सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका तो धक्का-मुक्की:फोर्स को ढकेलते हुए डिवाइडर कूदे, कार छोड़कर बाइक पर बैठे; मेरठ जा रहे थे

मेरठ में दलित महिला की हत्या कर उसकी बेटी को अगवा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने गाजियाबाद के डासना बॉर्डर पर रोक लिया। डिवाइडर फांदकर हाईवे की ओर बढ़े तो भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने उन्हें रोका। इस दौरान चंद्रशेखर की पुलिस से बहस हुई। उनके बीच कई मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही। गुस्सा में चंद्रशेखर ने कहा- हाथ मत लगाना, हाथ हटाइए। इसके बाद नगीना सांसद पुलिस फोर्स को ढकेलते हुए निकले और हाईवे पर दौड़े लगे। फिर हाईवे पर दूसरे साइड जाकर बाइक पर ट्रिपलिंग की और 25 किलोमीटर दूर भोजपुर पहुंचे। यहां भी पुलिस ने रोका। इससे पहले परिवार से मिलने जा रहे सांसद रामजीलाल सुमन और सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने प्रतापपुर टोल पर रोक दिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ता भड़क गए। उनकी पुलिस से झड़प हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि SP ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्रा और परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला से अतुल प्रधान के बीच धक्का-मुक्की हो रही है। अतुल प्रधान अफसरों पर भड़कते नजर आ रहे हैं। अफसर उन्हें रोकने में लगे हैं। काफी देर तक हंगामा चला। इसके बाद सपाइयों को लौटना पड़ा। पुलिस ने मेरठ की सभी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है। चेकिंग के बाद ही आगे जाने दे रही है। इसके चलते दौराला टोल प्लाजा पर 3 किमी लंबा जाम लग गया है। इधर, भाजपा नेता संगीत सोम और हरेंद्र मलिक ने कपसाड़ गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। फिलहाल, आरोपी और लड़की का अब तक पता नहीं चल पाया है। गांव में हालात को देखते हुए 10 थानों की पुलिस के साथ RAF और PAC भी तैनात हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लगातार समझाने के बाद परिजनों ने कल 30 घंटे बाद लड़की की मां का अंतिम संस्कार किया था। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात कर तीन लाख रुपए की मदद का ऐलान किया, जबकि अतुल प्रधान ने मौके पर दो लाख रुपए का चेक सौंपा। परिजन आरोपी कंपाउंडर की गिरफ्तारी और लड़की की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं। लड़की के पिता ने कहा- बेटी की शादी तय हो चुकी थी। दरिंदों ने सब बर्बाद कर दिया। वहीं, भाई ने बहन की जान को खतरा बताया है। तस्वीरें देखिए… मेरठ में कैसे हालात हैं? दलित परिवार के गांव में कितनी फोर्स तैनात है। पल-पल के अपडेट नीचे पढ़ सकते हैं..