तारीख- 2 जुलाई 2020, जगह- अलीगढ़ के थाना टप्पल क्षेत्र। एक्सल गैंग के कुख्यात बदमाश बबलू उर्फ गंजा के आने की खबर STF को लग गई थी। STF ने अपना जाल फैलाया। गंजा टीम को आता दिखा। उसे रोकने का इशारा किया, तो फायरिंग करते हुए भागने लगा। इस ऑपरेशन में शामिल एसटीएफ के सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने उसका पीछा किया और अकेले ही मार गिराया। गंजा पर 50 हजार का इनाम था और 27 मामले दर्ज थे। एक्सल गैंग यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के एक्सल में सरिया फंसाकर रोक लेता और लूटपाट करता था। गैंग लूट, हत्या और गैंगरेप करता था। इससे यमुना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले हर समय डरे रहते थे। गिरोह के कुख्यात बदमाश के मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। अब STF के सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को वीरता पुरस्कार से नवाजा जा रहा है। इस गिरोह से एक और मुठभेड़ में इसके सरगना कालिया के मारने वाले एसटीएफ के 3 पुलिसकर्मियों को भी अवॉर्ड दिया गया है। प्रमोद की तरह यूपी के 17 पुलिसकर्मियों को केंद्र सरकार ने वीरता के पदक से नवाजा है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इन्हें ये सम्मान दिया जाएगा। इनमें एक डीआईजी, दो डिप्टी एसपी, 2 इंस्पेक्टर, 6 सब इंस्पेक्टर और 6 हेड कॉन्स्टेबल शामिल हैं। बरेली में तैनात डीआईजी अजय साहनी को 5 साल पहले की एक मुठभेड़ के मामले में ये पदक मिला है। पढ़िए वीरता पदक से नवाजे गए यूपी के अफसरों की कहानी… 1- अजय साहनी ने 1 लाख के इनामी का किया था एनकाउंटर 25 जनवरी, 2020 को मेरठ के थाना टीपीनगर क्षेत्र में एक लूट की घटना के बाद भाग रहे अपराधियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई। इस साहसिक कार्रवाई में 1 लाख रुपए का इनामी अपराधी चांद उर्फ काले घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चांद पर हत्या, लूट और डकैती जैसे 39 गंभीर अभियोग दर्ज थे। इस मुठभेड़ में मेरठ के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय कुमार साहनी, उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र और मुख्य आरक्षी मनोज कुमार ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपराधी को ढेर किया। उनके इस साहसिक कार्य के लिए केंद्र सरकार ने तीनों को वीरता पदक से सम्मानित किया। इस घटना ने मेरठ में अपराध के खिलाफ पुलिस की कठोर कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया। 2- DSP ने चप्पल पहनकर शहाबुद्दीन के शूटर को ढेर किया था 3 सितंबर, 2021 को बलिया के थाना रसड़ा क्षेत्र में एसटीएफ की टीम की शहाबुद्दीन गैंग के कुख्यात शूटर और 1 लाख रुपए के इनामी अपराधी हरीश पासवान के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें वह घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हरीश पर बलिया में 2 कैश वैन लूट, जिला पंचायत सदस्य की हत्या सहित 35 मामले दर्ज थे। वह उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में वांटेड था। इस मुठभेड़ में एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही, सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और मुख्य आरक्षी नीरज कुमार पांडेय ने अपनी वीरता का परिचय दिया। इन तीनों को केंद्र सरकार ने वीरता पदक से नवाजा है। 3- गोरखपुर में विनोद उपाध्याय का साम्राज्य खत्म किया 5 जनवरी, 2024 को गोरखपुर के थाना गुलरिहा क्षेत्र में एसटीएफ ने मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी विनोद कुमार उपाध्याय को ढेर कर दिया। विनोद हत्या, लूट और रंगदारी जैसे अपराधों में संलिप्त था। 1 लाख रुपए का इनामी अपराधी था। उसके खिलाफ 46 अभियोग दर्ज थे। इस मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी । इस ऑपरेशन में शामिल एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार, इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह और मुख्य आरक्षी विनोद कुमार को उनके साहस के लिए 15 अगस्त को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। 4- एक्सल गैंग के सरगना को मार गिराया, टीम को मिलेगा वीरता पदक 7 जुलाई, 2021 को एक्सल गैंग के सरगना अजय उर्फ कालिया को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। अजय पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज थे। यह ऑपरेशन गौतमबुद्धनगर के थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में एसटीएफ और लोकल पुलिस ने किया। कालिया यमुना एक्सप्रेस-वे और पेरिफेरल पर डकैती, लूट और रेप जैसे गंभीर अपराधों में शामिल था। इस मुठभेड़ में हापुड़ में तैनात इंस्पेक्टर मुनीष प्रताप सिंह, एसटीएफ के उपनिरीक्षक अक्षय परवीर कुमार त्यागी, मुख्य आरक्षी राजन कुमार और मुकेश कुमार ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपराधी को मार गिराया। इन चारों को उनके साहस के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। 5- गाजियाबाद के मोनू को ढेर किया, मिलेगा वीरता पदक 2 जून, 2023 को गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में हत्या में वांटेड 50 हजार रुपए का इनामी अपराधी विशाल चौधरी उर्फ मोनू घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विशाल के खिलाफ 11 मामले दर्ज थे। इस मुठभेड़ में शामिल उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, अरुण कुमार और मुख्य आरक्षी टिंकल को वीरता पदक के लिए चुना गया है। एसटीएफ के दो डिप्टी एसपी समेत 10 को वीरता पदक
जिन मामलों में पुलिसकर्मियों को वीरता का पदक मिला है, उनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी एसटीएफ के हैं। इसमें 2 डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार और दीपक सिंह के अलावा 8 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। ये हेड कॉन्स्टेबल, सबइंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक के हैं। 78 अन्य पुलिसकर्मी भी हुए सम्मानित
इनके अलावा 6 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति की ओर से उत्कृष्ट पदक और 72 को सराहनीय सेवा पदक दिया गया है। उत्कृष्ट पदक पाने वालों में एडीजी ट्रैफिक के सत्यनारायण, एडीजी प्रयागराज जोन संजीव गुप्ता, डीआईजी एसटीएफ कुलदीप नारायण, डीआईजी राजेश कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर अवध नारायण और तारा चंद का नाम शामिल है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी के मंत्री चौधरी ने RLD को क्यों कहा पनौती?, टिकट कटने से घबराए या कोई और वजह; 2027 में 75 पार हो जाएंगे प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के गठबंधन पर सवाल खड़े कर नए विवाद को जन्म दे दिया है। लक्ष्मीनारायण ने बयान देकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर सवाल खड़ा किया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उम्र के 75वें पड़ाव में कदम रख चुके लक्ष्मी नारायण ने अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने का दांव चला है। 10 अगस्त को लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मथुरा में दैनिक भास्कर से कहा, जिस भी पार्टी के साथ RLD (राष्ट्रीय लोक दल) ने गठबंधन किया, उसका सूपड़ा साफ हो गया। इसी वजह से 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA को 400 के टारगेट के मुकाबले सिर्फ 240 सीटें मिलीं। रालोद के गठबंधन से भाजपा का बंटाधार हो गया। पढ़िए पूरी खबर…
जिन मामलों में पुलिसकर्मियों को वीरता का पदक मिला है, उनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी एसटीएफ के हैं। इसमें 2 डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार और दीपक सिंह के अलावा 8 अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। ये हेड कॉन्स्टेबल, सबइंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक के हैं। 78 अन्य पुलिसकर्मी भी हुए सम्मानित
इनके अलावा 6 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति की ओर से उत्कृष्ट पदक और 72 को सराहनीय सेवा पदक दिया गया है। उत्कृष्ट पदक पाने वालों में एडीजी ट्रैफिक के सत्यनारायण, एडीजी प्रयागराज जोन संजीव गुप्ता, डीआईजी एसटीएफ कुलदीप नारायण, डीआईजी राजेश कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर अवध नारायण और तारा चंद का नाम शामिल है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी के मंत्री चौधरी ने RLD को क्यों कहा पनौती?, टिकट कटने से घबराए या कोई और वजह; 2027 में 75 पार हो जाएंगे प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के गठबंधन पर सवाल खड़े कर नए विवाद को जन्म दे दिया है। लक्ष्मीनारायण ने बयान देकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय पर सवाल खड़ा किया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उम्र के 75वें पड़ाव में कदम रख चुके लक्ष्मी नारायण ने अपनी राजनीतिक विरासत को बचाने का दांव चला है। 10 अगस्त को लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मथुरा में दैनिक भास्कर से कहा, जिस भी पार्टी के साथ RLD (राष्ट्रीय लोक दल) ने गठबंधन किया, उसका सूपड़ा साफ हो गया। इसी वजह से 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA को 400 के टारगेट के मुकाबले सिर्फ 240 सीटें मिलीं। रालोद के गठबंधन से भाजपा का बंटाधार हो गया। पढ़िए पूरी खबर…