वाराणसी में काशी साहित्य कला उत्सव (बनारस लिट फेस्ट) के तीसरे दिन रविवार को जमकर हंगामा हुआ। ताज होटल में इंट्री को लेकर लोग भड़क गए। हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। पहले पुलिस ने लोगों को लाउडस्पीकर से समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने। एंट्री के लिए भीड़ बेकाबू हो गई। आक्रोशित लोगों ने गेट पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जबरदस्ती एंट्री की कोशिश करने लगे। सिपाहियों ने धक्का देकर लोगों को तितर-बितर किया, लेकिन इससे भगदड़ की स्थिति हो गई। दरअसल, कार्यक्रम के आयोजकों और प्रायोजकों ने हजारों लोगों को आमंत्रित कर लिया था। लेकिन, जब भीड़ बढ़ी तो गेट बंद करवा दिए। इससे वहां हंगामा हो गया। उधर, हंगामे को देखते हुए पीयूष मिश्रा अभी तक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे हैं। अंदर मंच पर भी अफरा-तफरी का माहौल है। 3 तस्वीरें देखिए… भीड़ बढ़ी तो आयोजकों ने इंट्री गेट बंद कर दिया
रविवार को पीयूष मिश्रा का कंसर्ट था, जिसको लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने पर पूरा रास्ता और ताज होटल के दोनों गेट जाम हो गए। ओवर क्राउडेड होने पर जब इंट्री बंद की गई तो भीड़ ने भी हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की स्थिति के दौरान कुछ युवक दीवार फांदकर अंदर जाने लगे। लेकिन, उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसी दौरान एक कार को बाहर निकालने के लिए गेट खुला, तो भीड़ बेकाबू हो गई। इसके बाद मौके पर पुलिसकर्मियों और भीड़ में झड़प हो गई। इसके बाद एक सब-इंस्पेक्टर ने कई युवकों को मारकर भगाया। महिलाओं और युवतियों के साथ अभद्रता की। उन्हें हाथ पकड़कर वहां से हटा दिया। मौके पर एसीपी नितिन तनेजा और कैंट इंस्पेक्टर की मौजूदगी में महिलाओं से अभद्रता की गई।
पुलिस ने लड़कियों के थप्पड़ जड़े, हाथ पकड़कर खींचा
पीयूष मिश्रा को सुनने के लिए VVIP पास लेकर पहुंचे लोगों ने मुख्य आयोजक दीपक मधोक, अमित सेवारामानी और बृजेश सिंह को फोन लगाया। लेकिन, उनके फोन स्विच ऑफ मिले। इस पर लोग आक्रोशित दिखे। कई लड़कियां, जो दीपक मधोक के स्कूल की स्टूडेंट थीं। उनके पास VVIP पास थे, लेकिन उन्हें भी नहीं जाने दिया गया। अराजकता की स्थिति को कंट्रोल करने के लिए एसीपी नितिन तनेजा ने मौके पर रस्सियां लगवाईं। हंगामे के दौरान करीब 10 लोग चोटिल हो गए। ————————– ये खबर भी पढ़िए- ‘14 साल की बहन से 5 लड़कों ने दरिंदगी की’, मेरठ में बहन बोली- पुलिस ने शिकायत बदलवाई ‘मेरी बहन सिर्फ 14 साल की थी। दरिंदगी करने वाले 5 लड़के थे, मगर पुलिस ने सिर्फ 1 लड़के को आरोपी बनाया। हम झूठ क्यों बोलेंगे, किसी को जानते नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं। हमारी शिकायत भी बदलवा दी गई। सिर्फ बहन को इंसाफ दिलाना है।’ पढ़ें पूरी खबर…
रविवार को पीयूष मिश्रा का कंसर्ट था, जिसको लेकर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने पर पूरा रास्ता और ताज होटल के दोनों गेट जाम हो गए। ओवर क्राउडेड होने पर जब इंट्री बंद की गई तो भीड़ ने भी हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की स्थिति के दौरान कुछ युवक दीवार फांदकर अंदर जाने लगे। लेकिन, उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। इसी दौरान एक कार को बाहर निकालने के लिए गेट खुला, तो भीड़ बेकाबू हो गई। इसके बाद मौके पर पुलिसकर्मियों और भीड़ में झड़प हो गई। इसके बाद एक सब-इंस्पेक्टर ने कई युवकों को मारकर भगाया। महिलाओं और युवतियों के साथ अभद्रता की। उन्हें हाथ पकड़कर वहां से हटा दिया। मौके पर एसीपी नितिन तनेजा और कैंट इंस्पेक्टर की मौजूदगी में महिलाओं से अभद्रता की गई।
पुलिस ने लड़कियों के थप्पड़ जड़े, हाथ पकड़कर खींचा
पीयूष मिश्रा को सुनने के लिए VVIP पास लेकर पहुंचे लोगों ने मुख्य आयोजक दीपक मधोक, अमित सेवारामानी और बृजेश सिंह को फोन लगाया। लेकिन, उनके फोन स्विच ऑफ मिले। इस पर लोग आक्रोशित दिखे। कई लड़कियां, जो दीपक मधोक के स्कूल की स्टूडेंट थीं। उनके पास VVIP पास थे, लेकिन उन्हें भी नहीं जाने दिया गया। अराजकता की स्थिति को कंट्रोल करने के लिए एसीपी नितिन तनेजा ने मौके पर रस्सियां लगवाईं। हंगामे के दौरान करीब 10 लोग चोटिल हो गए। ————————– ये खबर भी पढ़िए- ‘14 साल की बहन से 5 लड़कों ने दरिंदगी की’, मेरठ में बहन बोली- पुलिस ने शिकायत बदलवाई ‘मेरी बहन सिर्फ 14 साल की थी। दरिंदगी करने वाले 5 लड़के थे, मगर पुलिस ने सिर्फ 1 लड़के को आरोपी बनाया। हम झूठ क्यों बोलेंगे, किसी को जानते नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं। हमारी शिकायत भी बदलवा दी गई। सिर्फ बहन को इंसाफ दिलाना है।’ पढ़ें पूरी खबर…