मुंबई के कपड़ा कारोबारी का आगरा में किडनैप हुआ। किडनैपर कार में उसे 60Km दूर हाथरस ले गए। 1.20 लाख रुपए लेकर छोड़ा। पुलिस तक ये मामला पहुंचने के सिर्फ 7 घंटे के अंदर चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए। कारोबारी की किडनैपिंग नहीं हुई थी। वो आगरा के ‘गे ग्रुप बॉटम’ से जुड़ा हुआ था। वो अपनी मर्जी से अपने पार्टनर के साथ हाथरस गए थे। चलती कार में उन्होंने संबंध बनाए, मगर दिक्कत तब हुई, जब कारोबारी ने लड़के के साथ अपने ही वीडियो शूट किए। हाथरस पहुंचने के बाद जब उनके पार्टनर के 4 और दोस्त आए, तब उन लोगों ने उनका मोबाइल छीन लिया। उसमें उनके कारोबार के लाखों के ट्रांजैक्शन दिखे। अब उन लोगों ने धमकाया कि 1.20 लाख रुपए दो, तभी यहां से जा सकोगे। कारोबारी रुपए देने के बाद गुस्से में थे, सबक सिखाने के लिए वो पुलिस के पास पहुंच गए, मगर डिजिटल सबूतों में खुद ही फंसते चले गए। पहले तो CCTV फुटेज में जबरन किडनैपिंग होता नहीं दिखा। दूसरा, जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर कराए गए, वो रामेश्वर का था, अरेस्टिंग के बाद उसने गे ग्रुप के जरिए मुलाकात के फैक्स सामने रख दिए। पढ़िए पूरा मामला… मुंबई का कारोबारी आगरा आया, फिर किडनैपिंग की कहानी मुंबई के रहने वाले पंकज अग्रवाल (65) ने बताया- मैं 5 साल से आगरा के कपड़ा कारोबारियों के साथ व्यापार कर रहा हूं। फेब्रीकेट्स की मेरी फर्म है। मैं 6 जनवरी को आगरा आया था। दरेसी इलाके के एक होटल में ठहरा था। 7 जनवरी को मेरे परिचित दिल्ली के कारोबारी विकास अग्रवाल ने फोन किया और मुझे मिलने के लिए रामबाग पर बुलाया। मैं ऑटो से रामबाग पहुंच गया। ऑटो से उतरकर एक दुकान के बाहर खड़े होकर मैं विकास का इंतजार करने लगा। इसी दौरान नीले रंग की कार में 2 लोग आए। उन्होंने मेरे करीब आकर कार रोक दी और जबरन मुझे कार में बैठा लिया। किसी ने मेरे मुंह पर कपड़ा रखा और फिर मुझे होश नहीं रहा। जब मुझे होश आया तो मैं एक खेत पर था। मेरे हाथ-पैर बंधे हुए थे। पास में 7-8 लोग खड़े थे। वो आपस में बात कर रहे थे, जिन्हें सुनकर मुझ समझ आया कि मैं हाथरस जिले के सदाबाद में हूं। उन लोगों ने मुझे बंधक बना लिया था। मैंने उनसे पूछा- मुझे क्यों पकड़ा है, मैं तो आगरा का रहने वाला भी नहीं हूं। इसके बाद 2 लोग मेरे नजदीक आए और मुझे लात-घूंसे से करीब 10 मिनट तक पीटते रहे। पीटा, दामाद की मदद से 1.20 लाख देकर छूटा खेत पर 3 और लोग, जो सिर्फ ये सारा तमाशा देख रहे थे। उन्होंने मुझे पीट रहे लोगों को रोका, फिर मुझे एक स्टूल पर बैठाया गया, एक आदमी ने मुझे समझाते हुए कहा कि ज्यादा कुछ नहीं, सिर्फ 1.20 लाख रुपए दो, तो तुम्हें छोड़ देंगे। अगर रुपए नहीं मिले, तो यही खेत पर गाड़ देंगे। कारोबारी कहते हैं- मैंने उन्हें बताया कि इस वक्त मेरे पास रुपए तो नहीं हैं। इसके बाद उन लोगों ने मुझे दोबारा पीटना शुरू किया। जब मुझे लगा कि मेरी जान निकल जाएगी, तब मैंने उन्हें रुकने का इशारा किया। इसके बाद मैंने अपने दामाद को कॉल किया कि मुझे 1.20 लाख रुपए की जरूरत है, जल्दी भिजवा दो। मगर उस वक्त मेरे दामाद के पास भी रुपए नहीं थे। फिर मेरे दामाद ने अपने एक परिचित से बदमाशों के बताए हुए अकाउंट में 1 लाख रुपए भेजे। इसके बाद भी बदमाश नहीं माने। मैंने फिर से दामाद को कॉल किया, तब उसने 20 हजार रुपए और भेजे। रुपए लेने के बाद आरोपियों मुझे लेकर कार तक आए और पीछे की सीट पर बैठा दिया। फिर पक्की सड़क तक लेकर आए और मुझे वहीं हाथरस में ही उतार दिया। कहा कि अब तुम सीधे जाओ, पीछे मुड़कर मत देखना। कुछ देर बाद रास्ते पर आता हुआ एक व्यक्ति दिखा, उसने मेरी हालत पर तरस खाकर 50 रुपए दिए। इसके बाद मैं दरेसी बस स्टैंड पहुंचा। थाने पर इकट्ठा हुए व्यापारी, FIR लिखी, 3 टीमें जांच में लगीं
यहां आने के बाद मैंने आगरा के व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल से मदद मांगी। बताया कि रामबाग चौराहे से कार सवारों ने अपहरण करके 1.20 लाख रुपए फिरौती वसूल कर हाथरस में छोड़ दिया। मंटोला थाने में पुलिस को अपहरण की जानकारी दी तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इस पर व्यापारी नेता सुभाष अग्रवाल को एत्माद्दौला थाने लेकर पहुंचे। इस बीच आगरा के और व्यापारी भी थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने की गुजारिश की। वहां पर अपहरण और फिरौती की तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 3 टीमों ने जांच शुरू की। जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर हुए, उससे हाथरस के रामेश्वर तक पुलिस पहुंची
DCP सिटी सैय्यद अली अब्बास कहते हैं- शुरुआत में लगा कि रियल बदमाशों ने ये काम किया है। व्यापारी ने जहां से अपहरण की बात बताई, वो भीड़भाड़ वाली जगह है। हमने CCTV देखने शुरू किए। DCP ने बताया- ADCP आदित्य कुमार कारोबारी को रामबाग चौराहे पर ले गए। उनके साथ घटना का सीन रीक्रेट किया। व्यापारी ने बताया कि चौराहे पर श्रीराम पूड़ी वाले के पास वो खड़े थे। वहां से उन्हें अगवा किया गया। पुलिस ने रात को ही दुकान खुलवाकर CCTV चेक किए। मगर, कोई किडनैप करते नहीं दिखा। तब कारोबारी ने बताया कि कार वालों ने इशारा करके दूसरी तरफ बुलाया था। वो गए तो उन्हें किडनैप कर लिया। डाउट होने के बाद जिस अकाउंट में व्यापारी से फिरौती की रकम ली गई, उसकी जानकारी जुटाई। बैंक अकाउंट हाथरस के रहने वाले रामेश्वर का था। पुलिस की एक टीम रात को ही हाथरस के लिए रवाना हो गई। रात में रामेश्वर और उसके 4 अन्य साथियों को उठा लिया गया। उनसे पूछताछ की गई तो पूरे मामले का यूटर्न हो गया। मुंबई के कारोबारी ने गे ग्रुप के दोस्त को बुलाया
DCP सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- किडनैपिंग का पूरा मामला अब समलैंगिक (गे) रिलेशन तक आ गया। दरअसल, कपड़ा कारोबारी पंकज अग्रवाल समलैंगिक हैं। वो अक्सर आगरा आते रहते थे, पहले से आगरा के एक ‘गे ग्रुप’ बॉटम से जुड़े थे। रामेश्वर से उसकी मुलाकात फेसबुक के एक ‘गे ग्रुप’ के जरिए हुई। दोनों की चैटिंग होने लगी थी। एक-दूसरे के फोन नंबर भी एक्सचेंज हुए। 6 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंकज अग्रवाल और रामेश्वर के बीच में फोन पर 10 बार बात हुई। हर कॉल 15 से 20 मिनट तक चली। रामेश्वर से पूछताछ के बाद सामने आया कि दोपहर 2 बजे सुभाष अग्रवाल रामेश्वर के साथ अपनी मर्जी से कार में बैठकर गया। पंकज अग्रवाल ने ही रामेश्वर से मिलने के लिए संपर्क किया था। कार में उसके साथ दो अन्य लड़के भी थे। कार में बैठते ही पंकज ने हरकत शुरू कर दी। उसने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। इस पर युवक ने मना किया। पंकज नहीं माना। इसको लेकर दोनों के बीच में झगड़ा हो गया। युवक कपड़ा व्यापारी को लेकर हाथरस आ गए। यहां पर उन्होंने अपने दूसरे दोस्तों को भी बुला लिया। लड़कों ने कारोबारी के मोबाइल का डेटा डिलीट किया
युवकों को पता चला कि कारोबारी संपन्न है। ऐसे में उन्होंने उससे रकम वसूलने की सोची। उससे दो लाख रुपए मांगे। व्यापारी ने अपने रिश्तेदार से रुपए मंगाकर ऑनलाइन रामेश्वर के खाते में 1.20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी का मोबाइल लेकर उसे छोड़ दिया। पुलिस ने रामेश्वर के अलावा, पारस, अभिषेक चौधरी और पिंटू को भी पकड़ा है। कारोबारी और पकडे़ गए युवकों के मोबाइल जब्त किए। मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया गया है। पुलिस डेटा रिकवर करवा रही है। माना जा रहा है कि डेटा से और जानकारी मिलेगी। —————————— ये भी पढ़ें – 7 बच्चों की मां की हत्याकर प्रेमी ने दफनाया, कानपुर में कब्र खोदकर शव निकाला, सिर्फ कंकाल मिला; 10 महीने राज छिपाए रहा कानपुर में 7 बच्चों की मां को उसके प्रेमी ने मारकर जमीन में दफना दिया। 10 महीने तक राज छिपाकर रखा। इसका खुलासा तब हुआ, जब महिला अपने बेटे के बुलाने पर शादी में घर नहीं पहुंची। बेटा प्रेमी के घर पहुंचा, तो मां नहीं मिली। प्रेमी से पूछा तो उसने कहा- तुम्हारी मां अब कभी नहीं आएगी। इसके बाद बेटे ने शक के आधार पर प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। (पढ़ें पूरी खबर)
यहां आने के बाद मैंने आगरा के व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल से मदद मांगी। बताया कि रामबाग चौराहे से कार सवारों ने अपहरण करके 1.20 लाख रुपए फिरौती वसूल कर हाथरस में छोड़ दिया। मंटोला थाने में पुलिस को अपहरण की जानकारी दी तो पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इस पर व्यापारी नेता सुभाष अग्रवाल को एत्माद्दौला थाने लेकर पहुंचे। इस बीच आगरा के और व्यापारी भी थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़ने की गुजारिश की। वहां पर अपहरण और फिरौती की तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 3 टीमों ने जांच शुरू की। जिस अकाउंट में रुपए ट्रांसफर हुए, उससे हाथरस के रामेश्वर तक पुलिस पहुंची
DCP सिटी सैय्यद अली अब्बास कहते हैं- शुरुआत में लगा कि रियल बदमाशों ने ये काम किया है। व्यापारी ने जहां से अपहरण की बात बताई, वो भीड़भाड़ वाली जगह है। हमने CCTV देखने शुरू किए। DCP ने बताया- ADCP आदित्य कुमार कारोबारी को रामबाग चौराहे पर ले गए। उनके साथ घटना का सीन रीक्रेट किया। व्यापारी ने बताया कि चौराहे पर श्रीराम पूड़ी वाले के पास वो खड़े थे। वहां से उन्हें अगवा किया गया। पुलिस ने रात को ही दुकान खुलवाकर CCTV चेक किए। मगर, कोई किडनैप करते नहीं दिखा। तब कारोबारी ने बताया कि कार वालों ने इशारा करके दूसरी तरफ बुलाया था। वो गए तो उन्हें किडनैप कर लिया। डाउट होने के बाद जिस अकाउंट में व्यापारी से फिरौती की रकम ली गई, उसकी जानकारी जुटाई। बैंक अकाउंट हाथरस के रहने वाले रामेश्वर का था। पुलिस की एक टीम रात को ही हाथरस के लिए रवाना हो गई। रात में रामेश्वर और उसके 4 अन्य साथियों को उठा लिया गया। उनसे पूछताछ की गई तो पूरे मामले का यूटर्न हो गया। मुंबई के कारोबारी ने गे ग्रुप के दोस्त को बुलाया
DCP सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- किडनैपिंग का पूरा मामला अब समलैंगिक (गे) रिलेशन तक आ गया। दरअसल, कपड़ा कारोबारी पंकज अग्रवाल समलैंगिक हैं। वो अक्सर आगरा आते रहते थे, पहले से आगरा के एक ‘गे ग्रुप’ बॉटम से जुड़े थे। रामेश्वर से उसकी मुलाकात फेसबुक के एक ‘गे ग्रुप’ के जरिए हुई। दोनों की चैटिंग होने लगी थी। एक-दूसरे के फोन नंबर भी एक्सचेंज हुए। 6 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंकज अग्रवाल और रामेश्वर के बीच में फोन पर 10 बार बात हुई। हर कॉल 15 से 20 मिनट तक चली। रामेश्वर से पूछताछ के बाद सामने आया कि दोपहर 2 बजे सुभाष अग्रवाल रामेश्वर के साथ अपनी मर्जी से कार में बैठकर गया। पंकज अग्रवाल ने ही रामेश्वर से मिलने के लिए संपर्क किया था। कार में उसके साथ दो अन्य लड़के भी थे। कार में बैठते ही पंकज ने हरकत शुरू कर दी। उसने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया। इस पर युवक ने मना किया। पंकज नहीं माना। इसको लेकर दोनों के बीच में झगड़ा हो गया। युवक कपड़ा व्यापारी को लेकर हाथरस आ गए। यहां पर उन्होंने अपने दूसरे दोस्तों को भी बुला लिया। लड़कों ने कारोबारी के मोबाइल का डेटा डिलीट किया
युवकों को पता चला कि कारोबारी संपन्न है। ऐसे में उन्होंने उससे रकम वसूलने की सोची। उससे दो लाख रुपए मांगे। व्यापारी ने अपने रिश्तेदार से रुपए मंगाकर ऑनलाइन रामेश्वर के खाते में 1.20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद आरोपियों ने व्यापारी का मोबाइल लेकर उसे छोड़ दिया। पुलिस ने रामेश्वर के अलावा, पारस, अभिषेक चौधरी और पिंटू को भी पकड़ा है। कारोबारी और पकडे़ गए युवकों के मोबाइल जब्त किए। मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया गया है। पुलिस डेटा रिकवर करवा रही है। माना जा रहा है कि डेटा से और जानकारी मिलेगी। —————————— ये भी पढ़ें – 7 बच्चों की मां की हत्याकर प्रेमी ने दफनाया, कानपुर में कब्र खोदकर शव निकाला, सिर्फ कंकाल मिला; 10 महीने राज छिपाए रहा कानपुर में 7 बच्चों की मां को उसके प्रेमी ने मारकर जमीन में दफना दिया। 10 महीने तक राज छिपाकर रखा। इसका खुलासा तब हुआ, जब महिला अपने बेटे के बुलाने पर शादी में घर नहीं पहुंची। बेटा प्रेमी के घर पहुंचा, तो मां नहीं मिली। प्रेमी से पूछा तो उसने कहा- तुम्हारी मां अब कभी नहीं आएगी। इसके बाद बेटे ने शक के आधार पर प्रेमी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। (पढ़ें पूरी खबर)