वाराणसी टकसाल सिनेमा शूटआउट केस में बहस पूरी:धनंजय सिंह केस में कोर्ट में लिखित दलीलें दाखिल, 15 अप्रैल को आएगा फैसला

वाराणसी में 24 साल पहले टकसाल सिनेमा के पास पूर्व सांसद धंनजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के केस मेंं सोमवार को अदालत में लिखित बहस दाखिल कर दी गई। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय की है। अब तय दिन पर कोर्ट का निर्णय आएगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं। ट्रायल पूरा हो गया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह कोर्ट में आज अंतिम सुनवाई होगी। पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत विधायक पेश होंगे। पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि कोई पक्ष विधिक बिंदुओं पर लिखित बहस दाखिल करने के लिए आज अंतिम तिथि तय की है। पिछली तारीख पर अदालत में आरोपी विधायक अभय सिंह की ओर से अधिवक्ताओं ने जिरह की थी। पूर्व सांसद ने धारा 311 के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया, इसमें बचाव पक्ष के गवाहों और सबूतों पर सवाल उठाए थे। धनंजय सिंह ने प्ली ऑफ एलीबाई से जुड़े गवाह तलब किए गए थे और अभय सिंह के गवाहों से फिर जिरह करवाई थी । पहले पूरा मामला समझिए…
धनंजय सिंह 4 अक्टूबर, 2002 को अपने साथियों के साथ सफारी वाहन वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। उस समय वे जौनपुर की रारी सीट से निर्दलीय विधायक बने थे। इसी दौरान कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर, चालक समेत कई लोग घायल हो गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पूर्व सांसद ने बताया- छात्र जीवन से रंजिश
धनंजय सिंह ने तहरीर में कहा कि अभय सिंह से छात्र राजनीति के दौरान से ही रंजिश है। वो कई बार मुझे मारने की कोशिश कर चुका है। मैंने अभय और उसके साथियों को पहचाना है। अभय सिंह का यूपी में आतंक है। धनंजय सिंह ने आरोप लगाया कि व्यापारियों से रंगदारी वसूलता है। भाड़े पर हत्या करता और करवाता है। मामला 24 साल से लंबित मामला, अदालत ने दिखाई सख्ती
एमपी-एमएलए कोर्ट वाराणसी के जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह 24 साल पुराने और शहर के बेहद चर्चित नदेसर टकसाल सिनेमा शूटआउट केस की सुनवाई करेंगे। हाईकोर्ट ने धारा 482, संख्या 30523/2012 में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिया था। बताया कि जब तक सत्र परीक्षण संख्या 461/2003 का निस्तारण नहीं होता, तब तक इस मामले में निर्णय न दिया जाए। उस केस में 29 अगस्त 2025 को फैसला हो जाने के बाद इस प्रकरण में फिर से बहस की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा है कि “यह न्यायालय का सबसे पुराने लंबित मामलों में शामिल है। अतः साक्षियों की जिरह अब किसी भी स्थिति में टाली नहीं जाएगी।” अदालत ने मूल चिकित्सीय अभिलेख तलब करने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन दोनों गवाहों की पुनः जिरह की अनुमति दे दी। वाराणसी एमपी एमएलए कोर्ट के सबसे पुराने केस में अब जजमेंट का इंतजार है। 2002 में दर्ज यह केस वर्ष 2003 से सत्र न्यायालय में परीक्षण को लंबित है। दोनों पक्षों का साक्ष्य वर्ष 2021 में पूरा हो चुका था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के चलते अंतिम फैसला नहीं हो सका था। 29 अगस्त 2025 को गैंगस्टर में बरी हुए आरोपी
अपर जिला जज सुशील खरवार की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट मामले में आरोपी संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।वर्ष 2002 में कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में केराकत विधायक धनंजय सिंह पर जानलेवा हम