लखनऊ में प्रिंसिपल को हटाने पर स्टूडेंट्स ने किया विरोध:पुलिस छात्रों को घसीटते हुए थाने ले गई, पेरेंट्स पैरवी के लिए पहुंचे

लखनऊ के जानकीपुरम स्थित नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि स्कूल प्रिंसिपल पर उनकी ड्रेस कोड को लेकर मैनेजमेंट ने कार्रवाई करते हुए हटा दिया। इस निर्णय के विरोध में स्टूडेंट उतर आए। मौके पर कुछ अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल को हटाने का कारण पूछा और विरोध जताया। इस बीच स्कूल प्रबंधन के लोग छात्रों को धक्का देने और स्कूल से जबरन भगाने लगे। देखते ही देखते हाथापाई भी शुरू हो गई। इससे नाराज छात्र और अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। अभिभावकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई तो स्कूल प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस बुला ली। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों की बिना कोई बात सुने ही उल्टा छात्रों को जबरन घसीटते हुए थाने ले गई। अभिभावक पुलिस की इस कार्रवाई से काफी नाराज थे। साथ में वह भी थाने पहुंच गए। हालांकि, कुछ देर बाद में पुलिस ने छात्रों को छोड़ दिया। अभिभावक स्कूल प्रबंधन और पुलिस की कार्रवाई से बहुत आहत है। अभिभावकों का कहना है कि बीच सत्र में प्रिंसिपल को हटाए जाने बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। हंगामे की 2 तस्वीरें… ये था पूरा मामला आरोप है कि प्रोफेशनल ड्रेस कोड का पालन नहीं करने पर प्रिंसिपल सुप्रिया पांडे को नारायण कोचिंग मैनेजमेंट ने 16 सितंबर को दोपहर दो बजे मेल भेज के निकाल दिया। 17 सितंबर को जब यह बात छात्रों और अभिभावकों तक पहुंची तो वे नाराज हो गए। इस बीच एक कोऑर्डिनेटर राहुल बोस द्वारा छात्राओं पर कमेंट करने की घटना की बात भी सामने आई। अभिभावकों का आरोप है कि जब वो कैंपस में गए तो अचानक DGM आशुतोष कुमार भड़क गए और उन लोगों से मारपीट करने पर आमादा हो गए। यही नहीं वाइस प्रिंसिपल अलका सिंह ने चैनल गेट बंद करने की कोशिश की, जिसमें कई बच्चों की उंगली फस गई और चोट लग गई, मारपीट में कई छात्राओं को भी हल्की चोटें आई हैं। इसी बीच पुलिस ने जब छात्रों और अभिभावकों को वहां से खदेड़ना चाहा तो मारपीट बढ़ गई और देखते ही देखते कोहराम मच गया और पुलिस ने भी जमकर लाठियां पटकी। मामला बिगड़ता देख एक दर्जन के करीब छात्रों और अभिभावकों को पकड़कर गुडंबा थाने लेकर आया गया। यहां पर सभी के नाम पता लिखकर कार्रवाई करने की तैयारी एसएचओ प्रभातेश श्रीवास्तव कर ही रहे थे लेकिन लगातार ऊपर से भी फोन आ रहे थे। थाने पर अभिभावकों की भीड़ बढ़ती जा रही थी। देर शाम सभी छात्रों को और अभिभावकों को पुलिस थाने से मुचलका भराकर छोड़ दिया गया। DGM ने मेल भेजकर प्रिंसिपल को हटाया जानकीपुरम के नारायणा स्कूल में नर्सरी से 12 वीं तक 1100 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हैं। यहां 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को NEET और इंजीनियरिंग की तैयारी करायी जाती है। स्कूल की प्रिंसिपल सुप्रिया पांडेय ने बताया कि मंगलवार दोपहर दो बजे नारायणा समूह के DGM की ओर से एक मेल आया था। इसमें साड़ी पहनकर आने की वजह से हटाने की बात लिखी थी। बुधवार को प्रिंसिपल स्कूल नहीं गईं। पुलिस पर जबरन थाने ले जाने का लगा आरोप इस बीच गुरुवार को सुबह करीब 9 बजे स्कूल के कार्यालय में पहुंचे बच्चों और इनके अभिभावकों ने प्रिंसिपल के हटाए जाने का कारण पूछा तो सभी गोलमोल जवाब देते रहे। अभिभावकों ने फोन कर हटायी गई प्रिंसिपल को स्कूल बुला लिया। अभिभावकों का आरोप है कि छात्र कार्यालय में बातचीत कर रहे थे। तभी स्कूल प्रबंधन के लोगों ने बच्चों के साथ अभद्रता की। जबरन धक्का देकर बाहर निकालने लगे। इससे नाराज छात्र और अभिभावक हंगामा करने लगे। दोनों के बीच हाथापाई होने पर स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन के इशारे पर पुलिस जबरन छात्रों और उन्हें घसीटते हुए थाने ले गई। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का भविष्य बनाने के लिये यहां पर दाखिला दिलाया है। बीच सत्र में प्रिंसिपल के हटाने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। संस्थान ने बच्चों को NEET और इंजीनियरिंग की तैयारी के नाम हजारों रुपये जमा किये हैं। वर्ष 2022 में स्कूल के शुरू होने से प्रिंसिपल सुप्रिया हैं। इन्हें सिर्फ साड़ी पहनकर आने की वजह से हटाया जाना गलत है। गुरुवार को छात्रों और हमारे साथ स्कूल प्रबंधन के गलत व्यवहार और धक्का मुक्की किया जाना बहुत शर्मनाक है। एक शिक्षक पर छात्राओं को परेशान का करने का आरोप प्रिंसिपल सुप्रिया पाण्डेय का कहना है कि स्कूल का एक शिक्षक 12वीं की छात्राओं को काफी दिनों से परेशान कर रहा था। वह छात्राओं के साथ अजीब तरह की हरकतें भी करता था। छात्राओं की शिकायत पर आरोपी शिक्षक को बुलाकर कई बार हिदायत भी दी। स्कूल प्रबंधन के सामने इस शिक्षका कई बार विरोध भी किया, लेकिन शिक्षक के इशारे पर प्रबंधन ने हमें ही हटा दिया। सुप्रिया का कहना है कि भारतीय संस्कृति में साड़ी पहनकर कोई गुनाह नहीं है। जबकि इस पहनावे पर छात्रों और अभिभावकों को कोई आपत्ति नहीं है। प्रबंधन ने हमें शिक्षक के खिलाफ शिकायत करने की वजह से हटाया। कमेंट करने वाले शिक्षक को हटाया गया नारायणा इंस्टिट्यूट के डीज़ीएम आशुतोष कुमार तिवारी का कहना है कि प्रिंसिपल सुप्रिया पांडे को निकालने का फैसला उच्च प्रबंधन ने लिया है, वह उनको मेल के माध्यम से अपनी बातें बताएं, वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। इसके अलावा छात्राओं पर कमेंट करने वाले शिक्षक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। दोनों पक्षों में सहमति का किया दावा नवयुग रेडियंस स्कूल के चेयरमैन सुधीर हलवासिया ने बताया कि जानकीपुरम की शाखा को नारायणा एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस को लीज पर दे रखा। स्कूल प्रबंधन ने कई शिकायतों के चलते प्रिंसिपल सुप्रिया पांडेय को हटाया है। इन्हें पूर्व में कई नोटिस दी जा चुकी हैं। इनके लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। गुरुवार को चार्ज देने आयी सुप्रिया ने हेड मिसट्रेस के साथ मारपीट की। साथ ही इनकी बेटी स्कूल में पढ़ती है। बेटी के करीब दर्जन भर सहपाठी और इनके अभिभावकों ने स्कूल में आकर हंगामा किया है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मामला शांत हो गया है।