सड़क-नाली का 7% फंड अफसर-बाबू खा रहे:यूपी में कमीशन का बड़ा हिस्सा CDO का, खुफिया कैमरे में रिश्वत की रेट लिस्ट

इस खबर के पहले पार्ट में आपने देखा और पढ़ा कि यूपी के विधायक कैसे विकास कार्यों की राशि में कमीशन खा रहे हैं। विधायकों के 35% हिस्से के बाद जो राशि बचती है, उसमें अफसरों का भी कमीशन होता है। इसका खुलासा करने के लिए हम विधायकों के अनुशंसा पत्र लेकर CDO ऑफिस पहुंचे। यहां तो रिश्वतखोरी का पूरा सिस्टम बना हुआ है। छोटे से कर्मचारी से लेकर बड़े अफसर तक सभी का रेट फिक्स है। पढ़िए, सबसे बड़ा खुलासा का पार्ट-2… महराजगंज सदर से भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया का 10.50 लाख रुपए MLA फंड से जारी करने का अनुशंसा-पत्र हमारे पास था। इसे लेकर हम महराजगंज जिले के CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) ऑफिस पहुंचे। विधायक ने ही वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम से मिलने को कहा था। उनसे बातचीत हुई। अर्जुन ने हमें भ्रष्टाचार का पूरा सिस्टम समझाया – वरिष्ठ लिपिक ने रिश्वत के 8000 रुपए लिए रिपोर्टर : विधायक जी ने हमारे NGO को सोलर स्ट्रीट लाइट का काम दिया है। उन्होंने आपसे मिलकर सिस्टम समझने के लिए बोला है। अर्जुन : पैसा सीधे आपके NGO को हम नहीं दे सकते। किसी न किसी विभाग को देंगे। रिपोर्टर : आप UPNEDA को देंगे, उनके माध्यम से NGO को पैसा चला जाएगा। अर्जुन : आप वहां से करा लेंगे? रिपोर्टर : हां करा लेंगे। यहां का सिस्टम क्या है? अर्जुन : यहां 5% कमीशन होता है। आप जिस भी विभाग से लेना चाहेंगे, उसे पैसा रिलीज कर देंगे। विधायक निधि का पैसा 2 किस्त में जाएगा। एक बार 60% और दूसरी बार 40% ट्रांसफर करेंगे। रिपोर्टर : कमीशन 5% से थोड़ा कम करिए, पहले ही विधायक जी ने बढ़ाकर ले लिया। अर्जुन : यहां तो फिक्स है, सभी विधायकों का है। रिपोर्टर : 3% कर लीजिए, आपको एकमुश्त पैसा दे देंगे। अर्जुन : 3% नहीं, CDO और PD (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) को भी जाता है। रिपोर्टर : पैसा सीधे CDO साहब को जाता होगा और कोई तो होगा नहीं, बीच में। अर्जुन : CDO हैं, PD हैं, टेक्निकल टीम है। AE (असिस्टेंट इंजीनियर), JE (जूनियर इंजीनियर), अकाउंटेंट और हम हैं। इतने लोगों के बीच नाममात्र का आता है। हम डिसाइड नहीं कर सकते कि आप इतना दीजिए और इतना लीजिए। फिक्स है और फिक्स जाता है। रिपोर्टर : 10 लाख 50 हजार रुपए का कितना होगा- क्या 52 हजार 500 रुपए? अर्जुन : हां। जैसा प्रस्ताव आएगा, पैसा जिसको कहेंगे उसको करा देंगे। इस बातचीत के दौरान महराजगंज जिले के CDO ऑफिस के वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम ने रिश्वत की पहली किस्त 3000 रुपए लिए। (अगले दिन हम विधायक का दिया वर्कऑर्डर लेकर फिर वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम के पास पहुंचे।) रिपोर्टर : ऐसा नहीं हो सकता है कि केवल आपका और CDO साहब का कमीशन रहे। कोई और इन्वॉल्व ना हो। अर्जुन : जो टेक्निकल टीम है, वो जांच करने जाएगी ही जाएगी। उनको चाहिए ही चाहिए। PD साहब को इग्नोर कर ही नहीं सकते। CDO साहब को इग्नोर कर ही नहीं सकते। अकाउंटेंट के पास सारे बिल जाते हैं। उनके पास तो पूरा हिसाब रहता है। दूसरा कोई ऐसा है नहीं, जिसकी कटौती करें। रिपोर्टर : यहां तो काम करना मुश्किल है। अर्जुन : यहां DRDO (डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट ऑफिस) का बहुत पहले से यही फिक्स है। PD आते हैं। बोलते हैं कि वहां 7% है, वहां 8% है। यहां इतना ही क्यों, इसको बढ़ाओ। हम बोले कि हम लोग तो नहीं कर पाएंगे। आजमगढ़ जिले के मेंहनगर से सपा विधायक पूजा सरोज ने 35% कमीशन की डील कर 81 लाख रुपए MLA फंड से जारी करने का अनुशंसा-पत्र लिखा था। फंड रिलीज कराने के लिए CDO ऑफिस में सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से मिलने के लिए कहा था। हम NGO मैनेजर बनकर CDO ऑफिस पहुंचे। यहां सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से बातचीत हुई। लेखाकार ने हमें रिश्वतखोरी का पूरा सिस्टम समझाया- लेखाकार ने 5 हजार रुपए लेकर कहा- आपका काम हो जाएगा रिपोर्टर : क्या सिस्टम है, कितना परसेंट चल रहा है? अशोक : AE (असिस्टेंट इंजीनियर) और सभी का मिलाकर 7% कमीशन हो जाएगा। रिपोर्टर : 3 ही लेयर हैं ना। एक आप, एक इंजीनियर और एक AE साहब? अशोक : पहले AE साहब हो गए। दूसरे BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) हो गए और तीसरे CDO साहब। रिपोर्टर : क्या सिस्टम रहेगा, कितना पहले देना है और कितना बाद में? अशोक : जब पैसा रिलीज होगा तो तय परसेंट यानी 7% का 60% एडवांस देना होगा। रिपोर्टर : 7% ज्यादा हो रहा है, देख लीजिए। अशोक : लेटर लेकर आइए, तब बात करते हैं। रिश्वतखोरी के खिलाफ गंभीर नहीं महराजगंज CDO रिश्वतखोरी के सारे प्रूफ होने के बावजूद महराजगंज CDO महेंद्र कुमार सिंह इसे गंभीरता से लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा- विधायक निधि के काम को अप्रूव कराने के लिए CDO ऑफिस को 5% रिश्वत वाली बात एकदम गलत है। ये किस व्यक्ति ने बोला है, मुझे नहीं मालूम, लेकिन ये बकवास है। यहां ऐसा एकदम नहीं होता है। ————————– यह खबर भी पढ़ें- UP में विकास कराने के लिए रिश्वत ले रहे विधायक, भाजपा-सपा विधायक काे भास्कर ने ऑनकैमरा बेनकाब किया; 35% कमीशन पर अड़े रहे दैनिक भास्कर ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रिश्वत लेने वाले 2 विधायकों को ऑन कैमरा बेनकाब किया। भास्कर रिपोर्टर ने NGO मैनेजर बनकर विधायकों से फंड जारी करने की डील की। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…