‘विधायक की जगह बेटा आया, मेरी कुर्सी पर बैठ गया’:डॉक्टरों को फटकार लगाई, रामपुर के CHC अधीक्षक की सफाई

रामपुर में अपना दल (एस) विधायक शफीक अहमद अंसारी के बेटे उमैर अंसारी के सीएचसी का निरीक्षण करने का मामला तूल पकड़ गया है। उमैर ने 4 अप्रैल को इमरजेंसी वॉर्ड में घूम-घूमकर मरीजों का हाल-चाल जाना था और डॉक्टरों-स्टाफ से पूछताछ की थी। इसके बाद सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने जांच बैठा दी थी। जांच टीम बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंची। करीब एक घंटे तक CHC अधीक्षक डॉक्टर राजीव चंदेल से पूछताछ की। स्टाफ से भी अलग-अलग पॉइंट पर जानकारी ली। अधीक्षक की कुर्सी पर बैठने, रजिस्टर चेक करने और पुलिस की मौजूदगी तक हर पहलू पर जवाब मांगे। जांच टीम के सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने CHC अधीक्षक डॉ. राजीव चंदेल से फोन पर बात की। डॉ. चंदेल ने बताया कि जांच टीम ने वीडियो को लेकर बहुत सारे सवाल जवाब किए। मैंने सभी का जवाब दे दिया। पढ़िए CHC अधीक्षक ने जो कुछ बताया… दैनिक भास्कर से डॉ. राजीव चंदेल ने बताया- मुझे यह पता था कि स्वार टांडा विधायक शफीक अंसारी CHC में निरीक्षण करने आने वाले हैं। इस पर मैं खुद वार्ड बॉय, डॉक्टर, नर्स और वार्ड की व्यवस्थाओं को देखने चला गया। मैं निरीक्षण करके वापस आया, तो देखा कि विधायक शफीक अंसारी की जगह उनका बेटा उमैर आकर मेरी कुर्सी पर बैठा था। मैंने उन्हें कुर्सी से उठने के लिए नहीं कहा। वह मुझसे CHC स्टाफ के बारे में जानकारी मांगने लगे। पूछने लगे कि कितने डॉक्टर और कितने संविदा कर्मचारी हैं? ड्यूटी पर कितने हैं? मैंने रजिस्टर निकाला और उनके सामने रख दिया। फिर वह रजिस्टर चेक करने लगे। इसके बाद खुद ही बोले कि कुछ और डॉक्टर भिजवाते हैं। उसके बाद उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से हाल-चाल लिया। भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से व्यवस्थाओं को लेकर सवाल किए। सभी ने अस्पताल प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। फिर दवा भंडार रूम में पहुंचकर दवाएं देखीं। इसके बाद उमैर वहां से निकलकर एक्स-रे रूम पहुंचे। दो नई मशीन आई हैं, उन्हें देखा और उसके बाद चले गए। उमैर 15 से 20 मिनट तक CHC रहे थे। अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… विधायक शफीक अंसारी का बेटा उमैर शनिवार (4 अप्रैल) की सुबह 11 बजे स्वार सीएचसी में निरीक्षण करने पहुंचा था। उमैर के साथ 4 पुलिसवालों के साथ दो समर्थक भी थे। इस पूरी घटना का 7 अप्रैल को वीडियो सामने आया था। वीडियो में दिख रहा कि उसने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में पहुंचकर मरीजों का हाल लिया। कर्मचारियों के अटेंडेंस रजिस्टर चेक किया। दवा वितरण व्यवस्था देखी थी। लैब संचालन और मशीनों की भी स्थिति देखी। इसके बाद उमैर सीएचसी अधीक्षक के कार्यालय पहुंचा। विधायक के बेटे को देखते ही सीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव चंदेल अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए थे। उमैर उनकी कुर्सी पर बैठ गया था। वहां दस्तावेज चेक किए थे। इस दौरान डॉ. राजीव बगल में खड़े होकर उसे दस्तावेज दिखा रहे थे। उमैर ने सीएचसी प्रभारी और डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए थे। सीएचसी अधीक्षक को चेतावनी दी थी कि मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। जांच के लिए बाहर न भेजा जाए। अगर ऐसा पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। विधायक का सबसे बड़ा बेटा है उमैर
विधायक शफीक अंसारी के कुल 3 बच्चे हैं। उमैर सबसे बड़ा है। इसके बाद एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा हमजा अभी 6 साल का है। उमैर ही पिता की राजनीतिक विरासत संभालता है। हालांकि, उसे पार्टी में कोई पद नहीं मिला है। अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष घनवीर ने बताया- विधायक ने बेटे उमैर को अपना प्रतिनिधि बना रखा है। इसी आधार पर उमैर निरीक्षण करने पहुंचा था। आजम खान के करीबी थे, बाद में रिश्ते बिगड़े
विधायक शफीक अंसारी के पिता जुम्मा पल्लेदारी (मजदूरी) का काम करते थे। शफीक भी पल्लेदारी करते थे। इसी दौरान वह सपा के कद्दावर नेता आजम खान के संपर्क में आए। आजम से करीबी रिश्ते ने उन्हें पल्लेदारी से विधायक की कुर्सी तक पहुंचाया। पत्नी रेशमा को स्वार नगरपालिका में चेयरमैन का पद मिला। हालांकि, बाद में उनके आजम खान से रिश्ते बिगड़ गए थे। शफीक अंसारी ने पहला चुनाव सभासद का 1995 में लड़ा था। दूसरा चुनाव 2000 में फिर से सभासद का लड़ा। तीसरा चुनाव 2005 में नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय लड़ा था। उसके बाद से उनकी पत्नी लगातार नगर पालिका में चेयरमैन हैं। शफीक ने 2022 में विधानसभा का पहला चुनाव अपना दल (एस) से लड़ा, जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की। विधायक का कोल्ड स्टोरेज भी है। क्या है प्रोटोकॉल?
सरकारी नियमों के मुताबिक, निरीक्षण, समीक्षा और विभागीय निर्देश देने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को है। परिवार के सदस्यों को यह अधिकार नहीं है। ऐसे में अधीक्षक की कुर्सी पर बैठकर निर्देश देना प्रशासनिक मर्यादाओं के उलट है। 2022 के विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) ने जीती थीं 12 सीटें
‘अपना दल’ की स्थापना डॉ. सोनेलाल पटेल ने की थी। बाद में पार्टी टूटकर दो फाड़ हो गई थी। एक गुट अपना दल (एस) बना। इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल हैं। यह भाजपा की सहयोगी पार्टी है। 2022 के विधानसभा चुनाव में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। 12 पर जीत हासिल की थी। बाकी 5 सीटों पर दूसरे नंबर रही थी। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ————————- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में दलाल शिवम बोला- मैंने 50 किडनी ट्रांसप्लांट कराई, हर केस पर 50 हजार मिलते थे; दिल्ली के बड़े हॉस्पिटल का भी नाम आया कानपुर के किडनी कांड में पुलिस ने एजेंट शिवम अग्रवाल उर्फ काड़ा से मंगलवार को पूछताछ की। इस दौरान शिवम ने 50 किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बात कबूल की। बताया कि उसे हर ऑपरेशन पर 50 हजार रुपए मिलते थे। करीब 2 घंटे चली पूछताछ में उससे 15 सवाल पूछे गए। पढ़ें पूरी खबर…