लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रॉक्टर का हाथ गेट में दब गया। जिससे उनके हाथ में चोट आ गई। फीस पर फाइन को लेकर हो रहे प्रदर्शन के बीच अचानक से हुए इस घटनाक्रम से अफरा तफरी का माहौल हो गया। हालांकि, राहत की बात ये रही कि प्रॉक्टर की गंभीर चोट नहीं लगी और प्राथमिक उपचार देते ही उन्हें राहत मिल गई। वहीं, दूसरी तरफ मांगों को लेकर छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को कुलपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। मुख्य गेट बंद करने के दौरान फंसा हाथ दरअसल, प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा मुख्य द्वार जबरन बंद करने का प्रयास किया गया। इस दौरान रोकने के प्रयास में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद अहमद का हाथ गेट में दब गया, जिससे वे चोटिल हो गए। हालांकि, तत्काल प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें राहत मिल गई। लेट फीस के नाम पर जबरन थोपा जा रहा फाइन छात्रों का कहना था कि फीस देर से जमा करने पर लेट फीस लेना और समय पर न जमा कर पाने पर प्रवेश निरस्त किए जाने के तुगलकी फरमान को लेकर आज ये प्रदर्शन किया जा रहा है। अभी तक छात्रों की स्कॉलरशिप नहीं आई है। अभी तक इवेन सेमेस्टर का फीस सभी छात्र स्कॉलरशिप आने के बाद देते थे। अब नई व्यवस्था के तहत फीस पहले जमा कराई जा रही है। कुलसचिव के आदेश को वापस लेने की मांग पर अड़े छात्रों की मांग थी कि कुलसचिव डॉ.भावना मिश्रा की तरफ से 12 फरवरी को जारी किए गए नोटिस वापस लेने के बाद ही प्रदर्शन खत्म होगा। इस दौरान कुलपति को सौंपे ज्ञापन में भी इसका उल्लेख किया गया। इसके अलावा कुल 5 सूत्रीय मांगों को लेकर भी छात्र अड़े रहे। इनमें शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि हटाए जाने के अलावा प्रवेश निरस्त करने का प्रावधान भी शामिल है। जल्द स्कॉलरशिप दिलाने की मांग के अलावा कुलपति से वार्ता के लिए छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को समय देने की मांग भी की गई है।