लखनऊ में नवोदय विद्यालय की एल्युमिनी मीट में जुटे दिग्गज:जज-IAS समेत कई पुराने छात्रों ने साझा की यादें, देश के कई शहरों से जुटे हजारों पूर्व छात्र

नवोदय विद्यालयों में भारत की आत्मा बसती है। मैंने यहां केवल पढ़ाई नहीं की, बल्कि नवोदय को जिया है। समिति को चाहिए कि इस प्रतिभा पूल को सहेजने और संवारने के लिए ठोस योजनाएं बनाए। एलुमिनाई हर कदम पर साथ देने को तैयार हैं। ये बातें इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने रविवार को चौथे उत्तर प्रदेश ओपन नवोदय एल्युमिनाई मीट नवोत्सव में कहीं। लखनऊ मंडल की ओर से आशियाना के लोहिया विधि विश्वविद्यालय निकट स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में आयोजित नवोदय एल्युमिनाई समारोह में देश-विदेश के करीब पांच हजार पूर्व छात्र शामिल हुए। बरसों बाद जब पुराने छात्र मिले, चुहलबाजी और शरारतें करते नजर आए। पूरा माहौल पुरानी यादों से सराबोर दिखा। समारोह के मुख्य अतिथि नवोदय विद्यालय समिति के कमिश्नर राजेश लखानी रहे। एलुमनाई ने साझे किए अनुभव एमएलसी बृजेश सिंह ने कहा कि नवोदय सर्वधर्म का भाव और किसी भी परिस्थिति में ढलने की क्षमता सिखाता है। मुख्यमंत्री सचिव सूर्यपाल गंगवार ने कहा कि नवोदय की यादें जीवन भर मन को गौरव से भर देती हैं। हमें ऐसे मुकाम पर पहुंचना है। जहां समाज और नवोदय दोनों के लिए योगदान दे सकें। संयुक्त आयुक्त पुलिस बबलू कुमार ने कहा नवोदय एक ब्रांड है और इसे और मुखर बनाना होगा। वर्तमान में 25 लाख से ज्यादा नवोदय पूर्व छात्र देश-विदेश में सेवाएं दे रहे हैं। सोशल मीडिया की मदद से नवोदय भावना को और मजबूत किया जा सकता है। एम्स के डॉ. अंशुल मिश्रा ने कहा कि ऐसे समारोह सिर्फ मिलन तक सीमित न हो। बल्कि छात्रवृत्ति और मार्गदर्शन आदि रचनात्मक पहल एलुमिनाई को आगे बढ़कर करनी चाहिए। आईएफएस दिलराज प्रभाकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में करीब 38% सिविल सेवा अधिकारी नवोदय से हैं। इस मौके पर आजमगढ़ के डीएम रविन्द्र कुमार,आगरा के डॉ. मुकेश बघेल, विवेक तिवारी, नवोदय विद्यालय समिति के डीजी विनय कुमार सिन्हा ने पुरानी बातें साझा की। की थी। शिक्षकों का भी हुआ सम्मान समारोह में नवोदय विद्यालय के कई प्राचार्य और रिटायर्ड शिक्षकों को सम्मानित किया गया। पुरातन छात्रों ने इनका आशीर्वाद प्राप्त किया। नवोत्सव 2025 न केवल एक मिलन समारोह रहा। बल्कि नवोदय परिवार के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। डॉ. सुमन प्रजापति और सौरभ कमल समेत नवोदय विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।