सपा विधायक ने ACP के सामने कंधे पर पट्टा रखा:बोले- इसी से युवक को पुलिस ने पीटा, कानपुर में चौकी के बाहर धरने पर बैठे

कानपुर में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई सोमवार दोपहर सिरकी मोहाल चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर युवक की पट्‌टे से पिटाई का आरोप लगाया है। उसे चोरी के मामले में पूछताछ के लिए चौकी लाया गया था। विधायक ने युवक का मेडिकल कराने और चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग की। विधायक ने कंधे पर पट्टा रखकर पुलिस के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह पट्‌टा चौकी से ही मिला है। पुलिस के पास पट्‌टा कहां से आया। सूचना पर ACP अमित कुमार पाण्डेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक से मारपीट के आरोपों को निराधार बताया है। 3 तस्वीरें देखिए… विधायक बोले-सूचना के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे विधायक के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे उन्हें सूचना मिली कि घुमनी बाजार पेठा वाली गली में रहने वाले अमन को चोरी के मामले में पुलिस पूछताछ के लिए ले गई है। इसके बाद वह सिरकी मोहाल चौकी पहुंचे। विधायक ने बताया कि अमन के परिजनों ने उनसे कहा कि पुलिस रविवार रात युवक को पूछताछ के लिए ले गई थी। चौकी में उसके साथ मारपीट की गई। विधायक का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी दी, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद वह चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। कंधे पर पट्टा रखकर बोले- मेडिकल कराएं विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि अगर युवक को सिर्फ पूछताछ के लिए लाया गया था तो उसकी पिटाई क्यों की गई। उन्होंने युवक का मेडिकल कराने और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस के पास पट्टा कहां से आया। इसके बाद विधायक कंधे पर पट्टा रखकर चौकी के बाहर बैठ गए। उनके साथ कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी धरने पर बैठ गए। ACP बोले- मारपीट के आरोप निराधार मौके पर पहुंचे एसीपी अमित कुमार पाण्डेय ने विधायक से बातचीत की। विधायक ने युवक की पिटाई का आरोप लगाया, लेकिन एसीपी ने आरोप को गलत बताया है। एसीपी के मुताबिक, अमन को चोरी के मामले में पूछताछ के लिए चौकी लाया गया था। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV में युवक को आते-जाते देखा गया था। इसी आधार पर वह पुलिस को संदिग्ध लगा और पूछताछ के लिए उसे चौकी लाया गया। अब आपको बताते हैं क्या था पूरा मामला घुमनी बाजार निवासी मैनेजर राजेश अग्रवाल द्वारकाधीश मंदिर में मैनेजर हैं। पत्नी संगीता अग्रवाल ने फीलखाना थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया शुक्रवार रात पूरा परिवार घर में सो रहा था। तभी घर में घुसे चोरों ने घर में रखा 3 लाख कैश व डेढ़ किलो चांदी के जेवरात पार कर दिए थे। रविवार सुबह करीब 6:30 बजे वह सोकर उठीं तो कमरे का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो अलमारी में दो दिन पहले खोई हुई चाबी लगी मिली। कमरे में रखी दूसरी अलमारी का लॉकर चेक किया तो उसके रखी एक किलो चांदी के टुकड़े, 20 चांदी के सिक्के व तीन लाख कैश गायब मिला। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो इलाके में ही रहने वाले अमन अग्रवाल की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगी। पुलिस ने रविवार रात को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई सिरकी मोहाल चौकी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिसके बाद हंगामा बढ़ता देख दोपहर करीब 2:30 बजे एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे। जहां दोनों के बीच तीखी नोंकझोक हुईं। शाम करीब 6:30 बजे तक युवक को छोड़े जाने की मांग को लेकर चौकी में बैठे रहे। 7:30 घंटे धरने के बाद छूटा अमन, ‘आज भी हम जीते हैं’ के नारे लगे सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के करीब साढ़े 7 घंटे धरने के बाद सोमवार रात अमन अग्रवाल को चौकी से छोड़ दिया गया। इस दौरान सपा और भाजपा समर्थक आमने-सामने रहे। दोनों पक्षों ने नारेबाजी और हूटिंग की। रात करीब 9:30 बजे विधायक अमन को लेकर चौकी से निकले, लेकिन करीब 20 कदम दूर भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और समर्थकों ने उन्हें रोक लिया। अमन को दोबारा चौकी लाया गया। विधायक भी वापस पहुंचे। इस दौरान भाजपा पार्षद, व्यापारी नेता विनोद गुप्ता और विधायक के बीच बहस हुई। बाद में विधायक के जाने के करीब 10 मिनट बाद सपुर्दगी लिखवाकर अमन को छोड़ दिया गया। विधायक समर्थकों ने ‘कल भी हम जीते थे, आज भी हम जीते हैं’ के नारे लगाए। दोनों पक्षों के समर्थकों में अमन को छुड़ाने का श्रेय लेने की होड़ भी दिखी। ————- ये खबर भी पढ़िए… मंत्री निषाद बोले- जेब में गड्डी लेकर निकले मौसमी नेता:मछुआरा समाज को गुमराह कर रहे; बिहार के पूर्व मंत्री पर साधा निशाना यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने सोमवार को विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी पर जमकर हमला बोला। हालांकि, निषाद ने बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी का नाम नहीं लिया। कहा- कुछ “मौसमी नेता” अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि मुंबई में व्यापार करेंगे। यहां-वहां घूमकर दूसरों की दरी बिछाएंगे या मछुआरा समाज के वोटों की दलाली करते रहेंगे। जैसा उन्होंने अपने राज्य में किया है। पूरी खबर पढ़िए…