सड़क सुरक्षा के लिए 181 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर:व्हाट्स एप से भेजे जाएंगे चालान और यातायात नियमों के प्रति किया जाएगा जागरुक

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आज सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशालय की कुल 181.55 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें परिवहन विभाग के लिए 146.करोड़ रुपये और यातायात निदेशालय के लिए 35 करोड़ रुपये शामिल हैं। बैठक में फरवरी 2026 में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत प्रस्तावित लार्ज स्केल सेंसिटाइजेशन इवेन्ट के लिए 3 करोड़ रुपये, माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को रोड सेफ्टी क्लबों के माध्यम से जागरूक करने एवं उनकी गतिविधियों के लिए 2.25 करोड़ रुपये, ब्लॉक, जिला, मंडल एवं राज्य स्तर पर सड़क सुरक्षा प्रतियोगिताओं एवं पुरस्कार वितरण के लिए 1.91 लाख रुपये, सड़क सुरक्षा सप्ताह, पखवाड़ा एवं माह के अंतर्गत सभी 75 जिलों में जन-जागरूकता कार्यक्रमों के लिए 2.44 करोड़ रुपये, जनपदों में सुधारात्मक कार्यों के लिए 2.25 करोड़ रुपये, सड़क सुरक्षा मित्र योजना के तहत चयनित 28 जिलों के लिए 14 लाख रुपये, परिवहन निगम की समस्त बसों में प्रचार-प्रसार के लिए एक करोड़ रुपये और व्हाट्सएप मेटा के माध्यम से ई-चालान एवं जागरूकता संदेश भेजने के लिए 50 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बाराबंकी, बुलन्दशहर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, शामली, लखनऊ, उन्नाव, अलीगढ़ एवं औरैया जनपदों में निर्माणाधीन डिटेंशन यार्ड के लिए 12 करोड़ रुपये और बलिया के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापना के लिए 2.03 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साल 2024 के सड़क दुर्घटना आंकडों के आधार पर प्रदेश में घटित कुल दुर्घटना मृत्यु का 50 प्रतिशत भाग वाले प्रदेश के 25 जिलों हरदोई, मथुरा, आगरा, लखनऊ, बुलन्दशहर, कानपुर नगर, प्रयागराज, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, बरेली, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, बदायूं, मेरठ, बिजनौर, आजमगढ़, फतेहपुर, गाजियाबाद, जौनपुर और फिरोजाबाद में इलेक्ट्रॉनिक इन्फोर्समेंट डिवाइसेज की स्थापना के लिए प्रति जिला एक करोड़ रुपये और बाकी 50 जिलों प्रति जिला 50 लाख रुपये यानी कुल 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रवर्तन को और सशक्त बनाने के लिए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (सड़क सुरक्षा) के लिए प्रथम चरण में 18 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन (एएनपीआर 360 डिग्री कैमरा, स्पीड रडार गन, ब्रेथ एनालाइजर आदि से सुसज्जित) की खरीद के लिए 5.76 करोड़ रुपये और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों के लिए 106 हाई-टेक टैबलेट के लिए 53 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यातायात निदेशालय द्वारा 25 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 आयरन बैरियर, 4,525 फोल्डिंग बैरियर, 7,200 सेफ्टी हेलमेट, 8,000 फ्लोरोसेन्ट जैकेट, 270 ब्रेथ एनालाइजर, 85 स्पीड लेजर गन, 15 चार-पहिया एवं 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद भी की जाएगी।