ती ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अवधी भाषा को बढ़ावा देने का एक माध्यम है। ……………………… यह खबर भी पढ़ें दिशा पाटनी की बहन बोलीं- अनिरुद्धाचार्य का मुंह तोड़ दूंगी:कथावाचक ने कहा था- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अनिरुद्धाचार्य का लिव-इन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। जिसमें अनिरुद्धाचार्य कह रहे- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं। हालांकि, यह वीडियो दो साल पुराना बताया जा रहा है। उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने कहा- ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी। खुशबू पाटनी का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहीं- अगर ये शख्स मेरे सामने होता तो मैं इसे अच्छे से समझा देती कि ‘मुंह मारना’ क्या होता है। यहां पढ़ें पूरी खबर
महिलाओं की इस कुश्ती को ‘हापा’ कहा जाता है। सावन की हल्की-हल्की बरसात में दंगल में एक महिला दूसरी महिला को पटकनी देती दिखीं। फ्रेंडली कुश्ती मैच में एक दूसरे के साथ जमकर हंसी मजाक भी की। जीतने वाली महिला को आयोजक मीना कुमारी की तरफ से एक साड़ी तो हारने वाली महिला को 100 रुपए सम्मान राशि के तौर पर इनाम दिया गया। पापा बच्चों को मेला घूमा रहे, मम्मी कुश्ती लड़ रहीं
कुश्ती के मैदान के बाहर मेला लगा हुआ था। मेले में छोटे बच्चे पिता के साथ झूला झूल रहे थे। कुछ बच्चे खिलौने की दुकान पर भीड़ लगाए हुए थे। घर की महिलाएं, दादी- मामी अंदर दंगल में दो दो हाथ कर रही थीं। दंगल में महिलाएं सज-संवर के आई थीं। बेगम ने शुरू की परंपरा
महिला कुश्ती आयोजक मीना कुमारी ने बताया- कुश्ती का इतिहास 200 साल पुराना है। नवाबीन-ए-अवध बेगम नूरजहां ने महिला कुश्ती की शुरुआत की थी। साल भर हम लोगों को इस विशेष दिन का इंतजार रहता है। पहले हम लोग कजरी गाते हैं। अवधी भाषा में एक दूसरे को गाली देते हैं। यह गाली मजाक में दी जाती है, जिसे खूब इंजॉय भी करते हैं। अवधी भाषा को बढ़ावा देने का एक माध्यम
उन्होंने बताया- तीन पीढ़ियों से परिवार से कुश्ती का आयोजन कर रहा है। इस महिला कुश्ती में कोई भी पुरुष शामिल नहीं हो सकता। लंबे समय तक यहां पर पुरुष पत्रकारों का आना भी वर्जित था। पुलिस प्रशासन के कहने पर पत्रकारों को आने की अनुमति मिली है। यह सिर्फ कुश्ती ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अवधी भाषा को बढ़ावा देने का एक माध्यम है। ……………………… यह खबर भी पढ़ें दिशा पाटनी की बहन बोलीं- अनिरुद्धाचार्य का मुंह तोड़ दूंगी:कथावाचक ने कहा था- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले अनिरुद्धाचार्य का लिव-इन को लेकर विवादित बयान सामने आया है। जिसमें अनिरुद्धाचार्य कह रहे- लड़कियां 4-5 जगह मुंह मारकर आती हैं। हालांकि, यह वीडियो दो साल पुराना बताया जा रहा है। उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन और पूर्व आर्मी ऑफिसर खुशबू पाटनी ने कहा- ऐसे लोगों का तो मैं मुंह तोड़ दूंगी। खुशबू पाटनी का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहीं- अगर ये शख्स मेरे सामने होता तो मैं इसे अच्छे से समझा देती कि ‘मुंह मारना’ क्या होता है। यहां पढ़ें पूरी खबर