देश के गृहमंत्री अमित शाह काशी में हैं। वह एयरपोर्ट पर उतरने के बाद CM योगी के साथ सीधे काल भैरव पहुंचे। यहां दर्शन-पूजन करने के दौरान एक पंडित ने शाह की दंड से नजर उतारी। शाह ने नजर क्यों उतरवाई, यह जानने दैनिक भास्कर की टीम काल भैरव मंदिर पहुंची। पता चला कि काशी के काल भैरव का दंड विधान था, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। जिन पंडित ने शाह की नजर उतारी, उन्हें पंडित पप्पू दुबे के नाम से जाना जाता है। काल भैरव, दंड विधान और गृहमंत्री को लेकर डिटेल बातचीत की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मुख्य पुजारी बोले- कपूर आरती की, भैरव बाबा का कलावा बांधा
काल भैरव मंदिर के मुख्य पुजारी विजय दुबे कहते हैं- गृहमंत्री अमित शाह के मंदिर आने के बाद सबसे पहले उनकी मंगला अर्चना कराई गई। फूल की डाल और माला शाह के हाथ से स्पर्श करवाकर बाबा को चढ़ाई गई। फिर तेल उतारा गया, जो उनके हाथ से मिट्टी के पात्र में रख दिया गया। उन्होंने काल भैरव के सामने ज्योति जलाई। देश की समृद्धि के लिए गृहमंत्री ने कपूर से काल भैरव की आरती की। आखिर में उन्हें रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र प्रसाद में दिया गया। इस पूजा के बाद बाबा काल भैरव के दंड से शाह की नजर भी उतारी गई। हाथ में भैरव बाबा का कलावा भी बांधा गया। हमने पूछा- गृहमंत्री ने कौन सी पूजा की? उन्होंने जवाब दिया- मीटिंग से पहले गृहमंत्री ने भैरव अष्टक विधि से पूजा की। इसमें काल भैरव अष्टक का पाठ और भैरव मंत्रों का जाप होता है। इससे भक्तों की नकारात्मकता से सुरक्षा, साहस और आध्यात्मिक विकास होता है। नजर उतारने वाले पंडित बोले- 4 बार नजर झाड़ी
काल भैरव मंदिर में पंडित पप्पू दूबे कहते हैं- इससे पहले अमित शाह 4 बार यहां आ चुके हैं। जब हम नजर झाड़ रहे थे, तब उन्होंने कहा कि हो गया महाराज…। मुझे देखकर एक बार मुस्कुराए, फिर आगे चले गए। हमने पूछा- ये बाबा के दंड का विधान क्या है? उन्होंने कहा- यहां जो भी आता है, वो बाबा का दंड जरूर लेकर जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि काशी ही एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां मृत्यु पाने वाले को नरक नहीं जाना पड़ता। क्योंकि, यहां पर यमराज का राज नहीं चलता। यहां के स्वामी काल भैरव हैं। काशी में मृत्यु पाने वाले का न्याय काल भैरव करते हैं। हमने पूछा- इसके फायदे क्या हैं? पंडित कहते हैं- इससे कोई भी नजर, बांधा, कोर्ट में केस, जीवन का हर कठिन समस्या का समाधान हो ही जाता है। पप्पू दूबे कहते हैं- हम 17 साल से मंदिर में भैरव दंड देते आ रहे हैं। भैरव दंड काल अष्टक मंत्रों के जप के साथ गृहमंत्री अमित शाह को यह दंड दिया गया। यह इस मंदिर की पुरानी परंपरा है, जिसका निर्वहन मैंने किया है। वह (गृहमंत्री) जब भी काल भैरव मंदिर आते हैं, तो इस परंपरा को निभाते हैं। यहां यमराज नहीं, बाबा का दंड चलता है…
पुजारी विजय कुमार दुबे कहते हैं- काशी में यही प्रचलित है कि मृत्यु से पहले या बाद में, भैरवनाथ का ही दंड मिलता है। यहां यमराज की नहीं चलती। इसलिए यहां आने वाले लोग खुद को अभिमंत्रित करवाते हैं। काला धागा बाबा भैरवनाथ का प्रसाद मानते हुए पहनते हैं। यह उन्हें बुरी नजरों से बचाता ही है, साथ ही अकाल मृत्यु के डर से भी मुक्ति दिलाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत BJP के सभी बड़े नेता काल भैरव के दर्शन करने आ चुके हैं। अधिकारी काशी में जॉइनिंग बाद में लेते हैं, पहले काल भैरव के दर्शन करते हैं। यही मान्यता चली आ रही है। अब शिव के काल भैरव स्वरूप को समझिए… ————————– यह खबर भी पढ़ें : योगी से नन्ही बच्ची बोली- मेरा एडमिशन करवा दो, सीएम ने पूछा- 10वीं या 11वीं में? 4 घंटे में सबसे महंगे स्कूल में एडमिशन हो गया मुख्यमंत्री जनता दरबार में सोमवार को 5 साल की बच्ची पहुंची। उसने बड़े मासूम अंदाज में सीएम योगी ने कहा, ‘स्कूल जाना चाहती हूं, आप मेरा एडमिशन करा दीजिए।’ बच्ची का बेधड़क अंदाज देख योगी मुस्कराने लगे। उन्होंने दुलारते हुए पूछा, ‘बताओ तुम्हारा एडमिशन किस क्लास में करा दें?’ बच्ची ने एक स्कूल का नाम बताया। योगी ने फिर पूछा- ‘स्कूल तो ठीक है। क्लास बताओ, किसी क्लास में? 10वीं में करवा दें या 11वीं में?’ योगी ने तुरंत गृह सचिव संजय प्रसाद को बच्ची का एडमिशन कराने का निर्देश दिया। 4 घंटे के अंदर मुरादाबाद के सबसे महंगे स्कूल में बच्ची का नर्सरी क्लास में एडमिशन हो गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल में नर्सरी की फीस 2 लाख रुपए सालाना है। पढ़िए पूरी खबर…
काल भैरव मंदिर के मुख्य पुजारी विजय दुबे कहते हैं- गृहमंत्री अमित शाह के मंदिर आने के बाद सबसे पहले उनकी मंगला अर्चना कराई गई। फूल की डाल और माला शाह के हाथ से स्पर्श करवाकर बाबा को चढ़ाई गई। फिर तेल उतारा गया, जो उनके हाथ से मिट्टी के पात्र में रख दिया गया। उन्होंने काल भैरव के सामने ज्योति जलाई। देश की समृद्धि के लिए गृहमंत्री ने कपूर से काल भैरव की आरती की। आखिर में उन्हें रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र प्रसाद में दिया गया। इस पूजा के बाद बाबा काल भैरव के दंड से शाह की नजर भी उतारी गई। हाथ में भैरव बाबा का कलावा भी बांधा गया। हमने पूछा- गृहमंत्री ने कौन सी पूजा की? उन्होंने जवाब दिया- मीटिंग से पहले गृहमंत्री ने भैरव अष्टक विधि से पूजा की। इसमें काल भैरव अष्टक का पाठ और भैरव मंत्रों का जाप होता है। इससे भक्तों की नकारात्मकता से सुरक्षा, साहस और आध्यात्मिक विकास होता है। नजर उतारने वाले पंडित बोले- 4 बार नजर झाड़ी
काल भैरव मंदिर में पंडित पप्पू दूबे कहते हैं- इससे पहले अमित शाह 4 बार यहां आ चुके हैं। जब हम नजर झाड़ रहे थे, तब उन्होंने कहा कि हो गया महाराज…। मुझे देखकर एक बार मुस्कुराए, फिर आगे चले गए। हमने पूछा- ये बाबा के दंड का विधान क्या है? उन्होंने कहा- यहां जो भी आता है, वो बाबा का दंड जरूर लेकर जाता है। शिवपुराण में बताया गया है कि काशी ही एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां मृत्यु पाने वाले को नरक नहीं जाना पड़ता। क्योंकि, यहां पर यमराज का राज नहीं चलता। यहां के स्वामी काल भैरव हैं। काशी में मृत्यु पाने वाले का न्याय काल भैरव करते हैं। हमने पूछा- इसके फायदे क्या हैं? पंडित कहते हैं- इससे कोई भी नजर, बांधा, कोर्ट में केस, जीवन का हर कठिन समस्या का समाधान हो ही जाता है। पप्पू दूबे कहते हैं- हम 17 साल से मंदिर में भैरव दंड देते आ रहे हैं। भैरव दंड काल अष्टक मंत्रों के जप के साथ गृहमंत्री अमित शाह को यह दंड दिया गया। यह इस मंदिर की पुरानी परंपरा है, जिसका निर्वहन मैंने किया है। वह (गृहमंत्री) जब भी काल भैरव मंदिर आते हैं, तो इस परंपरा को निभाते हैं। यहां यमराज नहीं, बाबा का दंड चलता है…
पुजारी विजय कुमार दुबे कहते हैं- काशी में यही प्रचलित है कि मृत्यु से पहले या बाद में, भैरवनाथ का ही दंड मिलता है। यहां यमराज की नहीं चलती। इसलिए यहां आने वाले लोग खुद को अभिमंत्रित करवाते हैं। काला धागा बाबा भैरवनाथ का प्रसाद मानते हुए पहनते हैं। यह उन्हें बुरी नजरों से बचाता ही है, साथ ही अकाल मृत्यु के डर से भी मुक्ति दिलाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत BJP के सभी बड़े नेता काल भैरव के दर्शन करने आ चुके हैं। अधिकारी काशी में जॉइनिंग बाद में लेते हैं, पहले काल भैरव के दर्शन करते हैं। यही मान्यता चली आ रही है। अब शिव के काल भैरव स्वरूप को समझिए… ————————– यह खबर भी पढ़ें : योगी से नन्ही बच्ची बोली- मेरा एडमिशन करवा दो, सीएम ने पूछा- 10वीं या 11वीं में? 4 घंटे में सबसे महंगे स्कूल में एडमिशन हो गया मुख्यमंत्री जनता दरबार में सोमवार को 5 साल की बच्ची पहुंची। उसने बड़े मासूम अंदाज में सीएम योगी ने कहा, ‘स्कूल जाना चाहती हूं, आप मेरा एडमिशन करा दीजिए।’ बच्ची का बेधड़क अंदाज देख योगी मुस्कराने लगे। उन्होंने दुलारते हुए पूछा, ‘बताओ तुम्हारा एडमिशन किस क्लास में करा दें?’ बच्ची ने एक स्कूल का नाम बताया। योगी ने फिर पूछा- ‘स्कूल तो ठीक है। क्लास बताओ, किसी क्लास में? 10वीं में करवा दें या 11वीं में?’ योगी ने तुरंत गृह सचिव संजय प्रसाद को बच्ची का एडमिशन कराने का निर्देश दिया। 4 घंटे के अंदर मुरादाबाद के सबसे महंगे स्कूल में बच्ची का नर्सरी क्लास में एडमिशन हो गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल में नर्सरी की फीस 2 लाख रुपए सालाना है। पढ़िए पूरी खबर…