इश्क जब हद पार करता है तो हथियार बन जाता है। ऐसा हथियार जिसकी जद में आने से खानदान तबाह हो जाते हैं। हम ला रहे हैं ऐसी कहानियां जहां दिल ने फैसला लिया और खून ने दस्तखत किए। कहानी एक रोती-बिलखती लड़की की, जिसके इश्क ने 10 महीने के मासूम भतीजे को भी नहीं बख्शा। वहीं, दो लेस्बियन (समलैंगिक) जिन्होंने समाज से लड़ते-लड़ते इंसानियत का ही गला घोंट दिया। पढ़िए प्यार, साजिश और कत्ल की ऐसी ही कहानियां दैनिक भास्कर की खास सीरीज ‘कातिले इश्क’ में, कल यानी 10 दिसंबर सुबह 6 बजे से…।