उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से रविवार को लखनऊ सहित यूपी के 21 जिलों में जूनियर असिस्टेंट परीक्षा का आयोजन हुआ। नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने के मकसद से सभी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। सभी केंद्रों CCTV कैमरे की निगरानी में परीक्षा हुई। झांसी में सॉल्वर गैंग का एक सदस्य पकड़ा गया। MCQ टाइप सवालों में 5 ऑप्शन थे प्रयागराज से पेपर देने आए विनय कुमार पटेल ने बताया कि रीजनिंग का पेपर थोड़ा ज्यादा टफ लगा। MCQ टाइप सवालों के जवाब में पांच ऑप्शन दिए गए थे।इसलिए थोड़ा कंफ्यूजिंग ज्यादा था। विनय कहते हैं कि इस बार पहली बार मैंने जूनियर असिस्टेंट का एग्जाम दिया है। 2 घंटे में 100 सवालों को करना था। समय का कोई चैलेंज मुझे नहीं लगा। पर एक चौथाई की नेगेटिव मार्किंग होने के कारण कुछ सवालों में परेशानी हुई। इन सवालों में छकाया, अभ्यर्थी बोले- मेरिट नहीं जाएगी हाई रवि प्रकाश यादव कहते हैं पेपर मॉडरेट से थोड़ा टफ था। यूपी स्पेशल कुछ क्वेश्चन ज्यादा टफ थे। स्टेटमेंट वाइज भी कुछ सवाल थे, फैक्चुअल बेस कुछ सवाल भी टफ थे। जनरल स्टडी और हिंदी का पेपर सामान्य था। मुझे लगता है कि पेपर टफ होने के कारण मेरिट हाई नहीं रहेगी। 1 लाख 39 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी हुए शामिल UPSSSC के अध्यक्ष एसएन साबत ने बताया कि हर जिले में परीक्षा को लेकर ADM स्तर के एक अधिकारी को नोडल बनाया गया था। परीक्षा की तैयारियों को लेकर चीफ सेक्रेटरी, DGP की अगुआई में पहले ही अहम बैठक की गई थी। एडिशनल एसपी स्तर के एक अधिकारी को भी हर जिले में परीक्षा की निगरानी के लिए लगाया गया था। सभी 541 केंद्रों पर सफलता पूर्वक परीक्षा संपन्न हुई। कही कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली। प्रदेश भर में करीब 1 लाख 39 हजार 462 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 1 लाख 4 हजार 519 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। AI से फेस मैचिंग पर एग्जाम देने का मिला मौका आयोग ने सॉल्वर गैंग के सदस्यों पर पकड़ने के मकसद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया। इसी के तहत झांसी के परीक्षा केंद्र पर सॉल्वर गैंग के एक सदस्य को परीक्षा देने के दौरान गिरफ्तार किया गया।