इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के संभल की जामा मस्जिद के सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की उस सिविल रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सर्वे पर रोक की मांग की गई थी। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की बेंच ने सोमवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा- अब तक इस मामले में जो भी कार्रवाई हुई, वह सही है। हम कोर्ट कमिश्नर सर्वे में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल केस सुनने योग्य हैं। कोर्ट कमीशन सर्वे और दाखिल वाद पहले की तरह जारी रहेगा। यानी, जामा मस्जिद है या मंदिर इसका मुकदमा भी संभल की लोअर कोर्ट (दीवानी अदालत) में चलता रहेगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोमवार की शाम संभल शहर में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा- अदालत के फैसले को ध्यान में रखते हुए संभल पुलिस द्वारा पैदल गश्त की जा रही है। साइबर स्पेस पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा- मेरी सभी से अपील है कि कोई भी ऐसी टिप्पणी न करें, जिससे अदालत की गरिमा पर सवाल उठे और साथ ही किसी दूसरे समुदाय पर कोई टिप्पणी न करें। कोई अभद्र टिप्पणी न की जाए। सड़क पर कोई लड़ाई नहीं लड़ी जाएगी, अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, हिंदू पक्ष की याचिका पर संभल कोर्ट ने 19 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के एडवोकेट कमिश्नर सर्वे का आदेश दिया। उसी शाम टीम सर्वे के लिए पहुंच गई थी। रात होने के कारण सर्वे पूरा नहीं हो पाया था। 5 दिन बाद यानी 24 नवंबर को दोबारा सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर और ASI टीम पहुंची थी। इस दौरान हिंसा भड़क गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। अब तक क्या-क्या हुआ समझिए…
हिंसा के बाद मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए सर्वे पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को आदेश दिया कि इस मामले की सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने तब तक संभल कोर्ट को इस मामले में आगे कार्रवाई करने से रोक दिया था। 8 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए मस्जिद के सर्वे पर रोक लगा दी थी। साथ ही इंतजामिया कमेटी समेत सभी पक्ष से जवाब मांगा था। इसके बाद सुनवाई शुरू हुई। 13 मई को बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला रिजर्व रख लिया था। हाईकोर्ट ने अब सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही, कहा कि मुकदमा चलता रहेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने संभल कोर्ट के सर्वे के फैसले को सही माना है। साथ ही, आगे वहीं पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब आगे क्या होगा? हिंदू पक्ष का दावा- संभल मस्जिद नहीं, हरिहर मंदिर
संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। यह याचिका संभल में स्थित कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरि महाराज ने लगाई। उसी दिन यानी 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था। इसी दौरान भारी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस की टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- अब मंदिर-मस्जिद के लिए लड़ाई न हो
कोर्ट के संभल जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर दिए गए फैसले पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा- कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं। हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। इतना जरूर कहेंगे कि कोर्ट को यह देखना चाहिए कि जो भी लोग आ रहे हैं, वो किसी पार्टी के नुमाइंदे बनकर न आए। क्योंकि मंदिर और मस्जिद के नाम पर लोगों का विश्वास टूटता भी है और बनता भी है। बहुत लोग मारे जा चुके हैं, इसलिए अब मंदिर-मस्जिद के नाम पर लड़ाई न हो। लड़ाई हो तो विकास, बेरोजगारी और अशिक्षा के लिए हो। 2 जनवरी, 2025 को दाखिल हुई थी सर्वे रिपोर्ट
संभल में जामा मस्जिद की 45 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चंदौसी कोर्ट में 2 जनवरी 2025 को दाखिल कर दी गई थी। 4.5 घंटे की वीडियोग्राफी और 1200 से अधिक फोटो भी अदालत को दिए गए। इसमें दावा किया गया कि जामा मस्जिद में मंदिर होने के सबूत मिले हैं। मस्जिद में 50 से ज्यादा फूल, निशान और कलाकृतियां मिली हैं। अंदर 2 वट वृक्ष हैं। हिंदू धर्म में वट वृक्ष की पूजा की जाती है। एक कुआं है, उसका आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर और आधा हिस्सा बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढंक दिया गया है। ……………. ये खबर भी पढ़िए- हत्या कर 4 करोड़ का कॉपर लूटने वाला एनकाउंटर में ढेर:कौशांबी पुलिस ने 3 गोलियां मारीं, SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान कौशांबी में ट्रेलर ड्राइवर की हत्या कर 4 करोड़ का कॉपर लूटने वाले संतोष उर्फ राजू को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि 5 लोग कॉपर बेचने की तैयारी में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार संतोष समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें पूरी खबर
हिंसा के बाद मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए सर्वे पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को आदेश दिया कि इस मामले की सुनवाई की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने तब तक संभल कोर्ट को इस मामले में आगे कार्रवाई करने से रोक दिया था। 8 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए मस्जिद के सर्वे पर रोक लगा दी थी। साथ ही इंतजामिया कमेटी समेत सभी पक्ष से जवाब मांगा था। इसके बाद सुनवाई शुरू हुई। 13 मई को बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला रिजर्व रख लिया था। हाईकोर्ट ने अब सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। साथ ही, कहा कि मुकदमा चलता रहेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट ने संभल कोर्ट के सर्वे के फैसले को सही माना है। साथ ही, आगे वहीं पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब आगे क्या होगा? हिंदू पक्ष का दावा- संभल मस्जिद नहीं, हरिहर मंदिर
संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। यह याचिका संभल में स्थित कैलादेवी मंदिर के महंत ऋषि राज गिरि महाराज ने लगाई। उसी दिन यानी 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था। इसी दौरान भारी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस की टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- अब मंदिर-मस्जिद के लिए लड़ाई न हो
कोर्ट के संभल जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर दिए गए फैसले पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा- कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं। हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। इतना जरूर कहेंगे कि कोर्ट को यह देखना चाहिए कि जो भी लोग आ रहे हैं, वो किसी पार्टी के नुमाइंदे बनकर न आए। क्योंकि मंदिर और मस्जिद के नाम पर लोगों का विश्वास टूटता भी है और बनता भी है। बहुत लोग मारे जा चुके हैं, इसलिए अब मंदिर-मस्जिद के नाम पर लड़ाई न हो। लड़ाई हो तो विकास, बेरोजगारी और अशिक्षा के लिए हो। 2 जनवरी, 2025 को दाखिल हुई थी सर्वे रिपोर्ट
संभल में जामा मस्जिद की 45 पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चंदौसी कोर्ट में 2 जनवरी 2025 को दाखिल कर दी गई थी। 4.5 घंटे की वीडियोग्राफी और 1200 से अधिक फोटो भी अदालत को दिए गए। इसमें दावा किया गया कि जामा मस्जिद में मंदिर होने के सबूत मिले हैं। मस्जिद में 50 से ज्यादा फूल, निशान और कलाकृतियां मिली हैं। अंदर 2 वट वृक्ष हैं। हिंदू धर्म में वट वृक्ष की पूजा की जाती है। एक कुआं है, उसका आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर और आधा हिस्सा बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढंक दिया गया है। ……………. ये खबर भी पढ़िए- हत्या कर 4 करोड़ का कॉपर लूटने वाला एनकाउंटर में ढेर:कौशांबी पुलिस ने 3 गोलियां मारीं, SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट से बची जान कौशांबी में ट्रेलर ड्राइवर की हत्या कर 4 करोड़ का कॉपर लूटने वाले संतोष उर्फ राजू को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि 5 लोग कॉपर बेचने की तैयारी में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर कार सवार संतोष समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें पूरी खबर