सेना के लड़ाकू हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का VIDEO:सहारनपुर में पायलट ने खाली मैदान में उतारा, पुलिस और सेना के अफसर पहुंचे

सहारनपुर में सेना के लड़ाकू अपाचे हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। पायलट ने चिलकाना के यमुना किनारे बसे गांव जोधेबांस में लैंडिंग कराई है। इस दौरान वहां से गुजर रहे लोग रुक गए। सेना के जवानों ने सुरक्षा की वजह से उनको दूर किया। शुक्रवार को सेना का हेलिकॉप्टर रूटीन अभ्यास के लिए उड़ान पर था। तभी यमुना किनारे जोधेबांस गांव के पास तकनीकी खराबी आने के कारण पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलिकॉप्टर की आपातकालीन (इमरजेंसी) लैंडिंग कराई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। SP देहात सागर जैन ने बताया-सरसावा एयरफोर्स से उड़ा अपाचे हेलिकॉप्टर तकनीकी खराबी के चलते आपात लैंडिंग के लिए मजबूर हुआ। हेलिकॉप्टर में कोई विस्फोट या अन्य दुर्घटना नहीं हुई है। यह एक नियंत्रित व सुरक्षित लैंडिंग रही। सेना की तकनीकी टीम जांच करने पहुंची
सेना की तकनीकी टीम हेलिकॉप्टर की गहन जांच में जुट गई है। ताकि खराबी के कारणों का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों की भीड़ भी लैंडिंग स्थल के आसपास जुट गई, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से दूर हटाया। 4 फोटो देखिए… ये हैं अपाचे लड़ाकू हेलिकॉप्टर की खासियतें
करीब 16 फीट ऊंचे और 18 फीट चौड़े अपाचे हेलिकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलटों का होना जरूरी है। भारतीय वायुसेना में अपाचे पहला ऐसा हेलिकॉप्‍टर है जो मुख्य रूप से हमला करने का काम करेगा। यह दुश्‍मन की किलेबंदी को भेदकर उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है। 300 किमी प्रति घंटा उड़ने वाले एजीएम-114 हेलिफायर मिसाइल से लैस हेलिकॉप्टर दिन रात किसी भी मौसम में ऑपरेशन कर सकते हैं। ऊंचे पहाड़ों में बने आतंकी कैंपों और दुश्मन सेना के ठिकानों पर ये हमला करने में सक्षम हैं। अपाचे एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है। अपाचे हेलिकॉप्टर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल हो सकता है। हेलिकॉप्टर में लगे राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं। इसमें 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता है। खबर अपडेट हो रही है…