मुरादाबाद में 3 दशक से सपा का केंद्र रही सिविल लाइंस की कोठी नंबर-4 अब सपा के पास नहीं रहेगी। DM अनुज सिंह ने मुलायम सिंह के नाम पर 31 साल से अलाट इस कोठी का आवंटन रद्द कर दिया है। 30 दिन के अंदर कोठी खाली करने का नोटिस भी जारी किया है। इसके बाद से शहर के पॉश एरिया में 1000 वर्ग मीटर में फैली इस कोठी पर सपाइयों की हलचल बढ़ गई है। सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर यादव बताते हैं- मैंने प्रशासन से मिले नोटिस की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दे दी है। मुलायम सिंह को आवंटित होने की वजह से सपाइयों का इस कोठी से भावात्मक लगाव है। अखिलेश यादव ने इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कहा है। ये कोठी प्रशासन क्यों टेकओवर कर रहा है? सपा पदाधिकारी इसको बचाने के लिए क्या कर रहे हैं? ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कोठी नंबर-4 पर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… पहले कोठी के बारे में जानिए पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के सामने VIP एरिया में है कोठी
मुरादाबाद में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC 2) के ठीक सामने सिविल लाइन की कोठी नंबर- 4 है। कोठी की बाउंड्री हरे रंग में रंगी है। जिस इलाके में ये कोठी है वो पूरा वीआईपी इलाका कहलाता है। आसपास में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज और अफसरों के आवास हैं। पदाधिकारियों से बातचीत करके समझ आया कि ये कोठी नजूल की जमीन पर बनी है। जिसका मालिकाना हक राज्य सरकार का है। राजस्व अभिलेखों में यह कोठी सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है। इस कोठी की देखरेख का जिम्मा मुरादाबाद नगर निगम के पास है। ये कोठी 953.71 वर्ग मीटर में फैली है। हमने देखा कि कोठी के बाहर ही सपा के जिला कार्यालय का बोर्ड लगा है। मुलायम सिंह के नाम पर आवंटित हुई इस कोठी में 4 कमरे हैं। एक बड़ा लॉन, पार्किंग और ओपन स्पेस है। 13 जुलाई, 1994 को मुलायम सिंह के नाम आवंटित हुई थी कोठी
सपा के पदाधिकारियों ने बताया कि कोठी आवंटन की कहानी 1994 से जुड़ी है। उन दिनों मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे। रमाशंकर कौशिक नगर विकास मंत्री थे। उस समय शासन के निर्देश पर इस कोठी का आवंटन 250 रुपए महीने के किराए पर मुलायम सिंह के नाम पर किया गया था। मुलायम सिंह उस वक्त सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। कोठी का आवंटन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुलायम सिंह यादव के नाम पर किया गया। कोठी आवंटित होने के 15 दिन के अंदर ही 26 जुलाई 1994 को मुलायम सिंह यादव यहां पहुंचे थे। उन्होंने इस कोठी में सपा के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया था। उस समय भगवानदास शर्मा मुरादाबाद के सपा जिलाध्यक्ष और कन्हैया लाल उस्ताद नगर अध्यक्ष हुआ करते थे। कोठी में आज भी इसके उद्घाटन पत्थर पर मुलायम सिंह यादव, रमाशंकर कौशिक और स्थानीय पदाधिकारियों के नाम गुदे हैं। तब से अभी तक यह कोठी सपा के पास है। सपा की ओर से इसका किराया नगर निगम में जमा कराया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वक्त से किराया जमा नहीं करने की बात प्रशासन ने कही है। किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं कराया गया आवंटन
मुरादाबाद प्रशासन की ओर से सपा को जारी नोटिस में कहा गया है कि इस कोठी का आवंटन मुलायम सिंह यादव के नाम पर हुआ था। उनकी डेथ हो चुकी है। इसके बाद सपा की ओर से कोठी का आवंटन किसी और के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया है। कोठी का किराया भी जमा नहीं किया गया है। इसलिए आवंटन को निरस्त कर दिया गया है। अफसरों के आवास के लिए कोठी की जरूरत
जिला प्रशासन की ओर से कोठी खाली करने की बाबत सपा को भेजे गए नोटिस में कहा गया है- सरकारी योजनाओं के लिए विभाग को शासकीय भूमियों की जरूरत है। अधिकारियों के आवास के लिए भी भूमि चाहिए। ऐसी परिस्थतियों में इस भवन की आवश्यकता होने के कारण इस भवन को खाली कराया जाना जरूरी हो गया है। ताकि इसका उपयोग शासकीय हित में किया जा सके। एडीएम फाइनेंस की ओर से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजकर 30 दिन के अंदर कोठी को खाली करके कब्जा जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। जिलाध्यक्ष बोले- कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने कहा- प्रशासन की ओर से कोठी खाली करने का नोटिस शुक्रवार शाम को मिला है। इसे लेकर वकीलों से विचार विमर्श करके कानूनी कदम उठाएंगे। DM ने कहा-अधिकतम 15 वर्ष किराए पर देने का नियम
मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह का कहना है कि नगर निगम की कोठी को अधिकतम 15 वर्ष के लिए ही किराए पर देने का नियम है। यह कोठी 3 दशक से भी अधिक वक्त से सपा के पास है। वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के लिए भी भवनों की जरूरत है। इसलिए वर्तमान की आवश्यकताओं को देखते हुए ही सपा को इस भवन को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
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मुरादाबाद में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC 2) के ठीक सामने सिविल लाइन की कोठी नंबर- 4 है। कोठी की बाउंड्री हरे रंग में रंगी है। जिस इलाके में ये कोठी है वो पूरा वीआईपी इलाका कहलाता है। आसपास में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज और अफसरों के आवास हैं। पदाधिकारियों से बातचीत करके समझ आया कि ये कोठी नजूल की जमीन पर बनी है। जिसका मालिकाना हक राज्य सरकार का है। राजस्व अभिलेखों में यह कोठी सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है। इस कोठी की देखरेख का जिम्मा मुरादाबाद नगर निगम के पास है। ये कोठी 953.71 वर्ग मीटर में फैली है। हमने देखा कि कोठी के बाहर ही सपा के जिला कार्यालय का बोर्ड लगा है। मुलायम सिंह के नाम पर आवंटित हुई इस कोठी में 4 कमरे हैं। एक बड़ा लॉन, पार्किंग और ओपन स्पेस है। 13 जुलाई, 1994 को मुलायम सिंह के नाम आवंटित हुई थी कोठी
सपा के पदाधिकारियों ने बताया कि कोठी आवंटन की कहानी 1994 से जुड़ी है। उन दिनों मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे। रमाशंकर कौशिक नगर विकास मंत्री थे। उस समय शासन के निर्देश पर इस कोठी का आवंटन 250 रुपए महीने के किराए पर मुलायम सिंह के नाम पर किया गया था। मुलायम सिंह उस वक्त सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। कोठी का आवंटन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मुलायम सिंह यादव के नाम पर किया गया। कोठी आवंटित होने के 15 दिन के अंदर ही 26 जुलाई 1994 को मुलायम सिंह यादव यहां पहुंचे थे। उन्होंने इस कोठी में सपा के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया था। उस समय भगवानदास शर्मा मुरादाबाद के सपा जिलाध्यक्ष और कन्हैया लाल उस्ताद नगर अध्यक्ष हुआ करते थे। कोठी में आज भी इसके उद्घाटन पत्थर पर मुलायम सिंह यादव, रमाशंकर कौशिक और स्थानीय पदाधिकारियों के नाम गुदे हैं। तब से अभी तक यह कोठी सपा के पास है। सपा की ओर से इसका किराया नगर निगम में जमा कराया जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वक्त से किराया जमा नहीं करने की बात प्रशासन ने कही है। किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं कराया गया आवंटन
मुरादाबाद प्रशासन की ओर से सपा को जारी नोटिस में कहा गया है कि इस कोठी का आवंटन मुलायम सिंह यादव के नाम पर हुआ था। उनकी डेथ हो चुकी है। इसके बाद सपा की ओर से कोठी का आवंटन किसी और के नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया गया है। कोठी का किराया भी जमा नहीं किया गया है। इसलिए आवंटन को निरस्त कर दिया गया है। अफसरों के आवास के लिए कोठी की जरूरत
जिला प्रशासन की ओर से कोठी खाली करने की बाबत सपा को भेजे गए नोटिस में कहा गया है- सरकारी योजनाओं के लिए विभाग को शासकीय भूमियों की जरूरत है। अधिकारियों के आवास के लिए भी भूमि चाहिए। ऐसी परिस्थतियों में इस भवन की आवश्यकता होने के कारण इस भवन को खाली कराया जाना जरूरी हो गया है। ताकि इसका उपयोग शासकीय हित में किया जा सके। एडीएम फाइनेंस की ओर से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को नोटिस भेजकर 30 दिन के अंदर कोठी को खाली करके कब्जा जिला प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। जिलाध्यक्ष बोले- कानूनी लड़ाई लड़ेंगे
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