वाराणसी में मां ने बॉयफ्रेंड से अपने 10 साल के बेटे की हत्या करवा दी। अपहरण दिखाने के लिए रामनगर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। लेकिन, बच्चे के चाचा ने थाने पहुंचकर अपनी भाभी के लव अफेयर का खुलासा कर दिया। पुलिस ने महिला के बॉयफ्रेंड फैजान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने सारा सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस बच्चे की बॉडी बरामद कराने के लिए फैजान को लेकर मौके पर पहुंची। बच्चे के घर से 6 KM दूर बावन बीघा मैदान की झाड़ियों से सूरज की बॉडी रिकवर की गई। इसी बीच, फैजान ने एक दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसके दाहिने पैर में गोली मारकर दोबारा अरेस्ट कर लिया। अब सवाल उठा कि बच्चे को मार क्यों डाला? फैजान ने पुलिस को बताया कि सूरज ने मुझे और अपनी मां सोना को बेडरूम में एक साथ देख लिया था। सोना को लगा कि अब सामाजिक बेइज्जती हो जाएगी। इसीलिए हमने प्लान बनाया कि सूरज को रास्ते से हटाना होगा। इसलिए सूरज को मारना पड़ा। ये मामला रामनगर इलाके के मच्छरहट्टा का है। अब पढ़िए, फैजान ने सूरज को कैसे मारा… खेल रहे सूरज को घुमाने के बहाने ले गया
फैजान ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम 4 बजे सूरज पढ़ने के लिए कोचिंग गया था। वह से 6 बजे लौटकर घर आया। फिर घर से बाहर खेलने चला गया। हमें पहले से टाइमिंग पता थी। सूरज मुझे पहचानता भी था। उसको घुमाने के लिए मैं अपने साथ लेकर गया। मेरे साथ मेरा दोस्त राशिद भी था। घर से करीब 6 किमी दूर बावन बीघा का मैदान है। वहां पेड़ और झाड़ियां हैं। वहीं पर मैंने सूरज को पकड़कर उसका गला दबा दिया। इस दौरान राशिद आसपास निगरानी करता रहा। इसके बाद लाश झाड़ियों में छिपा दी। फिर हम दोनों अपने घर लौट गए। रात 9 बजे सोना ने ड्रामा किया कि सूरज लापता हो गया
इधर, सोना ने सोमवार रात 9 बजे अचानक हल्ला मचाया कि सूरज घर लौटकर नहीं आया। लेकिन, उसने बच्चे को ज्यादा ढूंढा नहीं। बच्चे के चाचा-चाची आधी रात तक सूरज को ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। मंगलवार सुबह परिवार के लोग थाने पहुंचे और सूरज की डिटेल के साथ पुलिस को शिकायत सौंपी। चाचा ने पहले ही पुलिस से फैजान पर शक जाहिर किया। कहा कि उसके मेरी भाभी से संबंध हैं। मेरे भाई की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। हमने भाभी को अक्सर फैजान के साथ देखा है। हिरासत में फैजान ने कबूला जुर्म
इसके बाद पुलिस ने पहले फैजान और फिर राशिद को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में फैजान टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस फैजान को लेकर बारह बीघा के मैदान पहुंची और सूरज की बॉडी रिकवर की। पुलिस टीम फैजान को लेकर क्राइम सीन से लौट रही थी, तभी वह दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने लगा। उसने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फैजान के दाहिने पैर में गोली लग गई। 2 साल पहले सोना के पति की मौत, फिर हुआ अफेयर
ADCP सरवणन टी. और ACP कोतवाली प्रज्ञा पाठक भी पूछताछ के लिए पहुंचे। पता चला कि सोना के पति की 2 साल पहले एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। परिवार में सोना शर्मा, उसका 10 साल का बेटा सूरज और 5 साल की बेटी थी। इस बीच गोलाघाट के रहने वाले फैजान का सोना से अफेयर हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि फैजान सोना के घर भी आने-जाने लगा था। मां और राशिद को साजिश रचने का आरोपी बनाएंगे
ADCP सरवणन टी. ने कहा- परिवार की शिकायत पर सूरज की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। उसके केस में हमने हत्या, किडनैपिंग की धाराएं बढ़ा दी हैं। अब अगर परिवार नए सिरे से सोना और राशिद के खिलाफ शिकायत सौंपता है, तो उनके नाम भी केस में जोड़े जाएंगे। अगर परिवार ने नई शिकायत नहीं दी, तब भी दोनों को साजिश रचने का आरोपी बनाया जाएगा। —————————- ये खबर भी पढ़िए… BHU के प्रोफेसर ने दी थी HOD की सुपारी, बदमाशों को बुलाकर तुड़वाए हाथ, प्रयागराज के सरगना को पुलिस ने मारी गोली वाराणसी पुलिस की मंगलवार रात लंका इलाके में बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। फायरिंग कर भागते बदमाश के पैर में पुलिस ने गोली मार कर पकड़ लिया। आरोपी की पहचान प्रयागराज के मेजा निवासी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी के रूप में हुई है। पढ़ें पूरी खबर…
फैजान ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम 4 बजे सूरज पढ़ने के लिए कोचिंग गया था। वह से 6 बजे लौटकर घर आया। फिर घर से बाहर खेलने चला गया। हमें पहले से टाइमिंग पता थी। सूरज मुझे पहचानता भी था। उसको घुमाने के लिए मैं अपने साथ लेकर गया। मेरे साथ मेरा दोस्त राशिद भी था। घर से करीब 6 किमी दूर बावन बीघा का मैदान है। वहां पेड़ और झाड़ियां हैं। वहीं पर मैंने सूरज को पकड़कर उसका गला दबा दिया। इस दौरान राशिद आसपास निगरानी करता रहा। इसके बाद लाश झाड़ियों में छिपा दी। फिर हम दोनों अपने घर लौट गए। रात 9 बजे सोना ने ड्रामा किया कि सूरज लापता हो गया
इधर, सोना ने सोमवार रात 9 बजे अचानक हल्ला मचाया कि सूरज घर लौटकर नहीं आया। लेकिन, उसने बच्चे को ज्यादा ढूंढा नहीं। बच्चे के चाचा-चाची आधी रात तक सूरज को ढूंढते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। मंगलवार सुबह परिवार के लोग थाने पहुंचे और सूरज की डिटेल के साथ पुलिस को शिकायत सौंपी। चाचा ने पहले ही पुलिस से फैजान पर शक जाहिर किया। कहा कि उसके मेरी भाभी से संबंध हैं। मेरे भाई की 2 साल पहले मौत हो चुकी है। हमने भाभी को अक्सर फैजान के साथ देखा है। हिरासत में फैजान ने कबूला जुर्म
इसके बाद पुलिस ने पहले फैजान और फिर राशिद को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में फैजान टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस फैजान को लेकर बारह बीघा के मैदान पहुंची और सूरज की बॉडी रिकवर की। पुलिस टीम फैजान को लेकर क्राइम सीन से लौट रही थी, तभी वह दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने लगा। उसने पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फैजान के दाहिने पैर में गोली लग गई। 2 साल पहले सोना के पति की मौत, फिर हुआ अफेयर
ADCP सरवणन टी. और ACP कोतवाली प्रज्ञा पाठक भी पूछताछ के लिए पहुंचे। पता चला कि सोना के पति की 2 साल पहले एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। परिवार में सोना शर्मा, उसका 10 साल का बेटा सूरज और 5 साल की बेटी थी। इस बीच गोलाघाट के रहने वाले फैजान का सोना से अफेयर हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि फैजान सोना के घर भी आने-जाने लगा था। मां और राशिद को साजिश रचने का आरोपी बनाएंगे
ADCP सरवणन टी. ने कहा- परिवार की शिकायत पर सूरज की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। उसके केस में हमने हत्या, किडनैपिंग की धाराएं बढ़ा दी हैं। अब अगर परिवार नए सिरे से सोना और राशिद के खिलाफ शिकायत सौंपता है, तो उनके नाम भी केस में जोड़े जाएंगे। अगर परिवार ने नई शिकायत नहीं दी, तब भी दोनों को साजिश रचने का आरोपी बनाया जाएगा। —————————- ये खबर भी पढ़िए… BHU के प्रोफेसर ने दी थी HOD की सुपारी, बदमाशों को बुलाकर तुड़वाए हाथ, प्रयागराज के सरगना को पुलिस ने मारी गोली वाराणसी पुलिस की मंगलवार रात लंका इलाके में बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। फायरिंग कर भागते बदमाश के पैर में पुलिस ने गोली मार कर पकड़ लिया। आरोपी की पहचान प्रयागराज के मेजा निवासी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी के रूप में हुई है। पढ़ें पूरी खबर…