लखनऊ में होली के दिन 8 ने गंवाई जान:KGMU ट्रॉमा सेंटर में 248 मरीज पहुंचे, 24 घंटे में 800 ने इमरजेंसी में कराया इलाज

होली के हुड़दंग में 800 से अधिक लोग घायल हुए। जिसमें 300 से अधिक घायलों को सरकारी अस्पतालों में इलाज मुहैया कराया गया। वहीं लगभग 100 घायलों ने निजी अस्पतालों में इलाज हासिल किया। सबसे अधिक हादसे नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण हुए। KGMU में 24 घंटे के भीतर 248 लोग इलाज के लिए पहुंचे। जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कर इलाज दिया गया है। इनमें होली के हुड़दंग में रफ्तार का शिकार होने वालों की संख्या 72 के करीब है, जबकि कई मरीज रंगों के दुष्प्रभाव और सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग के भी रहे हैं। इलाज के दौरान दो गंभीर मरीजों की मौत हो गई है, एक मरीज वेंटीलेटर पर गंभीर अवस्था में भर्ती है, वहीं 6 लोगों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। इतने मरीज पहुंचे ट्रॉमा सेंटर KGMU स्थित ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज ने बताया कि 248 लोग इलाज के लिए आए थे, इनमें से 75 से 80 लोग सड़क दुर्घटना में घायल मरीज थे। जिसमें से करीब 40 लोग अल्कोहल का सेवन करने की वजह से सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे। बलरामपुर में 365 मरीज पहुंचे बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि 365 मरीज इमरजेंसी ओपीडी में पहुंचे। जिसमें से 51 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी। बाकी को प्राथमिक इलाज मुहैया कराने के बाद घर भेज दिया गया। 21 घायलों को टांके लगाने की जरूरत पड़ी। उन्होंने बताया कि होली में 73 लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। जिसमें से 70 प्रतिशत पुराने व 30 प्रतिशत नए मरीज शामिल हैं। लोकबंधु में 487 मरीज आए लोकबंधु राजनारायण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि इमरजेंसी में 24 घंटे में 487 मरीज आए। जिसमें 60 लोग होली में सड़क हादसे में घायल होकर पहुंचे। 37 मरीजों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया गया। बाकी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सिविल अस्पताल में 70 मरीज आए। जिसमें 17 मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। लोहिया पहुंचे 246 मरीज लोहिया संस्थान की इमरजेंसी OPD में 246 मरीज पहुंचे। सर्जरी विभाग में 75 मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। दो गंभीर मरीजों को ICU में भर्ती किया गया। तीन मरीजों को भर्ती किया गया। बाकी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। हड्डी रोग विभाग में 27 घायल पहुंचे। जबकि इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 144 मरीज पहुंचे। दो गंभीर मरीज गंभीर हाल में भर्ती हैं। कुल 30 मरीज भर्ती किए गए हैं। 74 मरीजों ने किया SGPGI का रुख SGPGI के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 74 घायल पहुंचे। जिसमें 20 से ज्यादा मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी। बाकी मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। रानी लक्ष्मीबाई, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, महानगर भाऊराव देवरस और बीकेटी साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में 75 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया गया। वहीं 100 से ज्यादा मरीज शहर के निजी अस्पतालों में भर्ती किए गए। कलर रिएक्शन ने अस्पताल पहुंचाया कई मरीज रंगों के दुष्प्रभाव के कारण आंखों में जलन आदि की समस्या लेकर भी पहुंचे थे, जिन्हें तत्काल इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी। लोहिया संस्थान की तरफ से जारी आंकड़ों की बात करें तो करीब 52 मरीज होली के हुड़दंग का शिकार होकर इलाज के लिए इमरजेंसी पहुंचे थे।