प्रयागराज में संगम की रेती पर चल रहे माघ मेले का आज 10वां दिन है। माघ मेले में 11 दिन की जल साधना माता साध्वी ऋतुनंद गिरी कर रही हैं। सेंट वाले बाबा भी खूब चर्चा में हैं। मेले में गाना गाते हैं.. फैशन चाहे जितना कर लो, चाहे मार लो सेंट, इस जगत में कोई न परमानेंट। वहीं इटली से आईं 22 साल की लुक्रेशिया दिन-भर भजन-कीर्तन करती हैं। भारतीय संस्कृति में रमी लुक्रेशिया का कहना है कि महाकुंभ ने उनकी जिंदगी ही बदल दी है।लुक्रेशिया अब भारतीय परिधान में ‘जय सियाराम’, ‘जय सीताराम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ मंत्रोच्चार सीख रही हैं। उन्होंने हवन पूजन भी किया। महाकुंभ के दौरान पहली बार अरैल घाट पर शुरू हुई पैराग्लाइडिंग इस बार माघ मेले में भी शुरू हो चुकी है, जो 200 फीट ऊंचाई तक जाती है। इस बार मेले में 5 करोड़ 51 लाख रुद्राक्ष से विशाल शिवलिंग बनाया जा रहा है। जबकि रविवार शाम को लेजर शो का ट्रायल किया गया। 14 जनवरी से मेले में लेजर शो शुरू हो जाएगा। देशभर से श्रद्धालु लगातार संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रोजाना 10 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद साधु-संत, अखाड़े और कल्पवासी संगम की रेती पर डेरा जमाए हुए हैं और तपस्या कर रहे हैं। माघ मेले से जुड़ी तस्वीरें देखिए… माघ मेले में क्या-क्या हो रहा, कौन पहुंच रहा, जानने के लिए नीचे ब्लॉग देखिए…