सस्पेंशन के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे अलंकार अग्निहोत्री:कहा- केंद्र सरकार में केवल दो लोगों की चलती, दिल्ली से बड़ा आंदोलन शुरू होगा

माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन में हुए विवाद का मामला थम नहीं रहा है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में इस्तीफा देकर पूरे देश में चर्चा में आए बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री प्रयागराज पहुंचे हैं। प्रयागराज में अलंकार अग्निहोत्री अपने निलंबन की कार्रवाई को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में वह प्रयागराज में अपने विधि सलाहकारों से मिलें। उनका कहना है कि वह निलंबन को चैलेंज करेंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंनें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति अपना नर्म रुख दिखाया, लेकिन केंद्र सरकार पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। अलंकार अग्निहोत्री नें कहा कि केंद्र सरकार एक कम्पनी की तरह चल रही हैं। इसमें सिर्फ दो लोगों की ही चलती हैं, एक मोदी की दूसरे अमित शाह की। उन्होंने कहा- SC/ST एक्ट में संशोधन कराना ही उनकी मुख्य लड़ाई है। इसके लिए दिल्ली से बड़ा आंदोलन शुरू होगा। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- देश इस समय बहुत अस्थिरता की स्थिति में गुजर रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार का जो गणतंत्र का कॉन्सेप्ट होता है, जो सिद्धांत होता है, जो रिपब्लिक, वह बिल्कुल इस समय छिन्न-भिन्न हो चुका है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के संबंध अच्छे नहीं
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के संबंध अच्छे नहीं हैं। चाहे किसी भी प्रदेश में देखें, कहीं न कहीं इतना हस्तक्षेप है। जो केंद्र सरकार के पास तंत्र है, उसे मैं आजकल ‘वेस्ट इंडिया कंपनी’ बोलता हूं-काले अंग्रेजों की कंपनी, जो दो लोगों द्वारा चलाई जा रही है: माननीय मोदी जी और अमित शाह जी, CEO और MD की हैसियत से। 6 राज्यों में 1200-1400 प्रदर्शन
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा- इस सरकार के पास तीन केंद्रीय तंत्र हैं, जिनसे ये एमपी, एमएलए और राज्यों के सीएम को कंट्रोल करते हैं। ED (प्रवर्तन निदेशालय), CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो), और Income Tax विभाग जैसा कि आपने देखा, UGC Regulation 2026, जो 13 जनवरी 2026 को बजट में प्रकाशित हुआ, इससे पूरे देश में उबाल आ गया। हम लोग प्रशासनिक हैं और किसान यूनियन, ओबीसी समाज, क्षत्रिय करणी सेना, ब्राह्मण समाज, सवर्ण सेना आदि से जुड़े हैं। जब हमने इन्हें बताया कि ये सिविल वॉर सिचुएशन क्रिएट कर देगी, तो बरेली में पैराडॉक्स प्रदर्शन हुआ। उसके बाद देशभर में धरने बढ़े। लेकिन गोदी मीडिया (मेनस्ट्रीम मीडिया) ने इग्नोर किया। इसलिए हमने रिजाइन किया-तब मीडिया को मजबूरी में कवर करना पड़ा। इससे अवेयरनेस फैली, हिंदी बेल्ट के 6 राज्यों में 1200-1400 प्रदर्शन हुए। कलराज मिश्र (BJP) ने 28 तारीख को इसे असंवैधानिक कहा, लेकिन केंद्र के निकम्मे नेता शर्म न करने वाले, ED की धमकी से डरे रहते हैं। ये सजातीय ब्राह्मण नहीं, पैसा बचाने वाले हैं, धर्म परिवर्तन कर लेते हैं। अब जानिए अलंकार अग्निहोत्री के बारे में… अलंकार अग्निहोत्री कानपुर के रहने वाले हैं। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था। मां बैंक में थीं। 1998 में यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में अलंकार को 21वां स्थान मिला। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से बीटेक किया और नौकरी करने लगे। 2014 में जब अलंकार के सभी छोटे भाई सेटल हो गए। बहन की शादी हो गई, तो उन्होंने नौकरी छोड़कर UPPCS की तैयारी की और 2019 में एग्जाम क्वालिफाई किया। ——————– ये खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य के अपमान से नाराज बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा:लिखा- UGC कानून से भी दुखी; 4 अफसरों ने एक घंटे मनाया, लेकिन नहीं माने यूपी में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की वजह UGC का नया कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई बताई है। पढ़ें पूरी खबर…