साल 2021 में लखनऊ के ITOT से कॉस्मेटॉलोजी का कोर्स किया। जो ट्रेनिंग निजी सेंटर्स में लाखों की फीस चुकाने के बाद मिलती है, वो यहां निशुल्क ही उपलब्ध है। कोर्स पूरा करने के बाद वापस अपने होम टाउन फर्रुखाबाद पहुंची। वहां पर मैंने खुद का सैलून शुरू किया। इसके लिए मुझे लोन भी लेना पड़ा। मेरे मां-पापा दोनों ही गवर्नमेंट वर्कर हैं। उन्हें पहले मेरे डिसीजन पर भरोसा नहीं था, शायद मन में कोई आशंका रही होगी। पर मेरा सैलून प्रोजेक्ट बेहद हिट रहा। महज कुछ सालों में ही इसने इलाके में पहचान बना ली। आज मेरे साथ 10 और वर्कर काम कर रहे हैं। उन सभी को 10-10 हजार की सैलरी देती हूं। सभी खर्चों के बाद भी करीब 70 से 80 हजार तक की हर महीने सेविंग हो जाती है। सबसे अच्छी बात है कि जब सैलून चलने लगा तो मम्मी-पापा ने खुद से सारा लोन भी भर दिया। ये कहना है, शुभ्रा मिश्रा का। बुधवार को IGP में चल रहे विश्व युवा कौशल दिवस समारोह के दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि मेरा सभी से यही कहना है कि खुद पर हमेशा भरोसा रखना चाहिए। यदि जमकर मेहनत करेंगे तो कुछ भी असंभव नहीं है। VLCC या लैकमे जैसे प्राइवेट सेंटर्स में जिस कोर्स के लिए ढाई से तीन लाख चार्ज किए जाते है। उसी अच्छी ट्रेनिंग यहां फ्री में मिलती है। साल भर में मिला प्रमोशन, 4 टीम मेरे अंडर में ओमेगा एलीवेटर्स में एडमिन ऑफिसर प्रदीप कुमार प्रजापति कहते है कि कुंडा प्रतापगढ़ के रहने वाला हूं। अभी पिछले साल ही मैंने कोर्स पूरा किया है। ये कहना चाहूंगा कि जिसके अंदर स्किल है, उसके लिए जॉब की कोई कमी नहीं है। मुझे महज एक साल में लिफ्ट कंपनी ने प्रोमोशन दिया। मेरे अंडर में पूरी 4 टीम है। सैलरी इन्क्रीमेंट भी है। 2 साल पहले मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी में इस मुकाम पर पहुंच जाऊंगा। स्किल बढ़ने के साथ सब कुछ खुद ही हासिल हो जाता है। पर खुद पर भरोसा जरूरी है। महिलाओं की सफलता पर परिवार की सफलता निर्भर पूजा विश्वकर्मा कहती है कि मुझे सही गाइडेंस नहीं मिली। इसके चलते मुझे काफी स्ट्रगल करना पड़ा। पहले किसी गलत ट्रेड में एडमिशन ले लिया था। बाद में फिर मेरे पति ने मदद की। उन्होंने मुझे ITOT से ब्यूटीशियन का कोर्स करने को कहा। इसके बाद मुझे सही लाइन मिली। अब महीने में 50 से 60 हजार आराम से कमा ले रही हूं। बस यही कहना है कि महिलाओं को थोड़ा ज्यादा अलर्ट और सतर्क रहना चाहिए। उनकी सफलता से पूरे परिवार का मनोबल बढ़ता है। हर महीने कर रहे 55 हजार की कमाई सोनभद्र के मोहित धवन ने कुछ साल पहले वायर मैन एंड कंप्यूटर स्किल्स ट्रेड में पढ़ाई की थी। सोनभद्र के गवर्नमेंट ITI दुद्धी से पढ़ाई के बाद आरोही फाउंडेशन में फाइनेंशियल काउंसिलर की नौकरी शुरू की। साथ ही में जन सेवा केंद्र भी खोला। इंश्योरेंस सेक्टर में भी काम करते हैं। उन्होंने कहा- गांव के लोगों में डिजिटल लिटरेसी को बढ़ा रहा हूं। ITI करने के बाद मिली सेंट्रल गवर्नमेंट जॉब कानपुर के आशीष चौरसिया कहते है कि ITI करने के बाद मुझे सहारनपुर के सेंट्रल पल्प और पेपर रिसर्च इंस्टीट्यूट में नौकरी कर रहा हूं। मुझे टेक्नीशियन की नौकरी में करीब 33 हजार की सैलरी मिल रही। मैं अभी तैयारी भी कर रहा हूं। मुझे आगे भी अपनी स्किल्स को बढ़ाना है और खूब तरक्की करनी है। ———————- यह खबर भी पढ़िए… यूपी में डिजिटल अरेस्ट केस में पहली सजा:85 लाख की ठगी में 7 साल की जेल, महिला डॉक्टर को 10 दिन कैद रखा था यूपी में डिजिटल अरेस्ट मामले में पहली सजा सुनाई गई। लखनऊ की कोर्ट ने महिला डॉक्टर से 85 लाख ठगने वाले को 7 साल की सजा सुनाई। CJM कस्टम कोर्ट ने ये फैसला 438 दिन में सुनाया। ठग देवाशीष राय ने फर्जी CBI अफसर बनकर डॉक्टर को 10 दिन तक डिजिटल…पूरी खबर पढ़ें