‘वो तो शेर था, पुलिस ने घेरकर मार दिया’:हिस्ट्रीशीटर की अर्थी उठते ही चिल्लाईं महिलाएं, मेरठ में विनय त्यागी का अंतिम संस्कार

मेरठ के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी उर्फ टिंकू त्यागी का शनिवार रात ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन विनय का शव लेकर जैसे ही घर से निकले तो चीख-पुकार मच गई। महिलाओं ने चिल्लाते हुए कहा- हमारा लड़का शेर था। अगर सामना करते तो आज विनय जिंदा रहता। लेकिन उसे धोखे से चार पुलिस वालों ने घेरकर मार दिया। विनय के अंतिम संस्कार में 300 से अधिक लोग शामिल होने पहुंचे। रिश्तेदार और पैतृक गांव से भी लोग आए थे। लॉ एंड ऑर्डर को देखते हुए विनय के घर के बाहर फोर्स तैनात की गई थी। लाश की वैन के साथ पुलिस की जीप भी भेजी गई। परिवार वाले हंगामा न करें, इसे देखते हुए आसपास के थानों को अलर्ट किया गया। विनय त्यागी करीब 5 साल पहले अपने परिवार के साथ मेरठ के मकान में ही रहता था। उसकी पढ़ाई भी यहीं से हुई थी। उसके पिता सेवाराम त्यागी मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में कार्यालय अधीक्षक के रह चुके हैं। 24 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में पेशी के दौरान दो बदमाशों ने विनय त्यागी को 3 गोलियां मारी थीं। जिसके बाद उसे ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 27 दिसंबर को इलाज के दौरान विनय की मौत हो गई थी। 3 तस्वीरें देखिए… 70 मीटर तक अर्थी को कंधे पर पैदल ले जाया गया विनय के घर से कॉलोनी के गेट तक करीब 70 मीटर तक अर्थी को कंधे पर पैदल ले जाया गया। इस दौरान बेटे, ससुराल पक्ष के लोगों और अन्य रिश्तेदारों ने विनय की अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद शव वाहन में रखकर लोग ब्रजघाट के लिए रवाना हुए। अंतिम संस्कार में विनय त्यागी की तीनों बहनें भी पहुंचीं। विनय त्यागी की कुल पांच बहनें हैं। इनमें से एक बहन गरिमा एक स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं, जबकि दूसरी बहन सीमा दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (SI) हैं। बाकी तीन बहनें भी हैं। विनय त्यागी अपनी पांचों बहनों में इकलौता भाई था। अंतिम संस्कार शामिल होने नहीं पहुंची पत्नी विनय की पत्नी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुईं, जबकि उसके बेटे, बेटी और बहनें मौके पर मौजूद रहे। विनय की बहनों ने हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग की। विनय के बच्चों ने चेहरे पर मास्क लगा रखे थे। जब विनय त्यागी का शव लेकर लोग चले तो रोते-रोते एक बुजुर्ग महिला की हालत बिगड़ गई। वो बेहोश हो गई। इसके बाद उसके चेहरे पर पानी छिड़का गया। उसे तुरंत बिस्तर पर लिटाया गया। लगभग 15 मिनट बाद महिला को होश आया। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए… ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था विनय का इलाज
ऋषिकेश के एम्स में भर्ती विनय त्यागी का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा था। वहां शनिवार सुबह करीब 7 बजे विनय की मौत हो गई। उसकी मौत की पुष्टि एम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. श्रीलाय मोहंती ने की। इसके बाद हरिद्वार पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया। फिर शव मेरठ लाया गया। विनय त्यागी की बेटी तन्वी भारद्वाज ने पहले ही बताया था कि उनके पिता को पहले से ही जान का खतरा महसूस हो रहा था। इस बारे में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट और जेल प्रशासन को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। इसके बावजूद कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। तन्वी के अनुसार, गोली उनके पिता की आंतों में लगी थी, जिससे काफी डैमेज हुआ था और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पिछले तीन दिनों से पुलिस प्रशासन उन्हें अपने पिता से ठीक से मिलने या बात करने नहीं दे रहा था। सिर्फ एक-दो बार दूर से देखने दिया गया था। पुलिस की गाड़ी को घेरकर मारी थीं गोलियां तीन दिन पहले हरिद्वार में दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई थी। बदमाशों ने मेरठ के अपराधी विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें उसे गोली लगी थी। क्रॉस फायरिंग में दो कॉन्स्टेबल भी घायल हुए थे। यह घटना तब हुई थी जब पुलिस विनय त्यागी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी का पीछा किया और लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान अचानक गोलियां चला दी थीं। एक दिन बाद बदमाशों को पकड़ा गोली की आवाज सुनते ही गाड़ी में बैठे कॉन्स्टेबल तुरंत एक्शन में आए और जवाबी कार्रवाई की। लेकिन बदमाशों को पकड़ नहीं पाए। बदमाश मौका देखकर वहां से भाग गए थे। इसके बाद हरिद्वार पुलिस ने विनय त्यागी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया था। पुलिस को 25 दिसंबर सफलता मिली थी। पुलिस ने खानपुर थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर के जंगल, बिजनौर हाईवे से वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया था। बाइक से फरार होने के बाद दोनों बदमाश बाइक को छोड़कर सिकंदरपुर गांव में छिप गए थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी 28 वर्षीय सन्नी यादव उर्फ शेरा और 24 वर्षीय अजय पुत्र कुंवर सैन दोनों निवासी काशीपुर, ऊधम सिंह नगर के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक दोनों हार्डकोर क्रिमिनल हैं, जिन पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। 750 करोड़ की चोरी का राज दबा हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि देहरादून से कुल 750 करोड़ की चोरी हुई। इसमें पैसा, ज्वैलरी और बेनामी प्रॉपर्टी के कागजात थे। ये माल ठेकेदार सुभाष त्यागी का था। उसने ED से बचने को देहरादून में डॉक्टर के यहां छिपाया था। विनय त्यागी को इस बात की जानकारी हुई। विनय और ठेकेदार की पुरानी रंजिश थी। इसलिए विनय ने पूरा माल चुराया और वो ED को सौंपने जा रहा था। रास्ते में ही देहरादून पुलिस ने विनय को पत्नी सहित दबोचा। सारा माल बरामद किया। अब विनय को पेशी पर ले जाते वक्त मारने की साजिश थी, ताकि वो ED या किसी और एजेंसी के सामने मुंह न खोल पाए। उत्तराखंड पुलिस इसमें शामिल है। विनय त्यागी पर 58 से ज्यादा केस कुख्यात विनय त्यागी का मेरठ से भी पुराना नाता रहा था। वह यहां कुछ समय किराए के मकान में रहा था। एक समय वह बदन सिंह बद्दो, भूपेंद्र बाफर, नीरज भाटी सरीके गैंग से जुड़ा रहा। मेरठ में विनय त्यागी का नाम सबसे पहले 2015 में उस वक्त सामने आया था, जब दो युवकों की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में विनय त्यागी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। विनय त्यागी पर हत्या, अपहरण, डकैती जैसे संगीन वारदातों के करीब 58 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। मेरठ में थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे में वो लंबे समय से वांछित चल रहा था। इस दौरान वह लंबे समय दुबई में रहा। चोरी छुपे वह भारत लौटा और दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर रहने लगा। मेरठ एसओजी को इसकी भनक लगी और जून-2024 में उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। बदन सिंह बद्दो, नीरज भाटी से विनय का कनेक्शन विनय त्यागी एक समय में बदन सिंह बद्दो और नीरज भाटी के गैंग से जुड़ा रहा। मेरठ में विनय त्यागी का नाम सबसे पहले 2015 में उस वक्त सामने आया था, जब दो युवकों की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में विनय त्यागी के खिलाफ ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। धीरे-धीरे विनय त्यागी पुलिस की फेहरिस्त में अपराध का एक बड़ा नाम बन गया। वह मेरठ के जागृति विहार में किराए के मकान में रहा। उससे जुड़े सोर्स कहते हैं कि वह वेस्ट यूपी में अपने नेटवर्क को फैलाने के लिए कुछ महीने दुबई में भी रहा। चोरी-छिपे वह भारत लौटा और दिल्ली में किराए का फ्लैट लेकर रहने लगा। मेरठ एसओजी को इसकी भनक लगी और जून 2024 में उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। पत्नी दो बार बनी ब्लॉक प्रमुख उसकी पत्नी निशा त्यागी भी दो बार पुरकाजी ब्लॉक से प्रमुख बनी। सहारनपुर की देवबंद सीट से खुद भी विधानसभा का चुनाव लड़ा था। ——————— ये खबर भी पढ़ें… ‘तेरे जैसों का गुलाम नहीं, सारी नेतागिरी निकाल दूंगा’:यूपी में दरोगा की दबंगई, रोजगार सेवक को पीटा, VIDEO यूपी के एटा में दरोगा ने चोरी के शक में रोजगार सेवक को पकड़कर पीट दिया। उसे गालियां दीं और 3 थप्पड़ जड़े और धक्का दे दिया। धमकाया-तेरे जैसों की गुलामी नहीं करता। घर जाने के लिए तैयार बैठा हूं। फोन मिला ले, नौकरी से निकलवा दे। तेरी नेतागिरी और बदमाशी निकाल दूंगा। पढ़ें पूरी खबर…