संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी है। 28 मार्च को शादी और 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन है। दोनों की पहली मुलाकात 2021 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि, अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं। बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं। अंशिका प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली हैं। इससे पहले, यूपी में पुलिसकर्मियों की होली में दोनों अफसर सराबोर नजर आए थे। बरेली में IPS अंशिका वर्मा ने गुरुवार को काला चश्मा पहनकर ‘लंदन ठुमकदा’ गाने पर डांस किया था। अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने रहमान डकैत स्टाइल में डांस किया था। शिकारियों वाली हैट पहनी थी। खुली जिप्सी से ‘धुरंधर’ मूवी के ‘फसला’ गाने पर पुलिस लाइन में एंट्री की थी। सबसे पहले शादी का Invitation देखिए- अब IPS कृष्ण बिश्नोई के बारे में जानिए- SP केके बिश्नोई, उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के एक तेजतर्रार IPS अधिकारी हैं। वे वर्तमान में संभल जिले की कमान संभाल रहे हैं और अपने सख्त फैसलों और कार्यशैली के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। केके का जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक किसान परिवार में हुआ था। वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में बिश्नोई ने बताया था कि 12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और सेंट स्टीफन कॉलेज से 2013 में बीए की डिग्री हासिल की। यहीं से उनकी विदेश में पढ़ाई करने की इच्छा हुई, लेकिन वे घर से पैसा नहीं लेना चाहते थे और अपनी मेहनत से पढ़ाई करना चाहते थे। उन्होंने फ्रांस में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप का आवेदन किया और उनका चयन हो गया। फ्रांस सरकार ने उन्हें 40 लाख रुपए की स्कॉलरशिप दी। उस समय स्कॉलरशिप पाने वाले वह इकलौते भारतीय थे। उनका सिलेक्शन पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स के लिए हुआ, जहां 2015 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा (International Security) में मास्टर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने फ्लेचर स्कूल ऑफ डिप्लोमेसी से पढ़ाई की और छह महीने अमेरिका में रिसर्च की। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विदेश मंत्रालय में अनुभव
इसके बाद उनका सिलेक्शन यूनाइटेड नेशन के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट ग्रुप में सलाहकार के रूप में हुआ, जहां उन्हें सालाना 30 लाख रुपए का पैकेज मिला। करीब एक साल काम करने के बाद भी उनका मन और पढ़ाई करने की तरफ था। उन्होंने घर में फोन कर बताया कि अब वे घर में पढ़ाई करेंगे। इसके बाद उन्होंने जॉन एफ कैनेडी यूनिवर्सिटी (JNU) में दाखिला लिया। रिसर्च के लिए उनकी पूरे देश में पहली रैंक आई। यहां उन्होंने चीन से संबंधित विषय पर एम फिल की। इसके बाद 23 साल की उम्र में विदेश मंत्रालय जॉइन किया और अंडर सेक्रेटरी के स्तर का कार्य किया। विदेश सेवा संस्थान में 8 देशों के लिए एक्सपर्ट के तौर पर प्रशिक्षण भी दिया। IPS बनने का सफर
इस दौरान उनके मन में IPS बनने का विचार आया। उन्होंने ठान लिया कि अब UPSC का एग्जाम देना है। उन्होंने खुद से वादा किया कि इस बार पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी से करेंगे और कोई कोचिंग नहीं लेंगे। पहली बार परीक्षा में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC क्रैक किया। 2018 बैच के IPS अधिकारी बनकर वे 24 साल की उम्र में देश की सेवा में शामिल हुए। 2019 में पहली पोस्टिंग- मेरठ में थाना प्रभारी
केके बिश्नोई की पहली पोस्टिंग 2019 में मेरठ के परतापुर थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद 2021 में दूसरी पोस्टिंग ASP के रूप में मुजफ्फरनगर में हुई। फिर 2024 में तीसरी पोस्टिंग SP के रूप में संभल में हुई। केके बिश्नोई द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई 1. ₹100 करोड़ से अधिक का बीमा धोखाधड़ी घोटाला (संभल)
संभल एसपी के रूप में कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने एक विशाल अंतर्राज्यीय बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेज, नकली मृत्यु प्रमाण पत्र और गढ़े हुए हादसों के जरिए बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये ठगे थे। इस मामले में अब तक 70 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा प्लैटिनम पदक और उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। 2. संभल हिंसा का नियंत्रण (नवंबर 2024)
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा को उन्होंने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ से नियंत्रित किया। उन्होंने उपद्रवी भीड़ के सामने खड़े होकर युवाओं को समझाया कि वे नेताओं के बहकावे में आकर अपना भविष्य खराब न करें। इसके अलावा दंगाइयों द्वारा बरसाए गए ईंट-पत्थरों का उपयोग करके नई पुलिस चौकियों का निर्माण करवाया गया, जिससे उपद्रवियों को सख्त संदेश दिया गया। 3. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंतरिक कार्रवाई (संभल- फरवरी 2026)
पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाए। अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि होने पर पूरी SOG टीम को निलंबित किया गया। इसके अलावा कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते एक साथ 39 पुलिसकर्मियों (जिसमें दरोगा और हेड कांस्टेबल शामिल थे) को लाइन हाजिर किया गया। 4. माफियाओं पर बुलडोजर और संपत्ति जब्ती (मेरठ व गोरखपुर)
मेरठ में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो के अवैध बंगले और बाजार पर बुलडोजर चलवाया और करोड़ों की संपत्ति कुर्क की। गोरखपुर में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर लगभग ₹803 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की। 5. वित्तीय और क्रिप्टो धोखाधड़ी पर नकेल
संभल में बिटकॉइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले जावेद हबीब के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया गया। इसके साथ ही पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। अब जानिए IPS अंशिका वर्मा के बारे में अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं। अंशिका ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नोएडा में की। साल 2014 से 2018 तक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कीं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे अटेम्प्ट में 136वीं रैंक हासिल की। अंशिका के पिता उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (UPPCL) से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। मां एक गृहिणी हैं। पहली पोस्टिंग 2021 में फतेहपुर सीकरी थाना, आगरा बतौर ट्रेनी ऑफिसर हुई। दूसरी पोस्टिंग- गोरखपुर में बतौर ASP हुई। IPS अंशिका वर्मा इंस्टाग्राम पर काफी फेमस हैं। उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। ————————— ये खबर भी पढ़िए- शंकराचार्य बोले-दुर्भाग्य है कि धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ रहा:’जिंदा हिंदू लखनऊ चलें’- लिखे पोस्टर बांटे; गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा करेंगे ‘बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गौ-माता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है।’ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें काशी में लखनऊ रवाना होने से पहले शनिवार को कही। पूरी खबर पढ़िए
इसके बाद उनका सिलेक्शन यूनाइटेड नेशन के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट ग्रुप में सलाहकार के रूप में हुआ, जहां उन्हें सालाना 30 लाख रुपए का पैकेज मिला। करीब एक साल काम करने के बाद भी उनका मन और पढ़ाई करने की तरफ था। उन्होंने घर में फोन कर बताया कि अब वे घर में पढ़ाई करेंगे। इसके बाद उन्होंने जॉन एफ कैनेडी यूनिवर्सिटी (JNU) में दाखिला लिया। रिसर्च के लिए उनकी पूरे देश में पहली रैंक आई। यहां उन्होंने चीन से संबंधित विषय पर एम फिल की। इसके बाद 23 साल की उम्र में विदेश मंत्रालय जॉइन किया और अंडर सेक्रेटरी के स्तर का कार्य किया। विदेश सेवा संस्थान में 8 देशों के लिए एक्सपर्ट के तौर पर प्रशिक्षण भी दिया। IPS बनने का सफर
इस दौरान उनके मन में IPS बनने का विचार आया। उन्होंने ठान लिया कि अब UPSC का एग्जाम देना है। उन्होंने खुद से वादा किया कि इस बार पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी से करेंगे और कोई कोचिंग नहीं लेंगे। पहली बार परीक्षा में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC क्रैक किया। 2018 बैच के IPS अधिकारी बनकर वे 24 साल की उम्र में देश की सेवा में शामिल हुए। 2019 में पहली पोस्टिंग- मेरठ में थाना प्रभारी
केके बिश्नोई की पहली पोस्टिंग 2019 में मेरठ के परतापुर थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद 2021 में दूसरी पोस्टिंग ASP के रूप में मुजफ्फरनगर में हुई। फिर 2024 में तीसरी पोस्टिंग SP के रूप में संभल में हुई। केके बिश्नोई द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई 1. ₹100 करोड़ से अधिक का बीमा धोखाधड़ी घोटाला (संभल)
संभल एसपी के रूप में कृष्ण कुमार बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने एक विशाल अंतर्राज्यीय बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया। इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेज, नकली मृत्यु प्रमाण पत्र और गढ़े हुए हादसों के जरिए बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये ठगे थे। इस मामले में अब तक 70 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा प्लैटिनम पदक और उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। 2. संभल हिंसा का नियंत्रण (नवंबर 2024)
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की हिंसा को उन्होंने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ से नियंत्रित किया। उन्होंने उपद्रवी भीड़ के सामने खड़े होकर युवाओं को समझाया कि वे नेताओं के बहकावे में आकर अपना भविष्य खराब न करें। इसके अलावा दंगाइयों द्वारा बरसाए गए ईंट-पत्थरों का उपयोग करके नई पुलिस चौकियों का निर्माण करवाया गया, जिससे उपद्रवियों को सख्त संदेश दिया गया। 3. भ्रष्टाचार के खिलाफ आंतरिक कार्रवाई (संभल- फरवरी 2026)
पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार मिटाने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक कदम उठाए। अवैध वसूली के आरोपों की पुष्टि होने पर पूरी SOG टीम को निलंबित किया गया। इसके अलावा कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते एक साथ 39 पुलिसकर्मियों (जिसमें दरोगा और हेड कांस्टेबल शामिल थे) को लाइन हाजिर किया गया। 4. माफियाओं पर बुलडोजर और संपत्ति जब्ती (मेरठ व गोरखपुर)
मेरठ में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कुख्यात माफिया बदन सिंह बद्दो के अवैध बंगले और बाजार पर बुलडोजर चलवाया और करोड़ों की संपत्ति कुर्क की। गोरखपुर में एसपी सिटी रहते हुए उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर लगभग ₹803 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की। 5. वित्तीय और क्रिप्टो धोखाधड़ी पर नकेल
संभल में बिटकॉइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले जावेद हबीब के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करवाया गया। इसके साथ ही पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। अब जानिए IPS अंशिका वर्मा के बारे में अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं। अंशिका ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नोएडा में की। साल 2014 से 2018 तक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कीं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे अटेम्प्ट में 136वीं रैंक हासिल की। अंशिका के पिता उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (UPPCL) से रिटायर्ड कर्मचारी हैं। मां एक गृहिणी हैं। पहली पोस्टिंग 2021 में फतेहपुर सीकरी थाना, आगरा बतौर ट्रेनी ऑफिसर हुई। दूसरी पोस्टिंग- गोरखपुर में बतौर ASP हुई। IPS अंशिका वर्मा इंस्टाग्राम पर काफी फेमस हैं। उनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं। ————————— ये खबर भी पढ़िए- शंकराचार्य बोले-दुर्भाग्य है कि धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ रहा:’जिंदा हिंदू लखनऊ चलें’- लिखे पोस्टर बांटे; गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा करेंगे ‘बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गौ-माता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है।’ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ये बातें काशी में लखनऊ रवाना होने से पहले शनिवार को कही। पूरी खबर पढ़िए